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गांधी जयंती: पहली बार बैंक नोट पर कब आई ‘बापू’ की तस्वीर, अब तक कितने हुए बदलाव

आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती है.

Updated: Oct 02, 2019 2:43 PM

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आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती है. पूरा देश बापू के योगदान को याद कर श्रद्धासुमन अर्पित कर रहा है. राष्ट्र के लिए महात्मा गांधी के योगदान के चलते उन्हें भारतीय करंसी पर जगह दी गई. आज हर मूल्य वर्ग के भारतीय बैंकनोट पर बापू की तस्वीर है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि गांधी जी की यह तस्वीर कहां की है और पहली बार बापू करंसी नोटों पर कब आए….

महात्मा गांधी की तस्वीर पहली बार भारतीय नोट पर लगभग 50 साल पहले आई थी. इसे 100 के नोट पर राष्ट्रपिता की जन्म शताब्दी के मौके पर पहली बार देखा गया था. दरअसल, 1947 में भारत के आजाद होने के बाद महसूस किया गया कि करंसी पर मौजूद ब्रिटिश किंग जॉर्ज की तस्वीर को महात्मा गांधी की तस्वीर से रिप्लेस किया जाए. इसके लिए फैसला लेने में तत्कालीन सरकार को थोड़ा वक्त चाहिए था. इस बीच किंग के पोट्रेट को सारनाथ स्थित लॉयन कैपिटल से रिप्लेस किया गया.

1969 में आई सेवाग्राम आश्रम वाली तस्वीर

रिजर्व बैंक ने पहली बार गांधी जी की तस्वीर वाले कोमेमोरेटिव यानी स्मरण के तौर पर 100 रुपये के नोट 1969 में पेश किए. यह साल उनका जन्म शताब्दी वर्ष था और नोटों पर उनकी तस्वीर के पीछे सेवाग्राम आश्रम भी था. गांधी जी की मौजूदा पोर्ट्रेट वाले करेंसी नोट पहली बार 1987 में आए. गांधी जी के मुस्कराते चेहरे वाली इस तस्वीर के साथ सबसे पहले 500 रुपये का नोट अक्टूबर 1987 में पेश किया गया. इसके बाद गांधी जी की यह तस्वीर अन्य करेंसी नोटों पर भी इस्तेमाल होने लगी.

1996 में एडिशनल फीचर्स के साथ नई महात्मा गांधी सीरीज

RBI ने 1996 में एडिशनल फीचर्स के साथ नई महात्मा गांधी सीरीज नोटों को पेश किया. इन फीचर्स में बदला हुआ वाटरमार्क, विंडोड सिक्योरिटी थ्रेड, लेटेंट इमेज और विजुअल हैंडीकैप्ड लोगों के लएि इंटेग्लियो फीचर्स शामिल रहे. 1996 से पहले 1987 में महात्मा गांधी की तस्वीर को वाटरमार्क के रुप में इस्तेमाल किया जाता था. जो कि नोट के बाईं तरफ दिखाई देते थे. बाद में हर नोट में गांधी जी की तस्वीर छापी जा रही है.

1996 से महात्मा गांधी की तस्वीर वाले जो नए नोट चलन में आए उनमें 5, 10, 20, 100, 500 और 1000 रुपये वाले नोट शामिल थे. इस दौरान अशोक स्तंभ की जगह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का फोटो और अशोक स्तंभ की फोटो नोट के बायीं तरफ निचले हिस्से पर प्रिंट कर दी गई.

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कहां की है नोट पर बापू की मौजूदा तस्वीर

बापू की जो तस्‍वीर आज हम नोट पर देखते हैं, वह वायसराय हाउस (अब राष्‍ट्रपति भवन) में 1946 में खींची गई थी. राष्‍ट्रपिता म्यांमार (तब बर्मा) और भारत में ब्रिटिश सेक्रेटरी के रूप में कार्यरत फ्रेडरिक पेथिक लॉरेंस से मुलाकात के लिए पहुंचे थे. वहीं ली गई गांधी जी की तस्वीर को पोट्रेट के रूप में भारतीय नोटों पर अंकित किया गया. हालांकि, यह तस्‍वीर किस फोटोग्राफर यह तस्‍वीर किस फोटोग्राफर ने खींची इसके बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है.

1949 में आया था अशोक स्तंभ वाला नोट

गांधी जी की तस्वीर से पहले विभिन्न मूल्य वर्ग के नोटों पर अगल-अलग डिजाइन और इमेज रहती थीं. 1949 में तत्कालीन सरकार ने अशोक स्तंभ के साथ नई डिजाइन वाला 1 रुपये का नोट पेश किया था. 1953 से हिंदी को नोटों पर उल्लिखित करना शुरू किया गया. 1000, 5000 और 10000 के उच्च मूल्य वर्ग वाले नोटों को 1954 में रिइंट्रोड्यूस किया गया. 1000 रुपये के नोट पर तंजोर मंदिर की डिजाइन थी, 5000 रुपये के नोट पर गेटवे ऑफ इंडिया और 10000 के नोट पर लॉयन कैपिटल, अशोक स्तंभ थे. हालांकि इन नोटों को 1978 में बंद कर दिया गया. 1980 में नोटों के नए सेट लाए गए.

 

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