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भारत में नहीं है क्रिप्टोकरंसी को मान्यता, Facebook की Libra कैसे बनेगी मोबाइल पेमेंट गेटवे

Facebook की क्रिप्टोकरंसी से अब पर्दा हट गया है.

June 19, 2019 1:17 PM
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सोशन नेटवर्किंग साइट फेसबुक (Facebook) की क्रिप्टोकरंसी से अब पर्दा हट गया है. इस क्रिप्टोकरंसी को लिब्रा (Libra) नाम से अगले साल ग्लोबली लॉन्च किया जाएगा. ब्लूमबर्ग के मुताबिक, फेसबुक और उसकी 27 साझेदार कंपनियों ने नई करंसी लिब्रा का प्रोटोटाइप पेश किया. इसके संचालन के लिए कैलिब्रा (Calibra) नाम का प्लेटफॉर्म भी पेश किया गया है. जिसकी मदद से लिब्रा का लेनदेन किया जा सकेगा. फेसबुक का कहना है कि लिब्रा के जरिए पेमेंट करना मैसेज भेजने जितना आसान होगा. ​

बढ़ेगी Paytm और PhonePe की मुश्किलें!

यह एक पेमेंट गेटवे है और इसके बाजार में आने के बाद पहले से मौजूद पेटीएम और फोन पे जैसे पेमेंट गेटवे की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. हालांकि, फेसबुक को भारत सहित कई देशों में लिब्रा को लेकर दिक्कत आ सकती है. बता दें, भारत में क्रिप्टोकरंसी अभी लीगल टेंडर नहीं है. बैंकिंग एवं करंसी रेग्युलेटर आरबीआई साफ तौर इसे मान्यता देने से इनकार कर चुका है.

वॉलेट सिस्टम भी पेश होगा

कंपनी ने एक डिजिटल वॉलेट सिस्टम भी पेश किया है जहां ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड रखा जा सकेगा. फेसबुक के मुताबिक, यह ग्लोबल करेंसी होगी जो ब्लॉक चेन टेक्नोलॉजी पर आधारित होगी. वहीं, Calibra कंपनी की नई सब्सिडियरी है, जिसका मकसद लोगों को वित्तीय सेवाएं प्रदान कराना है. इससे यूजर्स को लिब्रा नेटवर्क का एक्सेस मिल सकेगा. फेसबुक लिब्रा क्रिप्टोकरंसी के लिए एक डिजिटल वॉलेट लाएगा.

किन्हें होगा फायदा

लिब्रा का उद्देश्य दुनिया के 170 करोड़ ऐसे वयस्कों के लिए गुड्स एंड सर्विसेज के लिए पेमेंट करने और पैसों की लेन-देन की सुविधा देना है, जिनके पास बैंक अकाउंट नहीं हैं. उम्मीद की जा रही है कि इस सुविधा का उपयोग दुनियाभर के करोड़ों ट्रेडर्स करेंगे और वे कैश को लिब्रा में बदलकर इसके वॉलेट में सेफ रखेंगे जो बाद में ट्रांजैक्शन में काम आएगा.

फेसबुक ऐसा क्यों कर रहा है

हाल के सालों में सोशल नेटवर्क की रेवेन्यू ग्रोथ सुस्त पड़ी है. यह विज्ञापन के अलावा नए तरीकों से पैसा बनाने की संभावनाएं तलाश रहा है. लिब्रा पेमेंट और कॉमर्स में नए रेवेन्यू राजस्व अवसरों को संभावित रूप से अनलॉक कर सकता है. फेसबुक के साझेदार मसलन Visa Inc और उबर टेक्नोलॉजीज इंक की इसे लेकर अपने मोटिवेशंस हैं.

प्राइवेसी

प्राइवेसी को लेकर कंपनी का कहना है कि कुछ मामलों को छोड़कर यूजर के अकाउंट इन्फॉर्मेशन और डाटा किसी भी थर्ड पार्टी को बिना यूजर की इजाजत के शेयर नहीं किया जाएगा. इसका इस्तेमाल विज्ञापन के लिए नहीं किया जाएगा. हालांकि, कुछ मामलों में कंपनी डाटा का इस्तेमाल कर सकती है.

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