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वैक्सीन डिप्लोमेसी में भारत की बड़ी जीत! चीन को नकार बांग्लादेश ने भारतीय कंपनी के साथ किया करार

भारत, बांग्लादेश और म्यांमार कोरोना वैक्सीन के विकास में एक-दूसरे को सहयोग करेंगे. यह देश की 'पहले पड़ोसी' और 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' को बढ़ावा देगी.

Updated: Oct 30, 2020 7:16 PM
Covid-19 vaccine diplomacy India to expand cooperation with neighboring countries for Coronavirus vaccine developmentअन्य देशों को भी सहयोग की पेशकश की गई है.

कोरोना महामारी (Covid-19 Pandemic) के खतरों से बचने के लिए दुनिया भर में वैक्सीन के लिए परीक्षण हो रहे हैं. इसके अलावा इसे हर शख्स के पास पहुंचाने को लेकर नीतियां तैयार की जा रही हैं. ऐसे में एक नई डिप्लोमेसी सामने आई है. भारत, बांग्लादेश और म्यांमार कोरोना वैक्सीन के विकास में एक-दूसरे को सहयोग करेंगे. यह देश की ‘पहले पड़ोसी’ और ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ को बढ़ावा देगी. विदेशी मामलों के मंत्रालय (MEA) से शीर्ष अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों ने बांग्लादेश और म्यामांर की सरकार के साथ वैक्सीन के संयुक्त उत्पादन, वितरण और आपूर्ति पर बातचीत की.

अब तक दो ट्रेनिंग मॉड्यूल हो चुके

फाइनेंसियल एक्सप्रेस ऑनलाइन से बातचीत में MEA के आधिकारिक प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि पड़ोसी देशों के साथ अब तक दो ट्रेनिंग मॉड्यूल आयोजित हो चुके हैं. इसमें करीब 90 स्वास्थ्य विशेषज्ञ और वैज्ञानिक हिस्सा भी ले चुके हैं. उन्होंने कहा कि अगर अन्य देश इस कार्यक्रम का हिस्सा लेना चाहते हैं तो इस योजना को विस्तार दिया जाएगा. सितंबर में प्रधानमंत्री मोदी ने यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली में कहा था कि वैक्सीन की आपूर्ति को लेकर भारत सभी देशों को कोल्ड चेन और स्टोरेज क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा.

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अन्य देशों के साथ भी सहयोग की पेशकश

MEA प्रवक्ता के मुताबिक 17-19 अक्टूबर एक डेलीगेशन ने बांग्लादेश जाकर वैक्सीन के वर्तमान चरण को लेकर बातचीत किया. दोनों पक्षों में बांग्लादेश में क्लिनिकल ट्रॉयल की रूपरेखा को लेकर बातचीत हुई. म्यामांर के साथ इस मामले में वर्चुअल इंट्रैक्शन हुआ है. परीक्षण के आधार पर भारत अन्य देशों के साथ क्लिनिकल ट्रॉयल, वैक्सीन डेवलपमेंट के लिए कैपिसिटी बिल्डिंग और फिर उसके उत्पादन व आपूर्ति के लिए सहयोग करेगा. एक सीनियर ऑफिसर ने बताया कि भारत दुनिया भर की 60 फीसदी से अधिक वैक्सीन का उत्पादन करेगा और एक बार वैज्ञानिकों की मंजूरी मिल जाए तो इसे बड़े स्तर पर तैयार किया जाएगा. इसके बाद इसे पहले पड़ोसियों को आपूर्ति की जाएगी और फिर बाकी देशों को.

भारत की डिप्लोमेटिक जीत

फाइनेंसियल एक्सप्रेस ऑनलाइन से बातचीत में वरिष्ठ पत्रकार और बांग्लादेश कमेंटेटर गौतम लाहिड़ी का कहना है कि वैक्सीन डिप्लोमेसी में यह भारत की डिप्लोमेटिक जीत है. बांग्लादेश ने भारतीय वैक्सीन के क्लिनिकल ट्रॉयल पर सहमति जताई है. चीन ने सिनोवैक बॉयोटेक लिमिटेड द्वारा बनाए गए कोरोना वैक्सीन के ट्रायल को लेकर बांग्लादेश को वित्तीय सहारा देने की पेशकश की लेकिन बांग्लादेश ने इसे अस्वीकार कर दिया. बांग्लादेश की कंपनी बेक्सिमो फॉर्मा ने भारत की सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साथ प्रॉयोरिटी बेसिस पर वैक्सीन सप्लाई को लेकर समझौता हुआ है.

मैक्सिको से बातचीत जारी

अभी हाल में भारत और मैक्सिकों के बीच हाईलेवल की बैठक हुई थी. इसमें दोनों पक्षों ने वैक्सीन डेवलपमेंट को लेकर अपने नोट्स एक्सचेंज किए. फाइनेंस एक्सप्रेस ऑनलाइन को स्रोत से पता चला है कि भारत ने फार्मा के प्रॉक्यूरमेंट के मैक्सिको सरकार को विचार करने को कहा है. इसके अलावा नवंबर में इंडिया-मैक्सिको प्रोग्राम ऑफ कॉरपोरेशन 2020-2022 के तहत वैक्सीन और महामारी प्रबंधन पर वर्चुअल मुलाकात होगी.

(Story: Huma Siddiqui)

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