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  1. FATF की ग्रे सूची में रहेगा पाकिस्तान, आतंकी वित्त पोषण रोकने के लिए सितंबर तक का वक्त

FATF की ग्रे सूची में रहेगा पाकिस्तान, आतंकी वित्त पोषण रोकने के लिए सितंबर तक का वक्त

FATF ने पाकिस्तान को 27 सूत्री कार्ययोजना लागू करने के लिए सितंबर तक का वक्त दिया है.

June 22, 2019 3:32 PM
FATF keeps Pakistan in 'Grey' list for failure to curb funnelling of funds to terror groups LeT, JeMImage: Reuters

आतंकी वित्त पोषण पर नजर रखने वाली 38 सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय संस्था FATF ने लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और अन्य आतंकवादी समूहों का वित्त पोषण रोक पाने में असफल रहने पर पाकिस्तान को ग्रे सूची में रखने का फैसला किया है. सूत्रों ने बताया कि आर्थिक कार्रवाई दल (FATF) ने पाकिस्तान को 27 सूत्री कार्ययोजना लागू करने के लिए सितंबर तक का वक्त दिया है.

अमेरिका के फ्लोरिडा में एक सप्ताह तक चली अपनी बैठक में FATF ने पाकिस्तान से कहा है कि वह अपनी धरती से उत्पन्न होने वाले आतंकवाद व आतंकी वित्त पोषण संबंधी वैश्विक चिंताओं को दूर करने के लिए ठोस, सत्यापन योग्य, अपरिवर्तनीय और विश्वसनीय कदम उठाए. FATF प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि FATF ने तय किया है कि जनवरी और मई 2019 के लिए तय कार्ययोजना को लागू करने में पाकिस्तान की असफलता के मद्देनजर उसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग समीक्षा समूह (ICRG) की ग्रे सूची में रहने दिया जाए. इससे पाकिस्तान की वित्तीय परेशानियां और बढ़ेंगी.

FATF ने कहा कि हम पाकिस्तान से आशा करते हैं कि वह बचे हुए समय में सितंबर 2019 तक FATF कार्ययोजना को पूर्ण और प्रभावी तरीके से लागू करेगा. उसने FATF से राजनीतिक प्रतिबद्धता जताई थी कि वह अपनी धरती से उत्पन्न होने वाले आतंकवाद व आतंकी वित्त पोषण संबंधी वैश्विक चिंताओं को दूर करने के लिए ठोस, सत्यापन योग्य, अपरिवर्तनीय और विश्वसनीय कदम उठाएगा,

यूएस, ब्रिटेन, फ्रांस समेत कई देशों ने जताई चिंता

सूत्रों ने बताया कि FATF की बैठक के दौरान अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस सहित कई देशों ने पाकिस्तान की सीमा में हो रही आतंकवादी गतिविधियों को नियंत्रित नहीं कर पाने और आतंकी लीडर हाफिज सईद तथा मसूद अजहर के खिलाफ आतंकवाद निरोधी कानून के तहत मामला दर्ज नहीं करने के लिए पाकिस्तान को लेकर चिंता जताई.

क्या कहना है पाकिस्तान का

पाकिस्तान लगातार कह रहा है कि उसने लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन की 700 से ज्यादा संपत्तियां जब्त की हैं. उसने 2012 में भी ग्रे सूची में डाले जाने के बाद ऐसा कहा था. FATF सदस्य इस बात से चिंतित हैं कि सईद और मसूद सहित संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकवादी घोषित अन्य सरगनाओं के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं है. FATF पूर्णाधिवेशन और अन्य संबंधित चर्चाओं में पाकिस्तान को लेकर भारत का रवैया हमेशा एक समान रहा है. भारत ने फरवरी 2018 में भी अमेरिका, ब्रिटेन,जर्मनी और फ्रांस के कदम का समर्थन किया था.

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