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‘न्याय’ से क्या मिडिल क्लास पर टैक्स बोझ बढ़ेगा? राहुल गांधी का है सबसे बड़ा चुनावी दांव

राहुल गांधी ने शुक्रवार को इस पर अपना और पार्टी का रुख साफतौर पर जाहिर कर दिया.

April 5, 2019 5:22 PM
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लोकसभा चुनाव 2019: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस चुनावी महासमर में एक निर्णायक जीत हासिल करने के लिए ‘मिनिमम बेसिक इनकम गारंटी’ का एक बड़ा चुनावी दांव चला है. राहुल गांधी ने इसे ‘न्याय’ यानी गरीबों को न्यूनतम आय कहा है. लेकिन, राहुल के ‘न्याय’ को लेकर गलफल इस बात को लेकर है कि क्या यह स्कीम मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ बढ़ाएगी. राहुल गांधी ने शुक्रवार को इस पर अपना और पार्टी का रुख साफतौर पर जाहिर कर दिया.

राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पार्टी का घोषणापत्र भारत के लोगों की सोच की अभिव्यक्ति है और उन्होंने गरीबों के लिए ‘न्याय’ या न्यूनतम आय योजना से मिडिल क्लास पर बोझ पड़ने की बात को खारिज कर दिया. गांधी ने कहा कि अगर उनकी कांग्रेस पार्टी सत्ता में आई तो गरीब परिवारों को न्यूनतम आय के तौर पर हर साल 72,000 रुपये देगी, जिससे करीब 25 करोड़ लोगों को फायदा होगा. इस कदम को उन्होंने गरीबी पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ बताया है.

बिना सोचे-समझे बयान देना पसंद नहीं

पुणे में छात्रों से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें बिना सोचे-समझे बयान देना पसंद नहीं हैं. उन्होंने कहा, ‘‘सभी पक्षकारों से विचार विमर्श के बाद घोषणापत्र तैयार किया गया है. न्याय योजना को लागू करने के लिए मिडिल क्लास पर इनकम टैक्स नहीं लगाया जाएगा और इनकम टैक्स को नहीं बढ़ाया जाएगा.’’

न्यूनतम आय गारंटी योजना से राजकोष में 3.26 लाख करोड़ रुपये का खर्च बढ़ने का अनुमान है. इस योजना की आलोचना कर रही भाजपा ने पूछा है कि इसके लिए पैसा कैसे आएगा. आरजे मलिष्का और अभिनेता सुबोध भावे द्वारा आयोजित संवाद में गांधी ने राजनीति से लेकर अपनी निजी जिंदगी के बारे में कई सवालों के जवाब दिए.

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रणनीतिक रूप से सोचने वाले संस्थानों की जरूरत

राहुल गांधी ने कहा कि पहले योजना आयोग रणनीति संबंधी संस्थान हुआ करता था जबकि उसके स्थान पर बना नीति आयोग केवल कार्यान्वयन और कार्यनीति की बात करता है.

कांग्रेस के घोषणापत्र में मोदी सरकार द्वारा बनाए थिंक टैंक नीति आयोग को हटाने का वादा करने पर एक सवाल के जवाब में गांधी ने कहा, ‘‘हमें रणनीतिक रूप से सोचने वाले संस्थानों की जरूरत है कि राष्ट्रीय स्तर पर क्या किया जाना चाहिए. कार्यान्वयन और कार्यनीति राज्य तय कर सकते हैं.’’

मैंने अपने काम से शादी कर ली: राहुल

लोकमान्य तिलक और बाल गंधर्व पर बायोपिक में काम कर चुके भावे ने कहा कि वह उनपर (गांधी पर) बायोपिक में काम करना चाहते हैं और जब यह पूछा कि उसमें हीरोइन किसे होना चाहिए, इस पर गांधी ने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से ,मैंने अपने काम से शादी कर ली है.’’

सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘जो आभासी वास्तविकता में जीना चाहते हैं वे ऐसा कर सकते हैं. लेकिन कोई भी सच्चाई से नहीं भाग सकता.’’

उन्होंने कहा, ‘‘अंत में आपको इसका सामना करना पड़ेगा. मैं वास्तविकता में जीता हूं. हिंसा से किसी को फायदा नहीं मिलता. यह केवल विश्वास की झूठी भावना देता है.’’ एक सवाल के जवाब में गांधी ने कहा, ‘‘मैं मोदी को प्यार करता हूं. सच में उनके प्रति मेरे दिल में कोई नफरत या गुस्सा नहीं है.’’

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