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क्रूड में 2014 के बाद सबसे बड़ी गिरावट, अक्टूबर के बाद 25% घटे भाव; रुपये ने तोड़ा 72/डॉलर का स्तर

ब्रेंट क्रूड में बड़ी गिरावट के बाद से रुपये में शानदार तेजी आई है. ब्रेंट क्रूड आज के कारोबार में 65.02 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया.

November 14, 2018 1:31 PM
Crude Prices Falling, Rupee Recover, Crude Production, Over Supply, Low Demand, Crude and Macro Factor Support Rupeeब्रेंट क्रूड में बड़ी गिरावट के बाद से रुपये में शानदार तेजी आई है. ब्रेंट क्रूड आज के कारोबार में 65.02 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया.

ब्रेंट क्रूड में बड़ी गिरावट के बाद से रुपये में शानदार तेजी आई है. ब्रेंट क्रूड आज के कारोबार में 65.02 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. वहीं, क्रूड में गिरावट और डॉलर की डिमांड घटने से रुपया 71.99 प्रति डॉलर के स्तर पर आ गया, जो 21 सितंबर 2018 के बाद सबसे मजबूत स्तर है. एक्सपर्ट मान रहे हैं कि क्रूड में अभी और गिरावट रहेगी, जिससे रुपये को सपोर्ट मिलेगा. आने वाले एक महीने में रुपया 70 प्रति डॉलर तक मजबूत हो सकता है.

बता दें कि अक्टूबर के बाद क्रूड में करीब 25 फीसदी की गिरावट आ चुकी है, जोकि 2014 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट है. विदेशी बाजार में आई कमजोरी से घरेलू वायदा बाजार में पिछले ट्रेडिंग सेशन में क्रूड करीब 7.5 फीसदी लुढ़कर 65.47 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर बंद हुआ. मंगलवार के कारोबार में क्रूड 65 डॉलर के भी नीचे चला गया. अमेरिकी लाइट क्रूड डबल्यूटीआई भी बड़ी गिरावट के साथ 55.30 डॉलर प्रति बैरल के आस पास आ गया. एक्सपर्ट मान रहे हें कि क्रूड में अभी और गिरावट की आशंका है.

क्रूड में नरमी से रुपये को सपोर्ट

केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि अभी ओवरसप्लाई की स्थिति है, जबकि डिमांड कमजोर है. ईरान पर प्रतिबंधों का जो टेंशन था अब कम हुआ है. यूएस ने 8 बड़े क्रूड इंपोर्टर देशों को ईरान से क्रूड खरीदने की छूट दे दी है. यूएस में क्रूड की इन्वेंट्री बढ़ी हुई है. सउदी अरब सहित अन्य बड़े ओपेक देश भी सप्लाई घटाने के मूड में नहीं हैं. वहीं, साल के अंत में बड़े निवेशक अपना पोर्टफोलियो भी फिर से तैयार करते हैं, ऐसे में क्रूड की बिकवाली और बढ़ सकती है. इन वजहों से क्रूड की कीमतों में नरमी बनी रहने की उम्मीद है. दूसरी ओर क्रूड में गिरावट और बेहतर मैक्रो डाटा से रुपये में रिकवरी है. रुपया आगे 70 प्रति डॉलर तक मजबूत हो सकता है.

यूएस में प्रोडक्शन बढ़ा

बता दें कि पिछले सप्ताह अमेरिका में कच्चे तेल का भंडार 78 लाख बैरल बढ़कर 4.32 करोड़ बैरल हो गया. अमेरिका में 7 प्रमुख शेल बेसिन का प्रोडक्शन दिसंबर में बढ़कर रिकॉर्ड 79.4 लाख बैरल रोजाना होने की संभावना है. अमेरिकी ऊर्जा एजेंसी ईआईए ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका का तेल उत्पादन 116 लाख बैरल रोजाना हो सकता है और इस तरह अमेरिका रूस और सउदी अरब के बाद कच्चे तेल का सबसे बड़ा उत्पादक बन सकता है. वहीं, यूएस ने ओपेक देशों को सप्लाई न घटाने को कहा है.

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