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Taliban Afghanistan Crisis: अफगानिस्तान से बाहर निकलना हुआ मुश्किल, ब्लास्ट के बाद इन देशों ने एयरलिफ्ट बंद करने का किया ऐलान

Taliban Afghanistan Crisis: काबुल एयरपोर्ट के बाहर धमाकों में 13 अमेरिकी सैनिकों समेत करीब 73 लोगों की मौत पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि न भूलेंगे और न माफ करेंगे.

Updated: Aug 27, 2021 4:27 PM
kabul-taliban-afghanistan-latest-updates-afghanistan- tracker-hamid-karzai-airport-news-kabul-live-news-panjshir-news-ahmad-massoud-news-nato-news-isis-afghanistanअमेरिका ने पिछले 11 दिनों में उसे 1 लाख से अधिक लोगों को अफगानिस्तान से बाहर निकाला है.

Taliban Afghanistan Crisis: काबुल एयरपोर्ट पर हमले के एक दिन बाद आज 27 अगस्त को ऑस्ट्रेलिया ने एयरलिफ्ट ऑपरेशन को बंद करने का फैसला किया है. फ्रांस ने कल ही ऐलान ही कर दिया था कि शुक्रवार के बाद किसी को अफगानिस्तान से बाहर नहीं निकाला जाएगा. हंगरी ने कहा कि उसने अपने सभी नागरिकों और अफगान सहयोगियों को निकाल लिया है. हालांकि अभी अमेरिका और ब्रिटेन 31 अगस्त की डेडलाइन के मुताबिक ही लोगों को अफगानिस्तान से बाहर निकालेंगे. इन देशों के इस फैसले से अब अफगानिस्तान में फंसे लोगों के सामने लगभग कोई विकल्प नहीं बचा है. अमेरिका के दावे के के मुताबिक पिछले 11 दिनों में उसने अफगानिस्तान से 1 लाख से अधिक लोगों को बाहर निकाला है.

अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने ISIS-K को दी चेतावनी

अफगानिस्तान के हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Kabul Airport) के बाहर बम धमाकों में 60 से अधिक आम नागरिकों की जानें चली गईं. इसके अलावा 13 अमेरिकी सैनिकों को भी अपनी जान गंवानी पड़ी है. मंगलवार की शाम को ISISI ने सीरियल ब्लास्ट्स किए जिसमें करीब 200 लोग घायल हो गए हैं. इन धमाकों का निशाना काबुल एयरपोर्ट के बाहर जमा लोग थे. अमेरिकी सरकार ने इस पर सख्त प्रतिक्रिया दी है और कहा कि खतरे के बावजूद लोगों को अफगानिस्तान से निकालने की प्रक्रिया जारी रहेगी.

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपने सैनिकों और अफगानी नागरिकों की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि अमेरिका सरकार इसे नहीं भूलेगी और न ही माफ करेगी. अमेरिकी सरकार ने कहा कि इसका अंजाम हमलावरों को भुगतना होगा. राष्ट्रपति बाइडेन ने कहा कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त अमेरिकी सैनिकों को अफगानिस्तान भेजा जा सकता है. हालांकि उन्होंने आइसिस-के और तालिबान के बीच विचारधारा के अंतर का भी उल्लेख किया.

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ISIS-Khorasan Group है हमले के पीछे

अब तक मिली जानकारी के मुताबिक काबुल एयरपोर्ट के बाहर हुए हमले के पीछे आइसिस-खोरासान समूह है. 2014-15 के मूल इस्लामिक स्टेट टेरर ग्रुप के उग्र संस्करण ISISI-K को तालिबान का दुश्मन माना जाता है. अफगानिस्तान के कार्यवाहक राष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने ट्वीट कर कहा, “तालिबान अपने मास्टर से काफी कुछ सीख गया है. तालिबान आइसिस के साथ अपने संबंधों से इनकार कर रहा है और यह ठीक वैसे ही जैसे पाकिस्तान आतंकी संगठन क्वेटा को लेकर दावा करता है. हमारे पास इसके तथ्य हैं कि आइसिस-के का मूल तालिब और हक्कानी नेटवर्क में है.”

इजराइल के प्रधानमंत्री और बाइडेन की बैठक टली

काबुल एयरपोर्ट के बाहर धमाकों के चलते अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और इजराइल के प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट के बीच होने वाली बैठक टल गई है. यह बैठक गुरुवार को होनी थी. जून में जब से बेनेट इजराइल के प्रधानमंत्री बने हैं, उसके बाद से उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन से पहली मुलाकात होती. अब यह मुलाकात शुक्रवार को होगी.

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