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अब भूसे और बुरादे से बनेगा फ्यूल, जानिए किन कंपनियों को होगा फायदा

कैथोलीक यूनिर्विसटी के रिसर्चर्स ने भूसे में पर्याप्त मात्रा में मौजूद सेलुलोज को हाइड्रोकार्बन चेन के रूप में विकसित करने का तरीका खोज लिया है.

September 25, 2018 1:06 PM
fuel from straw, Bio fuel from straw, Petrol, Diesel, Petrolium Products, Indian Oil, Modi Govt, Petrol and diesel Pricesकैथोलीक यूनिर्विसटी के रिसर्चर्स ने भूसे में पर्याप्त मात्रा में मौजूद सेलुलोज को हाइड्रोकार्बन चेन के रूप में विकसित करने का तरीका खोज लिया है. (PTI)

वैज्ञानिकों ने भूसे या बुरादे से गैसोलीन/फ्यूल बनाने का नया तरीका खोज लिया है. इससे गैस प्लांट्स को ग्रीन फ्यूल बनाने में और मदद मिलेगी. बेल्जियम के लुवेन स्थित कैथोलीक यूनिर्विसटी के रिसर्चर्स ने भूसे में पर्याप्त मात्रा में मौजूद सेलुलोज को हाइड्रोकार्बन चेन के रूप में विकसित करने का तरीका खोज लिया है.

विश्वविद्यालय के बर्ट सेल्स का कहना है कि इस हाइड्रोकार्बन को गैसोलीन में मिलाकर फ्यूल के रूप में इसका प्रयोग किया जा सकता है. सेलुलोज मिश्रित गैसोलीन ‘सेकेंड जेनरेशन बॉयो फ्यूल’ होगा. उनका कहना है, हम पौधों के अवशेषों से शुरूआत कर उसे पेट्रोकेमिकल के रूप में विकसित करने के लिए एक रासायनिक प्रक्रिया का प्रयोग करते हैं.

उनका कहना है, इस बॉयो फ्यूल की गुणवत्ता इतनी अच्छी है कि प्रक्रिया खत्म होने के बाद सेलुलोज से बने गैसोलीन और प्राकृतिक गैसोलीन में फर्क करने के लिए आपको कार्बन डेटिंग प्रक्रिया का इस्तेमाल करना होगा.

रिसर्चर्स ने 2014 में अपनी लैब में एक ‘केमिकल रिएक्टर’ स्थापित किया था जो कम मात्रा में सेलुलोज गैसोलीन का उत्पादन कर सकता है.

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