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  1. 2008-17: दक्षिण एशियाई देशों में भारत में बढ़ी सबसे ज्यादा सैलरी, ILO की रिपोर्ट

2008-17: दक्षिण एशियाई देशों में भारत में बढ़ी सबसे ज्यादा सैलरी, ILO की रिपोर्ट

साल 2008 की मंदी के बाद से 2017 तक भारत उन साउथ एशियाई देशों में शामिल हैं, जहां लोगों की सैलरी सबसे ज्यादा बढ़ी.

November 27, 2018 4:29 PM
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साल 2008 की मंदी के बाद से 2017 तक भारत उन साउथ एशियाई देशों में शामिल हैं, जहां लोगों की सैलरी सबसे ज्यादा बढ़ी. इस दौरान एशिया और पैसिफिक रीजन में मजबूत इकोनॉमिक ग्रोथ का फायदा यहां के देशों के लोगों को मिला और उनकी सैलरी में दूसरे रीजन के लोगों की तुलना में अच्छी ग्रोथ हुई. इंटरनेशनल लेबर आॅर्गनाइजेशन (ILO) ने ग्लोबल वेज रिपोर्ट 2018/19 के नाम से अपनी ताजा रिपोर्ट में ये जानकारी दी है. रिपोर्ट के अनुसार इस रीतजन में भारत के अलावा चीन, थाईलैंड और वियतनाम भी लीडिंग देश हैं.

इमर्जिंग G20 देशों में पॉजिटिव ग्रोथ

साउथ एशिया में भारत में 2008 से 2017 के दौरान औसत रीयल वेज ग्रोथ रीजनल मीडियन 3.7 की तुलना में 5.5 रही है. भारत के अलावा इस रीजन से नेपाल (4.7), श्रीलंका (4), बांग्लादेश (3.4), पाकिस्तान (1.8) और ईरान (0.4) शामिल हैं. रिपोर्ट के अनुसार इमर्जिंग G20 देशों में मेक्सिको को छोड़कर अन्य देशों में औसत रीयल वेज ग्रोथ पॉजिटिव रही है. तेल की कीमतों में गिरावट से रूस में 2015 में ग्रोथ निगेटिव रही, लेकिन बाद में इसमें सुधार दिखा. तुर्की में इस दौरान 1 फीसदी निगेटिव ग्रोथ रही.

ओवरआॅल 2017 में ग्रोथ सबसे कम

2008 की मंदी के बाद से ग्लोबल स्तर पर 2017 में ग्रोथ में सबसे ज्यादा गिरावट रही. 2017 में ग्रोथ 1.8 फीसदी रही, जबकि 2016 में ग्रोथ 2.4 फीसदी रही थी. ILO ने यह रिपोर्ट 136 देशों में सैलरी को लेकर सटडी के बाद जारी की है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पिछले 20 साल में इमर्जिंग G20 देशों में ग्रोथ 3 गुना बढ़ी है, जबकि एडवांस G20 देशों में र्सिु 9 फीसदी का इजाफा हुआ है.

पुरूषों को मिलती है ज्यादा सैलरी

रिपोर्ट में पहली बार जेंडर गैप का भी जिक्र किया गया है. रिपोर्ट के अनुसार पुरूषों को मिलने वाली सैलरी महिलाओं की तुलना में 20 फीसदी ज्यादा है. यह डाटा 70 देशों की स्टडी के आधार पर लिया गया, जिसमें दुनियाभर के करीब 80 फीसदी कर्मचारी शामिल थे.

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