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  1. कुलभूषण जाधव केस: भारत के लिए बड़ी जीत, इंटरनेशनल कोर्ट ने फांसी पर लगाई रोक; काउंसलर एक्सेस उपलब्ध कराने का आदेश

कुलभूषण जाधव केस: भारत के लिए बड़ी जीत, इंटरनेशनल कोर्ट ने फांसी पर लगाई रोक; काउंसलर एक्सेस उपलब्ध कराने का आदेश

पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने ‘‘जबरन अपराध कबूल करने’’ के आधार पर जाधव को मौत की सजा सुनाई थी जिसे भारत ने चुनौती दी.

July 17, 2019 7:17 PM
ICJ decision today on kulbhushan jadhav on death row in pakistan important factsपाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने ‘‘जबरन अपराध कबूल करने’’ के आधार पर जाधव को मौत की सजा सुनाई थी जिसे भारत ने चुनौती दी. (Image: IE)

kulbhushan jadhav ICJ Verdict Today: अंतरराष्ट्रीय अदालत (ICJ) भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव (48) से जुड़े मामले में अपना फैसला सुना दिया है. अदालत ने कुलभूषण जाधव की फांसी पर रोक लगा दी है. कोर्ट ने पाकिस्तान से जाधव की दोषसिद्धि और फांसी पर फिर से विचार करने को कहा है. साथ ही आईसीजे ने पाकिस्तान को जाधव को काउंस​लर एक्सेस (राजनयिक पहुंच) उपलब्ध कराने का भी आदेश दिया है. कुलभूषण जाधव इस समय पाकिस्तान की जेल में बंद हैं.

पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने ‘‘जबरन अपराध कबूल करने’’ के आधार पर जाधव को मौत की सजा सुनाई थी जिसे भारत ने चुनौती दी. सेवानिवृत्त भारतीय नौसेना अधिकारी जाधव (49) को ‘‘जासूसी और आतंकवाद’’ के आरोपों पर पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने अप्रैल 2017 में मौत की सजा सुनाई थी. जाधव को यह सजा सुनाए जाने का भारत में कड़ा विरोध हुआ था.

क्या बोलीं पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज

जाधव मामले में भारत को आईसीजे में हासिल हुई बड़ी जीत के बाद पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि मैं आईसीजे के फैसले का तहेदिल से स्वागत करती हूं. यह भारत के लिए एक बड़ी जीत है.

वियना संधि के नियमों का उल्लंघन

ICJ ने कहा कि कोर्ट ने पाया है कि पाकिस्तान ने इस मामले में भारत को कुलभूषण जाधव से संपर्क करने, उससे जेल में मिलने और उसके कानूनी प्रतिनिधित्व के लिए व्यवस्था करने के अधिकार से वंचित रखा. इसके अलावा राजनयिक संबंधों पर वियना संधि के नियमों का उल्लंघन किया. ICJ में भारत के पक्ष में 15 और पाकिस्तान के पक्ष में 1 वोट पड़ा. हालांकि कोर्ट ने कुलभूषण जाधव की रिहाई की मांग को खारिज कर दिया.

द हेग, नीदरलैंड में हो रही थी सुनवाई

प्रेसीडेंट ऑफ द कोर्ट’ न्यायाधीश अब्दुलकावी अहमद यूसुफ ने सार्वजनिक सुनवाई के दौरान द हेग, नीदरलैंड में पीस पैलेस में यह फैसला सुनाया. इस हाई प्रोफाइल मामले में फैसला आने के करीब पांच महीने पहले न्यायाधीश यूसुफ के नेतृत्व में ICJ की 15 सदस्यीय पीठ ने भारत और पाकिस्तान की मौखिक दलीलें सुनने के बाद 21 फरवरी को आदेश सुरक्षित रख लिया था. मुकदमे की सुनवाई पूरी होने में दो साल और दो महीने का वक्त लगा.

पाकिस्तान विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मुहम्मद फैजल ने कहा कि पाकिस्तान ने आईसीजे के समक्ष मुकदमा पूरी तरह से लड़ा. सरकारी समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान ने उनके हवाले से कहा, ‘‘पाकिस्तान अच्छे फैसले की उम्मीद कर रहा है और वह आईसीजे के फैसले को स्वीकार करेगा.’’

मई 2017 में ICJ पहुंचा मामला

जाधव के सुनाए गए फैसले के खिलाफ भारत ने मई 2017 में आईसीजे में अपील की. भारत ने पाकिस्तान पर जाधव को काउंसलर मुहैया नहीं कराने का आरोप लगाया. भारत ने जाधव के खिलाफ पाकिस्तानी सेना के ट्रायल को भी चुनौती दी. आईसीजे ने 18 मई 2017 को पाकिस्तान पर जाधव के खिलाफ फैसला आने तक किसी भी तरह की कार्रवाई किए जाने को लेकर रोक लगाई.

इस मामले में इस साल फरवरी में आईसीजे ने चार दिन सुनवाई की. इस दौरान भारत-पाकिस्तान ने अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं. भारत ने अपने केस का आधार वियना संधि के अंतर्गत काउंसलर उपलब्ध कराना और मामले को हल करने की प्रक्रिया को बनाया है.

पाक ने जाधव पर लगाया जासूसी का आरोप

अंतरराष्ट्रीय अदालत में भारत ने जाधव की मौत की सजा रद्द करने और फौरन रिहा करने की मांग की है. पाकिस्तान का शुरू यह आरोप है कि भारतीय नौसेना अधिकारी जाधव एक बिजनेसमैन नहीं बल्कि एक जासूस है.

दावा है कि जाधव को उसकी सेना ने 3 मार्च 2016 को बलूचिस्तान से जाधव को गिरफ्तार किया था. वह ईरान से पाकिस्तान में दाखिल हुआ था. दूसरी ओर, भारत अपनी दलील पर कायम है. भारत का कहना है कि जाधव को ईरान से किडनैप किया गया है. जाधव ईरान में नौसेना से रिटायर होने के बाद बिजनेस करने की कोशिश में थे.

Input: PTI

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