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क्रूड 4 साल में सबसे महंगा, कीमतें 80.50 डॉलर/बैरल के पार; और बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के भाव

इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड सोमवार को 80.50 डॉलर प्रति बैरल का भाव पार कर गया. इंट्राडे में यह 80.93 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंचा जो ​नवंबर 2014 के बाद से सबसे ज्यादा है.

September 24, 2018 2:59 PM
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इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड सोमवार को 80.50 डॉलर प्रति बैरल का भाव पार कर गया. इंट्राडे में क्रूड में 2 फीसदी से ज्यादा तेजी आई और यह 80.93 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया. क्रूड का यह भाव ​नवंबर 2014 के बाद से यानी करीब 4 साल में सबसे ज्यादा है. अमेरिका द्वारा ईरान पर नया प्रतिबंध लगाने के चलते इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड की सप्लाई घट गई, जिससे कीमतों में तेजी आई. अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वार बढ़ने से भी कीमतों को सपोर्ट मिला. वेस्ट टेक्साज इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर भी 72.06 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया.

पेट्रोल-डीजल और होगा महंगा

केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि ईरान पर प्रतिबंध और अमेरिका में इन्वेंट्री घटने से मार्केट में सप्लाई घटी है. ओपेक और नॉन ओपेक देश इसे मिलकर एक झटके में नहीं बढ़ा सकते हैं. ईरान सैंक्सन की डेडलाइन पास आ रही है. इस वजह से सप्लाई को लेकर सेंटीमेंट निगेटिव बना है. दिसंबर तक की बात करें तो ब्रेंट क्रूड 88 डॉलर प्रति बैरल और डबल्यूटीआई क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है. इससे घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल के भाव 7 से 8 फीसदी तक और बढ़ सकते हैं.

अमेरिका अस्थिर कर रहा है बाजार : रूस

क्रूड की कीमतों को लेकर रूस के ऊर्जा मंत्री एलेक्जेंडर नोवाक ने अमेरिका पर वैश्विक तेल बाजार को अस्थिर करने का आरोप लगाया है. नोवाक ने रविवार को कहा कि कुछ शक्तियों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों और ट्रेड वार से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा और इससे तेल बाजार अस्थिर होगा. रूस ने ओपेक ओपेक और गैर ओपेक देशों के बीच सहयोग को लेकर भी जोर दिया.

बाजार में घटेगी सप्लाई

फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी जेपी मॉर्गन का कहना है कि यूएस द्वारा ईरान पर प्रतिबंध से बाजार में रोज 15 लाख बैरल प्रति दिन की कमी आएगी. जबकि स्विस इंटरनेशनल कमोडिटी ट्रेडिंग कंपनी मरकुरिया का मानना है कि इससे बाजार में रोज 20 लाख बैरल प्रति दिन क्रूड की कमी होगी. जेपी मॉर्गन का कहना है कि आने वाले कुछ महीनों में ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल की ओर जाता दिख रहा है. वहीं, WTI क्रूड 76 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है.

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