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COVID-19 पर बड़ी खबर: वैज्ञानिकों ने बनाया कोरोना वायरस प्रोटीन, इलाज में ऐसे करेगा मदद

वैज्ञानिकों ने लैब में कोरोना वायरस से ही एक खास प्रोटीन तैयार किया है, जो आगे बेहद कारगर साबित हो सकता है.

Published: July 24, 2020 12:48 PM
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कोरोना वारस के इलाज को लेकर बड़ी खबर आ रही है. वैज्ञानिकों ने लैब में कोरोना वायरस से ही एक खास प्रोटीन तैयार किया है, जो आगे बेहद कारगर साबित हो सकता है. वैज्ञानिकों के अनुसार यह प्रोटीन कोविड​​-19 के इलाज के लिए बने रहे वैक्सीन की क्षमता बढ़ाने के साथ ही उनके उत्पादन बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है. टेक्सास विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के अनुसार अधिकांश COVID-19 वैक्सीन बनाने वाली कंपनियां भी कोरोनो वायरस SARS-CoV-2 के सरफेस पर मौजूदा प्रोटीन संक्रमण के खिलाफ लड़ने में सहायक है.

पहले से 10 गुना ज्यादा प्रभावी

जर्नल साइंस में प्रकाशित वर्तमान स्टडी में वैज्ञानिकों ने इस प्रोटीन का एक नया संस्करण डिजाइन किया है. पहले से ज्यादातर तैयार कोविड 19 वैक्सीन में पहले से ही सिंथेटिक एस प्रोटीन का इस्तेमाल किया जा रहा है. नया डिजाइन प्रोटीन इस पहले प्रोटीन की तुलना में कोशिकाओं में 10 गुना अधिक उत्पादन किया जा सकता है.

वैक्सीन का बढ़ेगा उत्पादन

टेक्सास यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ लेखक जेसन मैकलेलन का कहना है कि प्रोटीन का यह उन्नत संस्करण प्रत्येक वैक्सीन के डोज के आकार को कम कर सकता है या वेक्सीन के उत्पादन में तेजी ला सकता है. इसका मतलब यह हुआ कि ज्यादा से ज्यादा मरीजों में वैक्सीन की पहुंच बए़ सकती है. यह नया डिजाइन किया गया वेक्सीन पहले के डेवलप प्रोटइन की तुलना में ज्यादा स्टेबल भी है. इसे स्टोर करना या इसका ट्रांसपोर्टेयान भी पहले से आसान हुआ है.

उन्होंने कहा कि नया एस प्रोटीन कमरे के तापमान पर स्टोरेज के दौरान, हीट स्ट्रेस के तहत भी अपना आकार बनाए रखता है. यह एक बेहतर वैक्सीन के लिए सबसे जरूर गुण है.

कैसे बनाया प्रोटीन

शोधकर्ताओं ने सबसे पहले एस प्रोटीन के 100 अलग-अलग संशोधनों की पहचान की, जिनके बारे में उनका मानना ​​था कि यह अधिक स्थिर और अधिक हाइली एक्सप्रेस्ड वर्जन हो सकता है. फिर उन्होंने प्रत्येक संस्करण के लिए आनुवंशिक ब्लूप्रिंट को मानव कोशिकाओं की एक अलग संस्कृति में सम्मिलित करके प्रोटीन के 100 विभिन्न संस्करण बनाए. 100 संस्करणों में से, वैज्ञानिकों ने कहा कि 26 अधिक स्थिर थे या कोशिकाओं में उनका उत्पादन ज्यादा था. जिनमें से उन्होंने बेनेफिशियल मोडिफिकेशन से 4 और अपने ओरिजिनल स्टेबिलाइज्ड एस प्रोटीन से 2 को लिया और HexaPro बनाने के लिए उन्हें कंबाइंड किया. अध्ययन में कहा गया है कि जब उन्होंने एस प्रोटीन के इस संस्करण के लिए आनुवंशिक ब्लूप्रिंट एक मानव कोशिका संवर्धन में डाला, तो कोशिकाओं ने अपने मूल प्रोटीन की तुलना में 10 गुना अधिक प्रोटीन का उत्पादन किया.

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