मुख्य समाचार:

पूर्वी तटों पर क्यों ज्यादा तबाही मचाते हैं तूफान, 116 सालों में 48% साइक्लोन सिर्फ ओडिशा में

क्यों ओडीशा में सबसे ज्यादा आते हैं तूफान

May 3, 2019 1:56 PM
Cyclone, Cyclone In Odisha, ओडीशा, सबसे ज्यादा तूफान, Bay Of Bengal, Andaman Sea, East Coast, West Coast, साइक्लोन, Reason Of CycloneCyclone: क्यों ओडीशा में सबसे ज्यादा आते हैं तूफान

Cyclone In India: चक्रवाती तूफान फोनी की वजह से ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में अलर्ट की स्थिति है. 240 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ओडीशा में दस्तक देने वाले इस तूफान की तुलना यहां आए 20 साल पहले के तूफान से की जा रही है, जिसमें जान माल की भारी तबाही हुई थी. ओडिशा व आंध्र के प्रभावित इलाकों में फनी की वजह से पूरी तरह से जनजीवन प्रभावित हो गए हैं. फिलहाल इन इलाकों के लिए चक्रवाती तूफान कोई नहीं बात नहीं हैं. पिछले कई साल का इतिहास देखें तो इन इलाकों में भी सबसे ज्यादा तूफान आते हैं. आखिर ऐसा क्यों है कि ओडिशा और आंध्र प्रदेश को सबसे ज्यादा चक्रवाती तूफान की मार झेलनी पड़ती है…..

ओडीशा में अकेले 48% घटनाएं

एसेसमेंट आफ वल्नरैबिलिटी टु साइक्लोन एंड फ्लड्स नाम की रिपोर्ट के अनुसार पूर्वी भारत में आने वाले तूफान का 48 फीसदी अकेले ओडिशा को झेलना पड़ता है, जबकि 22 फीसदी ऐसी घटनाओं का आंध्र प्रदेश गवाह बनता है. 116 साल की स्टडी रिपोर्ट के अनुसार पूर्वी भारत में 803 चक्रवाती तूफान में से 387 घटनाएं ओडीशा और 177 घटनाएं ओडिशा में हुईं, जो 70 फीसदी के आस पास है. इसके अलावा वेस्ट बंगाल और तमिलनाडु में 18.5 फीसदी और 11.5 फीसदी घटनाएं हुईं.

पश्चिमी तट पर 8 गुना कम घटनाएं

एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार पश्चिमी तट में पूर्वी तट की तुलना में आने वाले तूफान 8 गुना कम हैं. नेशनल साइक्लॉन रिस्क मिटिगेशन प्रोजेक्ट के मुताबिक साल 1891 से 2000 के बीच भारत के पूर्वी तट पर 308 तूफान आए. इसी दौरान पश्चिमी तट पर सिर्फ 48 तूफान आए.

क्यों पूर्वी भारत में ज्यादा आते हैं Cyclone

गर्म और ठंडे सागर का अंतर: बंगाल की खाड़ी में अरब सागर की तुलना में ज्यादा तूफान आते हैं. इसका मुख्य कारण हवा का बहाव है. बंगाल की खाड़ी जो ईस्ट में है, के मुकाबले वेस्टर्न कोस्ट में सागर ठंडा रहता है. गर्म सागर में तूफान ज्यादा आते हैं. इतिहास के 35 सबसे घातक उष्ण कटिबंधीय चक्रवात में से 26 चक्रवात बंगाल की खाड़ी में आए हैं. हालांकि इसका सबसे ज्यादा असर बांग्लादेश में देखा गया है, लेकिन भारत में ओडिशा इससे सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है. ओडीशा के अलावा आंध्र प्रदेश, वेस्ट अंगाल और तमिलनाडु भी इससे प्रभावित होते रहे हैं.

समतल भूमि का असर: पूर्वी तटों से लगने वाले राज्यों के लैंड पश्चिमी तटों से लगने वाले लैंड की तुलना में ज्यादा समतल है. इस वजह से यहां से टकराने वाले तूफान मुड़ नहीं पाते, पश्चिमी तटों पर आने वाले तूफान की दिशा बदल जाती है.

तूफान की तीव्रता: पूर्वी तट पर बने तूफान ज्यादा ताकतवर होते हैं. तूफान का वर्गीकरण कम दबाव के क्षेत्र में हवा की रफ्तार से होता है. अगर हवा की रफ्तार 119 से 221 किमी प्रति घंटे के बीच होती है तो यह प्रचंड तूफान माना जाता है.

क्या है साइक्लोन

साइक्लोन पश्चिमी प्रशांत महासागर और भारत के पास बंगाल के आसपास उठने वाला चक्रवाती तूफान हैं. साइक्लोन समंदर में उस जगह से उठता है जहां पर तापमान अन्य जगहों के मुकाबले ज्यादा होता है. उत्तरी ध्रुव के नजदीक वाले इलाकों में साइक्लोन घड़ी चलने की उल्टी दिशा में आगे बढ़ता है, जबकि भारतीय उपमहाद्वीप के आस-पास साइक्लोन घड़ी चलने की दिशा में आगे बढ़ता है.

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. राष्ट्रीय
  3. पूर्वी तटों पर क्यों ज्यादा तबाही मचाते हैं तूफान, 116 सालों में 48% साइक्लोन सिर्फ ओडिशा में

Go to Top