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सहारनपुर के गुप्ता कैसे बन गए साउथ अफ्रीका के रसूखदार, अब दिवालिया होने की कगार पर

सहारनपुर शहर में चले बढ़े गुप्ता भाइयों को भी नहीं पता था कि एक दिन वे दक्षिण अफ्रीका के सबसे ताकतवर लोगों में शामिल हो जाएंगे.

October 22, 2019 6:42 AM
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भारत में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर शहर में चले बढ़े गुप्ता भाइयों को भी नहीं पता था कि एक दिन वे दक्षिण अफ्रीका के सबसे ताकतवर लोगों में शामिल हो जाएंगे. यहां तक कि दक्षिण अफ्रीकी सरकार में उनका सिक्का चलेगा. लेकिन ऐसा हुआ और भारत की यह फैमिली दक्षिण अफ्रीका की सबसे ताकतवर फैमिली में शामिल हो गई. लेकिन अब हालत यह है कि गलत कारणों से इस परिवार को देश छोड़कर भागने पर मजबूत होना पड़ा और इन पर दिवालिया होने का खतरा मंडरा रहा है. आखिर क्या है गुप्ता भाइयों की कहानी.

कौन हैं गुप्ता ब्रदर्स

गुप्ता फैमिली मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले की रहने वाली है. इनके पिता शिव कुमार गुप्ता सहारनपुर में ही सोपस्टोन पावडर डिस्ट्रीब्यूट करने का काम करते थे. कुछ दिन बाद इनके बेटों ने दिल्ली का रुख कर लिया और मसालों के बिजनेस में आ गए. बाद में 1993 के आस पास इन्होंने बिजनेस के नए मौकों की तलाश में दक्षिण अफ्रीका रुख किया. बेहद कम समय में दक्षिण अफ्रीका में इनका सहारा ग्रुप (साउथ अफ्रीका) के नाम से कंप्यूटर बिजनेस, माइनिंग और मीडिया का कारोबार चल निकला. फैमिली ने अपना कारोबार ऐसा बढ़ाया कि उस देश में ही इनका सिक्का चलने लगा. गुप्ता फैमिली में 4 भाई हैं, नाम अजय गुप्ता, अतुल गुप्ता और राजेश गुप्ता उर्फ टोनी है. इसके अलावा उनके एक चचेर भाई वरूण गुप्ता भी इनमें शामिल हैं.

बने दक्षिण अफ्रीका के 16वें सबसे अमीर

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक साल 2016 में अतुल गुप्ता की कुल दौलत करीब 78 करोड़ यूएस डॉलर के करीब थी. कुछ मीडिया रिपोर्ट ने साल 2016 के जोहान्सबर्ग स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के आधार पर भी यह जानकारी दी है. इतनी दौलत के साथ वह दक्षिण अफ्रीका के 16वें सबसे अमीर शख्स थे.

कैसे शुरू हुई परेशानी

गुप्ता बंधुओं के खिलाफ करीब 3.5 साल पहले ही निगेटिव खबरें आने लगीं. ऐसे आरोप लगे कि पैसों के दम पर गुप्ता फैमिली की तत्कालीन दक्षिण अफ्रीकी सरकार से सांठगांठ है. यहां तक कि पैसों के दम पर गुप्ता फैमिली ने सरकार में कुछ भर्तिंयां करवाईं और कुछ लोगों को मंत्री पद देने की भी डील हुई. इस परिवार पर दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा से करीबी होने के चलते गलत तरीके से अपना बिजनेस प्रमोट करने का आरोप लगा. यहां तक कि बड़ा फंड भी इधर से उधर किसा गया. इन्हीं आरोपों पर उनके अमेरिका, ब्रिटेन और सऊदी अरब के खातों और वित्तीय लेनदेन को खंगाला जा रहा है.

बड़े बैंकों ने किया किनारा

परिवार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे तो दक्षिण अफ्रीका के सभी बड़े बैंकों और बैंक ऑफ चाइना ने गुप्ता फैमिली की कंपनियों से अपना नाता तोड़ दिया. दक्षिण अफ्रीका के चार बड़े बैंक एबीएसए, एफएनबी, स्टैंडर्ड और नेडबैंक ने मार्च 2016 में गुप्ता परिवार को बता दिया था कि वो अब उनके ओकबे कंपनी और उसके सहायक कंपनियों को बैंकिंग सुविधा नहीं दे पाएंगे. बैंक ऑफ बड़ौदा के दक्षिण अफ्रीकी ब्रांच ने भी गुप्ता फैमिली को नोटिस दिया था कि वह सितंबर के अंत तक उनकी कंपनियों के सभी अकाउंट बंद कर देगी.

बिक गए कई कारोबार

गुप्ता ब्रदर्स के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका में ऐसा माहौल बना कि उन्हें देश छोड़कर दुबई भागना पड़ा. यहां तक कि उनका कई कारोबार भी बिक चुका है. फिलहाल गुप्ता ब्रदर्स दुबई भाग चुके हैं और अब कर्जदाताओं को भुगतान के लिए दक्षिण अफ्रीका में उनकी संपत्तियों की नीलामी की जा सकती है. लेकिन एएफयू की नजर उस पैसे पर है जो गुप्ता बंधुओं ने अमेरिका, ब्रिटेन और यूएई भेजा है. सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया कि एएफयू गैरकानूनी ढंग से अमेरिका भेजे गए पैसे को वापस पाने की दिशा में काम कर रहा है और इसमें अमेरिकी अधिकारी सहयोग कर रहे हैं. एएफयू ब्रिटेन की कानून प्रवर्तक एजेंसियों की मदद भी ले रहा है.

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