मुख्य समाचार:

लद्दाख पर ‘आंख’ दिखा रहे चीन की बड़ी चाल! भारत को BRI का दिया लालच, कहा- मजबूत होगी इकोनॉमी

चीन ने भारत को आर्थिक रूप से मजबूत होने का लालच देते हुए अपने बेल्ट ऐंड रोड इनिशिएटिव (BRI) प्रोजेक्ट में शामिल होने का ऑफर दिया है.

Updated: Jun 02, 2020 4:17 PM
China offer to India to join BRI, for India strong economy, long term development, India-China tension in Ladakh, army camp in Ladakh, Army movement on India-China border, Belt and Road initiative, dragonचीन ने भारत को आर्थिक रूप से मजबूत होने का लालच देते हुए अपने बेल्ट ऐंड रोड इनिशिएटिव (BRI) प्रोजेक्ट में शामिल होने का ऑफर दिया है.

एक ओर सीमा पर अपनी सैनिकों की तैनाती कर लद्दाख पर कब्जे की फिराक में लगे चीन ने फिर बड़ी चाल चली है. भारत चीन सीमा पर तनाव के बीच चीन ने भारत को आर्थिक रूप से मजबूत होने का लालच देते हुए अपने बेल्ट ऐंड रोड इनिशिएटिव (BRI) प्रोजेक्ट में शामिल होने का ऑफर दिया है. ग्लोबल टाइम्स में छपी रिपोर्ट के मुताबिक चीन का कहना है कि BRI प्रोजेक्ट में शामिल होने से भारत को आर्थिक रूप से बहुत ज्यादा फायदा होगा. बता दें कि बीआरआई चीन का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है, जिसका भारत विरोध करता रहा है.

आर्थिक विकास का दिया लालच

चीन के सरकारी समाचार पत्र ग्‍लोबल टाइम्‍स के अनुसार BRI भारत के लिए आर्थिक विकास के अवसरों के दरवाजे खोल सकती है. रिपोर्ट के अनुसार भारत का लंबे समय तक आर्थिक विकास चीन के प्रस्‍तावित BRI प्रोजेक्‍ट के अनुरूप ही है. बीआरआई का उद्देश्‍य देशों और क्षेत्र का साझा विकास है. इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर के विकास के लिए निवेश से बीआरआई भारत को बड़ा मौका दे सकता है जिसे विदेशी निवेश आकर्षित करने और औद्योगिक विकास के लिए इस निवेश की सख्‍त जरूरत है. बता दें कि यह प्रोजेक्ट पाकिस्‍तान के कब्‍जे वाले गिलगित-बालटिस्तान से होकर गुजरता है, जिसका भारत विरोध करता रहा है.

भारत को बड़े अवसर मिलेंगे

रिपोर्ट के अनुसार बुनियादी सुविधाओं में निवेश करने के बाद BRI प्रोजेक्ट से भारत को बड़े अवसर उपलब्ध होंगे और भारत में विदेशी निवेश बढ़ेगा. इसलिए भारत के औद्योगिक विकास के लिए ये निवेश काफी महत्वपूर्ण साबित होगा. चीन ने कहा है कि पिछले कुछ सालों से भारत की इकोनॉमी तेजी से बढ़ रही है. लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं पर्याप्त रूप से विकसित न होने से भारत की तरक्की बाधित हो रही है. भारत ने 1991 से आर्थिक सुधार किये हैं, लेकिप आर्थिक संकट, व्यापार नुकसान, महंगाई का संकट भी है.

चीन ने कहा कि यदि भारत बीआरआई प्रोजेक्ट में निवेश करता है तो बड़े पैमाने पर तरक्की हो सकती है. लेकिन इसे लेकर भारत का रवैया अनिश्चित है. कोरोना वायरस महासंकट के बीच दुनिया के देश आर्थिक विकास दर को फिर से हासिल करना चाहते हैं. हिंद महासागर के आसपास का इलाका बीआरआई के लिए बेहद अहम है. भारत ऐतिहासिक और सांस्‍कृतिक रूप से इस इलाके में महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा करता रहा है. भारत के पास अब इसे फिर से शुरू करने का बड़ा मौका है.

भारत ठुकरा चुका है आफर

भारत ने इसके पहले ही बीआरआई प्रोजेक्ट में सहभागी होने का प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया था. भारत का कहना है कि चीन का ये प्रोजेक्ट भारत की संप्रभुता और सार्वभौमिकता के लिए खतरा है. चीन ने पाकिस्तान के साथ मिल कर इकोनॉमिक कोरीडोर का प्रोजेक्ट शुरु किया है जिसका भारत ने विरोध किया है. इस कोरीडोर का रास्ता पाक द्वारा कब्जा किये गए कश्मीर के गिलगिट-बाल्टिस्तान से होकर गुजरता है.

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. अंतरराष्ट्रीय
  3. लद्दाख पर ‘आंख’ दिखा रहे चीन की बड़ी चाल! भारत को BRI का दिया लालच, कहा- मजबूत होगी इकोनॉमी

Go to Top