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  1. UAE में नौकरी की है चाह तो हो जाएं अलर्ट! दिया जा रहा है फर्जी झांसा, फंस चुके हैं 9 भारतीय

UAE में नौकरी की है चाह तो हो जाएं अलर्ट! दिया जा रहा है फर्जी झांसा, फंस चुके हैं 9 भारतीय

खलीज टाइम्स की खबर के अनुसार, केरल के ये सभी लोग अल ऐन और अजमान में फंसे हुए हैं.

July 21, 2019 12:59 PM
Nine Indian men stranded in UAE after accepting fake job offersImage: Reuters

सोशल मीडिया के माध्यम से फर्जी नौकरी की पेशकश के झांसे में आने के बाद नौ भारतीय संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में फंस गए हैं. खलीज टाइम्स की खबर के अनुसार, केरल के ये सभी लोग अल ऐन और अजमान में फंसे हुए हैं. उनका दावा है कि वे वॉट्सऐप के जरिए शफीक नामक एजेंट से मिले थे और उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात के यात्रा वीजा के लिए 70000 रुपये का भुगतान किया था.

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब कुछ महीने पहले दुबई में भारतीय वाणिज्य दूतावास (Consulate General of India) ने नौकरी के इच्छुक लोगों को संयुक्त अरब अमीरात में नौकरी दिलाने के फर्जी इश्तहारों से दूर रहने की अपील की थी. वाणिज्य दूतावास ने कहा, ‘‘नौकरी पाने को इच्छुक लोग नौकरी की ऐसी फर्जी पेशकश के जाल में नहीं फंसें और वे इस संबंध में वाणिज्य दूतावास से स्पष्टीकरण पा सकते हैं.’’

क्या कहना है फंसे हुए भारतीयों का

यूएई में फंस गए नौ भारतीयों में से एक केरल के मलप्पुरम निवासी फाजिल ने कहा, ‘‘केरल में एक वॉट्सऐप संदेश शेयर किया जा रहा था कि 15 दिनों के अंदर संयुक्त अरब अमीरात में नौकरी पाएं और मुझे भी यह फॉरवर्डेड मैसेज मिला. मैंने सोचा कि यह सही होगा क्योंकि कई लोग रुचि ले रहे थे.’’ उसने कहा कि उसने एजेंट से बातचीत की थी, जिसने उसे अल ऐन में एक सुपरमार्केट में नौकरी दिलाने का वादा किया.

आगे कहा, ‘‘एजेंट ने मुझसे कहा कि मुझे 22496 रुपये की तनख्वाह मिलेगी और मुफ्त खाना-पीना मिलेगा. मैं मुश्किल दौर से गुजर रहा था और मैंने सोचा कि यह मेरे लिए अच्छी शुरुआत होगी.’’ फाजिल ने बताया कि उसने जाने के वास्ते पैसे जुटाने के लिए अपनी मां के गहने गिरवी रख दिए लेकिन उसे नौकरी नहीं मिली. उनके अनुसार जब ये लोग 15 जुलाई को अबू धाबी पहुंचे, तब उन्होंने अहसास हुआ कि वे ठगे गए हैं.

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अबू धाबी की इंडियन एंबेसी करेगी मदद

इन नौ में से एक अन्य और केरल के कोझिकोड़ निवासी मोहम्मद रफीक ने बताया कि हवाई अड्डे पर हमें समीर नामक एक स्थानीय एजेंट मिला, जो हम में से चार को अजमान और पांच को अल ऐन ले गया. जब हमने उससे नौकरी के बारे में पूछा तो उसने कहा कि सुपरमार्केट का अधिकारी जेल में है और ऐसे में उन्हें हमारे लिए नई नौकरी ढूंढनी होगी. अबू धाबी में भारतीय दूतावास आगे आया है और उसने इन लोगों को वापस भेजने में मदद की पेशकश की है.

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