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‘नए तरह’ के कोरोना वायरस पर असरदार होगी ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन! रिपोर्ट में हुआ ये खुलासा

New Strain of Coronavirus: ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित कोविड-19 वैक्‍सीन कोरोना वायरस के नए स्‍ट्रेन पर भी प्रभावी होगी.

Updated: Dec 28, 2020 9:12 AM
Oxford/AstraZeneca vaccineNew Strain of Coronavirus: ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित कोविड-19 वैक्‍सीन कोरोना वायरस के नए स्‍ट्रेन पर भी प्रभावी होगी.

New Strain of Coronavirus: ब्रिटेन सहित कुछ अन्य देशों में इन दिनों नए तरह के कोरोना वायरस के मामले आने से चिंता बनी हुई है. माना जा रहा है कि यह वायरस पहले के मुकाबले 70 फीसदी ज्यादा असरदार है. ऐसे में यह सवाल उठने लगे हैं कि अबतक जो वैक्सीन कोरोना वायरस के इलाज के लिए ब रही हैं, क्या वह इस नए वायरस के इलाज में असरदार होंगी. इसी क्रम में ब्रिटेन की मीडिया में यह दावा किया जा रहा है कि ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और एस्ट्राजेनेका (Oxford/AstraZeneca vaccine) द्वारा विकसित कोविड-19 वैक्‍सीन तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस के नए स्‍ट्रेन पर भी प्रभावी होगी.

बता दें कि भारत के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) से ऑक्सफोर्ड के टीके का करार है और जल्‍द ही ब्रिटेन में इसे मंजूरी मिलने वाली है. इसके बाद टीकाकरण के काम में तेजी आएगी. सीरम के साथ करार होने का फायदा भारत को ​भी मिलेगा.

वैक्सीनेशन की तैयारी

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के हवाले से ‘द संडे टाइम्स’ में यह रिपोर्ट आई है कि पहली प्राथमिकता 1.2 से 1.5 करोड़ लोगों के वैक्सीनेशन की है, जिन्हें कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत होगी. एस्ट्राजेनेका के वैक्सीन की मंजूरी का मतलब है कि हम वसंत के मौसम तक इन लोगों का वैक्सीनेशन कर पाएंगे.

सूत्रों ने चेताया है कि कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन ने पुराने वाले कोरोना वायरस को पीछे छोड़ दिया है और वह ब्रिटेन में तेजी से कहर बरपा रहा है. यह भी कहा जा रहा है कि नए आंकड़े ठीक नहीं हैं लेकिन औषधि एवं स्वास्थ्य सेवा उत्पाद नियामक एजेंसी (एमएचआरए) इस हफ्ते के मध्य तक ऑक्सफोर्ड के वैक्सीन के इस्तेमाल को हरी झंडी दे देगी.

नए तरह के वायरस से भी बचाएगी वैक्सीन!

एस्ट्राजेनेका के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पास्कल सोरियट का भी कहना है कि वैक्सीन संबंधी आंकड़े दिखाते हैं कि यह फाइजर और मॉडर्ना के वैक्सीन की तरह ही प्रभावी है, जिन्हें 95 फीसदी तक प्रभावी होने से मंजूरी मिल चुकी है. यह वैक्सीन तबीयत ज्यादा खराब होने और अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति से बचाने में 100 फीसदी कारगर है. उन्होंने कहा कि वैक्सीन अत्यधिक संक्रामक वायरस के नए रूप के खिलाफ भी प्रभावी ‘होना चाहिए’. बता दें कि वायरस के इस नए प्रकार की वजह से पूरे इंग्लैंड में दोबारा पूर्ण लॉकडाउन लगाना पड़ा है.

वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार ऑक्सफोर्ड वैक्सीन के पहले परीक्षणों में, यह ओवरआल 62 फीसदी प्रभावी पाया गया था, हालांकि एक समूह को गलती से आधा खुराक दिया गया था. हमें लगता है कि हमने जीत के फॉर्मूले का पता लगा लिया है. उन्होंने कहा कि मैं इससे ज्यादा जानकारी अभी नहीं दे सकता हूं, हम कुछ महत्वपूर्ण बातें बातद में पब्लिक करेंगे.

स्टोर करना भी आसान

यूके गवर्नमेंट का हमेशा से मानना रहा है कि ऑक्सफोर्ड वैक्सीन कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई को बदल देगा, क्योंकि इसे एक फ्रिज में आसानी से स्टोर किया जा सकता है. इसकी लागत भी 2 पाउंड के बराबर है. वहीं, फाइजर की वैक्सीन को माइनस 70 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर रखना पड़ता है और इसकी कीमत 15 पाउंड के बराबर है.

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