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चीन, जापान समेत 15 देशों ने दुनिया के सबसे बड़े व्यापार समझौते पर किए हस्ताक्षर, भारत पिछले साल निकला था बाहर

चीन, जापान और दक्षिण कोरिया समेत एशिया पैसेफिक देशों ने रविवार को दुनिया के सबसे बड़े क्षेत्रीय फ्री ट्रेड समझौते पर हस्ताक्षर किए.

November 15, 2020 6:54 PM
15 countries including china japan signs world biggest trade agreement india backed last yearचीन, जापान और दक्षिण कोरिया समेत एशिया पैसेफिक देशों ने रविवार को दुनिया के सबसे बड़े क्षेत्रीय फ्री ट्रेड समझौते पर हस्ताक्षर किए.

चीन, जापान और दक्षिण कोरिया समेत एशिया पैसेफिक देशों ने रविवार को दुनिया के सबसे बड़े क्षेत्रीय फ्री ट्रेड समझौते पर हस्ताक्षर किए. इसमें दुनिया की आबादी और ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट का करीब एक तिहाई शामिल है. 15 देशों से शीर्ष अधिकारी जिसमें ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड शामिल हैं. और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के 10 सदस्यों ने रीजनल कॉम्प्रिहैन्सिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप (RCEP) पर हस्ताक्षर किए हैं. इस समझौते पर करीब एक दशक बाद हस्ताक्षर किए गए. यह वियतनाम द्वारा वर्चुअल तौर पर आयोजित 37वें आसियान समिट के आखिरी दिन पर हुआ.

वियतनाम के प्रधानमंत्री Nguyen Xuan Phuc ने कहा कि बातचीत का पूरा होना बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था को समर्थन देने में आसियान की भूमिका की पुष्टि करता है. उन्होंने कहा कि समझौता विकसित होती हुईं सप्लाई चैन में योगदान देगा जिनमें महामारी की वजह से रूकावट आई थी और साथ में अर्थव्यवस्था में रिकवरी को भी समर्थन देगा.

सिंगापुर अगले कुछ महीनों में देगा मंजूरी

सिंगापुर के व्यापार और उद्योग मंत्री Chan Chun Sing ने बताया कि RCEP को लागू में लाने के लिए न्यूनतम छह आसियान देशों के साथ तीन गैर-आसियान सहायकों की जरूरत होती है. उन्होंने कहा कि सिंगापुर की डील को अगले कुछ महीनों में मंजूरी देने की योजना है. व्यापार समझौते के तहत 2.2 अरब लोगों और 26.2 ट्रिलियन डॉलर की संयुक्त जीडीपी कवर होती है. उन्होंने कहा कि यह महामारी से कमजोर हुई अर्थव्यवस्थाओं को टैरिफ घटाकर, सप्लाई चैन मजबूत करके और नए ई-कॉमर्स नियमों को बनाकर बढ़ावा देगा.

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भारत को शामिल होने की इजाजत

भारत ने पिछले साल समझौते को छोड़कर भागीदारों को हैरान कर दिया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वे इन चिंताओं पर बाहर निकले कि RCEP भारतीयों की आजीविका पर कैसे असर करेगा, खासकर सबसे संवेदनशील पर. हालांकि, भारत को व्यापार समझौते में दोबारा शामिल होने की मंजूरी रहेगी. S&P ग्लोबल रेटिंग्स के एशिया पैसेफिक चीफ इकोनॉमिस्ट Shaun Roache ने कहा कि भारत को बाद में जुड़ने का क्लॉज प्रतीकात्मक है और क्षेत्र की तीसरी सबसे बड़े अर्थव्यवस्था के साथ आर्थिक संबंध बनाने की चीन की इच्छा को दिखाता है.

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