सर्वाधिक पढ़ी गईं

Mixing Covid-19 Vaccines: वैक्सीन मिक्सिंग को लेकर WHO ने किया आगाह, मुख्य वैज्ञानिक ने इसे बताया खतरनाक ट्रेंड

Mixing Covid-19 Vaccines: वैक्सीनेशन कार्यक्रम के तहत कई स्थानों पर वैक्सीन की डोज मिक्स करने की संभावना पर विचार चल रहा है और कई जगह इसकी प्रैक्टिस शुरू भी हो गई है.

July 13, 2021 9:12 AM
Mixing Covid-19 Vaccines WHO chief scientist Soumya Swaminathan warns against mixing and matching COVID vaccinesडब्ल्यूएचओ की मुख्य वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन ने वैक्सीन मिक्सिंग को लेकर लोगों को चेताते हुए कहा कि मौजूदा दौर में इसे लेकर कोई डेटा नहीं है और इसकी प्रभावी क्षमता को लेकर तथ्य नहीं है.

Mixing Covid-19 Vaccines: दुनिया भर में कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में सबसे कारगर हथियार के तौर पर वैक्सीनेशन कार्यक्रम तेजी से जारी है. वैक्सीनेशन कार्यक्रम के तहत कई स्थानों पर वैक्सीन की डोज मिक्स करने की संभावना पर विचार चल रहा है और कई जगह इसकी प्रैक्टिस शुरू भी हो गई है. अब विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की मुख्य वैज्ञानिक ने सोमवार को इसे लेकर आगाह किया है. मुख्य वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन ने अलग-अलग कंपनियों द्वारा बनाई गई कोरोना वैक्सीनों को मिक्स कर उसकी डोज लगवाने को लेकर चेताया है. स्वामीनाथन ने इसे खतरनाक ट्रेड बताते हुए कहा कि इससे स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इसे लेकर कोई स्टडी नहीं किया गया है तो ऐसे में अलग-अलग वैक्सीन को मिक्स करना खतरनाक है. विभिन्न कंपनियों की वैक्सीन को मिक्स करने का मतलब यह है कि पहली डोज के रूप में एक कंपनी की कोरोना वैक्सीन लगवाई जाए और दूसरी डोज के रूप में दूसरी कंपनी की वैक्सीन.

कोरोना से लड़ाई में चिंता बढ़ाने वाली खबर, सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 21 जून के बाद से धीमी पड़ी टीकाकरण की रफ्तार

वैक्सीन मिक्सिंग और मैचिंग को लेकर कोई डेटा नहीं

डब्ल्यूएचओ की मुख्य वैज्ञानिक वैक्सीन मिक्सिंग को लेकर लोगों को चेताते हुए कहा कि मौजूदा दौर में इसे लेकर कोई डेटा नहीं है और इसकी प्रभावी क्षमता को लेकर तथ्य नहीं है. ऐसे में वैक्सीन को मिक्स और मैच करने को लेकर हम सभी डेटा-फ्री और एविडेंस-फ्री जोन में है जिसके चलते यह एक खतरनाक ट्रेंड है. स्वामीनाथन ने कहा कि अगर नागरिक खुद फैसला करें कि किसे और कब वैक्सीन की दूसरी, तीसरी या चौथी डोज लेनी है. डब्ल्यूएचओ के मुताबिक ऐसे देशों में यह एक अफरातफरी वाली स्थिति है.

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की स्टडी में मिक्सिंग को बताया गया था बेहतर

पिछले महीने ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की एक स्टडी में दावा किया गया था कि कोविड-19 से बचाव के लिए अगर एक डोज़ ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका (Oxford-AstraZeneca) की बनाई वैक्सीन की और दूसरी डोज़ फाइजर-बायोएनटेक (Pfizer-BioNTech) के टीके की लगाई जाए तो काफी बेहतर इम्यूनिटी मिलती है. भारत में एस्ट्राजेनेका का टीका कोविशील्ड के नाम से लगाया जा रहा है. रिसर्च के मुताबिक इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि दोनों में कौन सी वैक्सीन पहले लगाई गई और कौन सी बाद में.

Covid-19 Vaccine: कोविशील्ड और फाइजर की वैक्सीन अदला-बदली करके देना ज्यादा कारगर, स्टडी में जबरदस्त इम्यूनिटी का दावा

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. अंतरराष्ट्रीय
  3. Mixing Covid-19 Vaccines: वैक्सीन मिक्सिंग को लेकर WHO ने किया आगाह, मुख्य वैज्ञानिक ने इसे बताया खतरनाक ट्रेंड

Go to Top