मुख्य समाचार:

चीन के कर्ज जाल से डरा पाकिस्तान, सिल्क रोड प्रोजेक्ट पर फिर कर रहा विचार

सिल्क रोड प्रोजेक्ट कराची और पेशावर के बीच रेल लाइन प्रोजेक्ट को कहा जाता है, जो चीन के बेल्ट ऐंड रोड इनिशटिव (BRI) के तहत बन रहा है.

September 30, 2018 8:12 PM
Fearing debt trap, Pakistan rethinks Chinese Silk Road projectsसिल्क रोड प्रोजेक्ट की लागत 820 अरब डॉलर है, जिसे चीन लगा रहा है. (Reuters)

धीमी पड़ती अर्थव्यवस्था और आर्थिक संकट से घिरा पाकिस्तान चीन के सिल्क रोड प्रोजेक्ट पर फिर से विचार कर रहा है. दरअसल पाकिस्तान को चीन के कर्ज जाल में फंसने का डर है. बता दें कि सिल्क रोड प्रोजेक्ट कराची और पेशावर के बीच रेल लाइन प्रोजेक्ट को कहा जाता है, जो चीन के बेल्ट ऐंड रोड इनिशटिव (BRI) के तहत पाकिस्तान में बन रहा है. सिल्क करोड प्रोजेक्ट की लागत 820 अरब डॉलर है, जिसे चीन लगा रहा है.

पाकिस्तान सरकार इस प्रोजेक्ट की लागत और वित्तीय शर्तों के चलते सोच में पड़ गई है. इमरान खान की अगुवाई वाली पाकिस्तान की नई सरकार के सत्ता में आने के बाद प्रतिरोध बढ़ा है. यह सरकार देश पर बढ़ रहे कर्ज के खिलाफ आवाज उठाते रही है. उनका कहना है कि देश को विदेशी कर्जों से दूर रहना चाहिए. पाकिस्तान के योजना मंत्री खुशरो बख्तियार ने हाल ही में बयान दिया था कि ‘हम एक ऐसा मॉडल विकसित करना चाहते हैं, जिसमें सारे जोखिम पाकिस्तान पर ही ना हों.

 

प्रोजेक्ट्स या तो बहुत महंगे या चीन के पक्ष में ज्यादा

पाकिस्तान की नई सरकार बीआरआई से जुड़े सभी कॉन्ट्रैक्ट्स की समीक्षा करना चाहती है. अधिकारियों का कहना है कि चिंता यह है कि इन सौदों में ठीक से निगोशिएशन नहीं हुआ है, ये या तो बहुत महंगे हैं या चीन क पक्ष में ज्यादा हैं. पाकिस्तान के अधिकारियों का कहना है कि देश चीन के निवेश के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन उन्हें कीमत और इसे वहन करने के मोर्चे पर बहुत ज्यादा दबाव झेलना होगा.

चीन का क्या है कहना

वहीं दूसरी ओर चीन के तीन वरिष्ठ अधिकारियों से न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को मिली जानकारी के मुताबिक चीन केवल उन प्रॉजेक्ट्स की समीक्षा को तैयार है, जो अभी शुरू नहीं हुए हैं. हालांकि पाकिस्तान के लिए चीन के राजदूत याओ जिंग ने कहा कि बीजिंग नई पाकिस्तान सरकार द्वारा प्रस्तावित बदलाव करने के लिए तैयार है और हम आपसी विचार—विमर्श के जरिए बीआरआई प्रोजेक्ट्स के लिए कोई रोडमैप तैयार कर लेंगे. चीन केवल उन्हें प्रोजेक्ट्स के साथ आगे बढ़ेगा, जो पाकिस्तान चाहता है. आखिर सवाल उनकी अर्थव्यवस्था का है.

चीन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि बीआरआई प्रोजेक्ट पर आगे बढ़ने के लिए दोनों देश प्रतिबद्ध हैं. जो प्रोजेक्ट चल रहे हैं या जो शुरू होने वाले हैं, भी सुचारू रूप से आगे बढ़ेंगे.

श्रीलंका, मलेशिया, मालदीव भी ​चीन के निवेश को लेकर सोच में

पाकिस्तान के अलावा चीन के निवेश के प्रति श्रीलंका, मलेशिया और मालदीव में भी उत्साह ठंडा पड़ा है. इन देशों की नई सरकारें पूर्व की सरकारों द्वारा किए गए समझौतों को लेकर चिंतित हैं और इनसे बाहर आना चाहती हैं.

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. अंतरराष्ट्रीय
  3. चीन के कर्ज जाल से डरा पाकिस्तान, सिल्क रोड प्रोजेक्ट पर फिर कर रहा विचार

Go to Top