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  1. नई टेक्नोलॉजी से 18 करोड़ महिलाओं की नौकरी खतरे में, IMF ने चेताया

नई टेक्नोलॉजी से 18 करोड़ महिलाओं की नौकरी खतरे में, IMF ने चेताया

नई टेक्नोलॉजी मांग को कम कर सकती है.

October 9, 2018 4:05 PM
18 crore jobs for women at high risk globally due to new technologies like automationImage: Reuters

अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) ने मंगलवार को चेतावनी दी कि स्वचालन आॅटोमेशन जैसी नई टेक्नोलॉजीस से वैश्विक स्तर पर महिलाओं से जुड़ी लगभग 18 करोड़ नौकरियां जोखिम में हैं. IMF ने दुनियाभर के नेताओं से गुजारिश की कि वे महिलाओं को जरूरी कौशल प्रदान करें, ऊंचे पदों पर लैंगिक अंतर को कम करें, साथ ही कामगारों के लिए डिजिटल अंतर को पाटने के लिए भी काम करें.

सिंगापुर, साइप्रस समेत 28 देशों के आंकड़ों का किया गया विश्लेषण

बाली में IMF और विश्वबैंक की सालाना बैठक के दौरान जारी एक नोट में कहा गया है कि 30 देशों के आंकड़ों के विश्लेषण के अनुसार बड़े पैमाने पर महिलाओं की नौकरियां जाने का अनुमान है. इन 30 देशों में आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन के 28 देश और साइप्रस एवं सिंगापुर शामिल हैं. नोट में कहा गया है कि नई टेक्नोलॉजी मांग को कम कर सकती है. इससे महिलाओं को रोजमर्रा के कार्यों के लिए कम वेतन मिल सकता है, जो श्रम बाजार में उनकी भागीदारी कम कर देगा.

महिला कामगारों के लिए ज्यादा खतरा

IMF का विश्लेषण टेक्नोलॉजी की मौजूदा स्थिति पर आधारित है. इसके परिणाम दिखाते हैं कि अगले दो दशकों में नई तकनीक की वजह से इन 30 देशों के कुल 5.4 करोड़ श्रमिकों में 10% महिला और पुरुष श्रमिकों की नौकरी पर सबसे ज्यादा खतरा बना रहेगा. इसमें भी आॅटोमेशन की वजह से महिला कामगारों यानी 11 फीसदी महिलाओं की नौकरियों पर ज्यादा खतरा है, जबकि पुरुषों में यह स्तर 9% है. इससे इन देशों में 2.6 करोड़ महिलाओं की नौकरी जाने का खतरा है.

कम पढ़ी-लिखी या 40 से ज्यादा की महिलाओं की नौकरी भी खतरे में

इसके अलावा कम पढ़ी-लिखी या 40 की उम्र पार कर चुकी ऐसी उम्रदराज महिलाएं जो लिपिकीय कार्य, सेवा क्षेत्र या बिक्री के काम में लगी हैं, आॅटोमेशन से उनकी नौकरी भी जा सकती है.

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