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भारत की सुस्ती क्यों बिगाड़ेगी तेल का खेल, नहीं सुधरे हालात तो और ​गिरेंगे भाव

क्रूड में क्यों आ सकती है बड़ी गिरावट

June 10, 2019 4:17 PM
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सप्लाई टाइट होने और यूएस का मेक्सिको के साथ विवाद में नरमी आने से सोमवार को क्रूड की कीमतों में तेजी आई है. ब्रेंट क्रूड 0.21 फीसदी की तेजी के साथ 63.42 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. वहीं WTI क्रूड 0.37 फीसदी की तेजी के साथ 54.19 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. हालांकि एक्सपर्ट का मानना है कि क्रूड में तेजी जारी रहने की उम्मीद नहीं है. US-चीन ट्रेड वार अभी खत्म होता नहीं दिख रहा है. वहीं भारत, चीन और ब्राजील जैसे देशों में संभावित सुस्ती से भी तेल की कीमतों में गिरावट आ सकती है.

ग्लोबल डिमांड में कमी आने की उम्मीद

ब्रिटेन के बारक्लेज बैंक ने एक नोट में कहा है कि हाल ही में यूएस, चीन, भारत और ब्राजील जैसे देशों की इकोनॉमी रिवाइव की गई है. इनमें जीडीपी ग्रोथ रेट का अनुमान पहले से घटा दिया गया है. यह ग्लोबल स्लोडाउन का संकेत है. इससे आने वाले दिनों में इन देशों द्वारा तेल की डिमांड में बड़ी कमी आ सकती है, जहां दुनियाभर में सबसे ज्यादा कंजम्पशन हो रहा है. ब्रिटिश बैंक के अनुसार इस साल के लिए तेल की डिमांड में 3 लाख बैरल प्रति दिन की कमी आने की संभावना है.

ट्रेड वार से कीमतों पर दबाव

BNP परिबास के ऑयल स्ट्रेटजिस्ट हैरी चिलींगुरियन के अनुसार के अनुसार सेंट्रल अमेरिका ने मेक्सिको के इंपोर्ट पर टैरिफ लगाने की जो बात कही थी, अब उससे मना कर दिया है. इससे बाजार में सेंटीमेंट अच्छे बने. वहीं क्रूड की सप्लाई भी पिछले दिनों घटी है, जिसका नतीजा क्रूड में तेजी आने के रूप में देखा गया है. लेकिन यह तेजी स्टेबल नहीं दिख रही है.

उनके अनुसार यूएस और चीन में ट्रेड वार घटता हुआ नहीं दिख रहा है. वहीं ग्लोबल स्लाडाउन की आशंका बनी हुई है. चीन दुनिया में क्रूड का बड़ा खरीददार है. लेकिन ट्रेड वार के चलते चीन की ओर से डिमांड में कमी देखी जा रही है. मई में चीन का इंपोर्ट अप्रैल के आलटाइम हाई 43.73 मिलियन टन से गिरकर 40.23 मिलियन टन पर आ चुका है. वहीं ग्लोबल स्लोडाउन की आशंकाओं के चलते क्रूड की डिमांड पहले से ही कम बनी हुई है. ऐसे में आगे क्रूड में फिर एक गिरावट बन सकती है.

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