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Express Investigation Part 1: राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, चीफ जस्टिस, विपक्षी नेता, सीएम, पत्रकार और उनके परिवार पर चीन की नजर, 10,000 लोगों की मॉनिटरिंग

China Monitoring: एक नए खुलासे में पता चला है कि ड्रैगन भारत के करीब 10 हजार से ज्यादा हस्तियों और संगठनों की एक कंपनी के जरिए जासूसी कर रहा है.

, and Updated: Sep 14, 2020 3:25 PM
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चीन सरकार और चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़ी शेनजेन बेस्ड टेक्नोलॉजी कंपनी भारत के 10 हजार से अधिक लोगों की निगरानी कर रही है. यह कंपनी हाइब्रिड वारफेयर और चीनी राष्ट्र के महान कायाकल्प के लिए बड़े डाटा का उपयोग करने में खुद को अग्रणी बताती है. यह खुलासा ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक ​जांच में हुआ है.

झेनहुआ डेटा इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी कंपनी लिमिटेड की ओर से इन 10 हजार लोगों की रियल टाइम निगरानी की जा रही है. इस में इन लोगों से जुड़ी हर छोटी और बड़ी सूचना शामिल है. जिन लोगों पर चीन की ओर से निगरानी की जा रही है, उनमें पीएम मोदी, राष्ट्रपति कोविंद से लेकर टॉप बिजनेसमैन, विपक्षी नेता, खिलाड़ी, चीफ जस्टिस और कलाकार और यहां तक कि मीडिया से जुड़े लोग भी शामिल हैं.

ये नाम लिस्ट में टॉप पर

पीएम नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, रविशंकर प्रसाद, निर्मला सीतारमण, स्मृति इरानी और पीयूष गोयल, पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत, पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह, महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे, ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक, मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान. इसके अलावा सीडीएस बिपिन रावत और सेना, नौसेना और वायुसेना के कम से कम 15 पूर्व प्रमुखों पर की निगरानी भी की जा रही है. भारत के मुख्य न्यायाधीश शरद बोबडे और जस्टिस एएम खानविलकर से लेकर लोकपाल जस्टिस पी सी घोष और कैग जीसी मुर्मू भी लिस्ट में शामिल हैं. इसके अलावा कई उद्योगपतियों, खिलाड़ियों और कलाकारों पर भी चीन की नजर है.

सचिन तेंदुलकर पर भी नजर

चीनी कंपनी खेल से लेकर कला जगत के लोगों पर भी नजर रख रही है. इसमें सचिन तेंदुलकर, फिल्म डायरेक्टर श्याम बेनेगल, क्लासिक डज्ञंसर सोनल मानसिंह, अकाल तख्त के जत्थेदार गुरबचन सिंह, कई चर्चों के आर्कबिशप, राधे मां, बीबी जागीर कौर जैसे नाम भी शामिल हैं.

मीडिया के ये नाम

चीनी डेटा कंपनी की इस लिस्ट में भारतीय मीडिया से जुड़े द हिंदू के एडिटर इन चीफ एन. रवि, जी न्यूज के एडिटर इन चीफ सुधीर चौधरी, इंडिया टुडे ग्रुप के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई, पीएमओ में मीडिया सलाहकार संजय बारू और इंडियन एक्सप्रेस के मुख्य संपादक राज कमल झा का नाम शामिल है.

अपराधियों पर भी नजर

चीन की नजर राजनीतिक और आधिकारिक प्रतिष्ठान में प्रभावशाली व्यक्ति ही नहीं, बल्कि टॉप अपराधियों पर भी है. वह क्षेत्र के लोगों की निगरानी करवा रहा है. इसमें अहम पदों पर बैठे नौकरशाह, जज, वैज्ञानिक, शिक्षाविद, पत्रकार, कलाकार और खेल से जुड़ी हस्तियां शामिल हैं. इसके अलावा धार्मिक नेताओं और कार्यकर्ताओं पर भी नजर है. यही नहीं, चीन वैसे लोगों पर भी नजर रखवा रहा है जिनपर भ्रष्टाचार, क्राइम, आतंकवाद, तस्करी से जुड़े होने जैसे बड़े आरोप हैं.

रिश्तेदारों की भी ट्रैकिंग

जांच में पता चला है कि ओकेआईडीबी लोगों के रिश्तेदारों को भी ट्रैक करता है. इनमें प्रधान मंत्री की पत्नी जशोदाबेन, राष्ट्रपति कोविंद की पत्नी सविता कोविंद, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की पत्नी गुरशरण कौर, सोनिया गांधी के पति राजीव गांधी और पुत्र राहुल गांधी व बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव के पिता मुलायम सिंह यादव व पत्नी डिपंल यादव, स्मृति ईरानी के पति जुबिन ईरानी जैसे नाम शामिल हैं.

द इंडियन एक्सप्रेस के सवालों का जवाब देते हुए चीनी दूतावास के एक सूत्र ने कहा कि चीन ने कंपनियों या व्यक्तियों को चीन सरकार के लिए बैकडोर या स्थानीय कानूनों का उल्लंघन करके अन्य देशों के क्षेत्रों में संग्रहित डाटा, सूचना और खुफिया जानकारी जुटाने या प्रदान करने के निए नहीं कहा है. हालांकि सूत्र ने इस प्रश्न का जवाब नहीं दिया कि अगर चीनी सरकार या सेना कंपनी द्वारा किए गए दावे के अनुसार झेनहुआ डेटा के ग्राहक थे, या चीनी सरकार ने ओकेआईडीबी डेटा का उपयोग किस उद्देश्य के लिए किया था.

ऐसे मिली जानकारी?

रिपोर्ट के मुताबिक, इंडियन एक्सप्रेस ने बिग डेटा टूल्स का इस्तेमाल करते हुए झेनहुआ के इस ऑपरेशंस से जुड़े मेटा डेटा की जांच की, जिसके बाद इस बात का खुलासा हुआ. जांच में बड़े पैमाने पर लॉग फाइल के डंप से भारतीय संस्थाओं से जुड़ी जानकारी निकाली गई. डेटा लीक करने वाली कंपनी ने इसे ओवरसीज की इंफोर्मेशन डेटाबेस का नाम दिया. इस डेटाबेस में एडवांस लैंग्वेज, टार्गेटिंग और क्लासिफिकेशन टूल्स का इस्तेमाल किया गया है. इसमें सैकड़ों एंट्रीज बिना किसी कारण के हैं. इसमें यूनाइटेड स्टेट्स, यूनाइटेड किंगडम, जापान, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और यूएई की भी एंट्रीज हैं.

Translated By Sushil Tripathi

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