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लॉकडाउन: क्या है कोरोना वायरस हॉटस्पॉट, लोगों की जिंदगी पर इससे कैसे होता है असर ?

नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि जिन जिलों में कोई एक्टिव हॉटस्पॉट नहीं है, उन्हें 20 अप्रैल के बाद कुछ रियायतें मिलेंगी.

April 15, 2020 8:43 AM
what is a coronavirus hotspot how will it effect people living in a area नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि जिन जिलों में कोई एक्टिव हॉटस्पॉट नहीं है, उन्हें 20 अप्रैल के बाद कुछ रियायतें मिलेंगी.

देश में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 10,800 के पार चली गई है. कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए सरकार ने लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ा दिया है. इस दौरान एस शब्द बहुत सुनने में आ रहा है- कोरोना हॉटस्पॉट. कोरोना वायरस के फैलने के बाद कई ऐसे शब्द हैं जिनकी जानकारी पहले केवल मेडिकल एक्सपर्ट्स को होती थी, अब वे हर व्यक्ति को पता होते हैं. पिछले कुछ महीनों में क्वारंटाइन और कोरोना वायरस आम तौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले शब्द बन गए और अब हॉटस्पॉट लोकप्रिय हो रहा है क्योंकि केंद्र और राज्य सरकारें इन की पहचान कर वहां इस बीमारी को रोकने के लिए कार्रवाई कर रही हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि जिन जिलों में कोई एक्टिव हॉटस्पॉट नहीं है, उन्हें 20 अप्रैल के बाद कुछ रियायतें मिलेंगी. सरकारी ब्रॉडकास्टर डीडी नेशनल ने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें इस बात को समझाया गया कि एक हॉटस्पॉट कैसे बनता है और उस इलाके में रहने वाले लोगों की जिंदगी में इससे कैसे बदलाव आता है.

कोविड-19 हॉटस्पॉट का क्या अर्थ है ?

वीडियो में बताया गया है कि कोई भी भौगोलिक क्षेत्र जिसमें कोरोना वायरस के छह से ज्यादा पॉजिटिव मामले सामने आए हैं, उसे सरकार द्वारा हॉटस्पॉट घोषित किया जाता है. दूसरे शब्दों में, अगर आपके क्षेत्र में कोरोना वायरस के छह से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं या भविष्य में आते हैं, तो उसे हॉटस्पॉट कहा जाएगा.

किसी हॉटस्पॉट क्षेत्र में रहने वाले लोगों के जीवन पर क्या असर होता है ?

देशभर में लागू लॉकडाउन में जहां लोगों को जरूरी सेवाओं जैसे दवाई की दुकानों, किराने की दुकानों, बैंक आदि पर जाने की इजाजत होती है, वहीं ऐसे इलाकों में सरकार संपूर्ण लॉकडाउन लागू करती है. इन इलाकों में लोगों को अपने घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं होती है. इसकी जगह जरूरी सामान जैसे खाना, किराने का सामान, सब्जियां और दवाईयों की डिलीवरी आपके घर के दरवाजे पर की जाएगी.

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सरकार इन हॉटस्पॉट में क्या अतिरिक्त कदम उठाएगी ?

सराकर की कार्रवाई में ज्यादा लोगों की टेस्टिंग करना, सफाई सुनिश्चित करना और हॉटस्पॉट क्षेत्रों में कोरोना को फैलने से रोकने के लिए सैनिटाइजर का छिड़काव करना शामिल है. इसके साथ ही लोगों के घरों तक जरूरी सामान की सही सप्लाई को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी सरकारी एजेंसियों के कंधों पर आती है.

किसी क्षेत्र को हॉटस्पॉट घोषित करने पर कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में कैसे मदद मिलती है ?

किसी क्षेत्र को हॉटस्पॉट घोषित करने से वहां इस खतरनाक वायरस कम्युनिटी ट्रांसमिशन को कम किया जा सकता है. जो लोग इस वायरस से एक्टिव तौर पर संक्रमित हैं, उनकी उस निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में आसानी से पहचान की जा सकती है और उनका इलाज किया जा सकता है.

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