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  1. प्रत्यर्पण आदेश के खिलाफ माल्या की अपील पर सुनवाई फरवरी में, दिसंबर 2018 में ​भारत के हक में आया था फैसला

प्रत्यर्पण आदेश के खिलाफ माल्या की अपील पर सुनवाई फरवरी में, दिसंबर 2018 में ​भारत के हक में आया था फैसला

यह बात ब्रिटेन की एक अदालत ने कही है.

July 18, 2019 5:30 PM
Vijay Mallya’s Extradition Case To Be Heard Next In February 2020Image: PTI

प्रत्यर्पण आदेश के खिलाफ भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या द्वारा ब्रिटेन के हाई कोर्ट में दाखिल अपील अगले वर्ष 11 फरवरी से तीन दिन की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध की गई है. यह बात ब्रिटेन की एक अदालत ने कही है.

ब्रिटेन हाई कोर्ट के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘अपील 11 फरवरी 2020 को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध की गई है, जो तीन दिन तक चलने का अनुमान है.’’ दो जुलाई को सुनवाई के दौरान जज जॉर्ज लेगाट और एंड्रू पोपेलवेल ने कहा था कि भारत सरकार की ओर से क्राउन प्रॉसीक्यूशन सर्विस (सीपीएस) द्वारा प्रथम दृष्टया पेश मामले के कुछ पहलुओं पर दलीलें यथोचित तरीके से रखी जा सकती हैं.

चीफ मजिस्ट्रेट एम्मा आर्बुथनॉट ने लगाई थी प्रत्यर्पण पर मुहर

जिन चीजों के आधार पर चीफ मजिस्ट्रेट एम्मा आर्बुथनॉट ने दिसंबर 2018 के प्रत्यर्पण आदेश पर जो फैसला सुनाया था, उस पर उच्च अदालत में पूरी सुनवाई होगी. इस आदेश पर ब्रिटेन के गृह मंत्री साजिद जाविद ने हस्ताक्षर भी किए थे. जज लेगाट ने अपने आदेश में कहा, ‘‘अब तक सबसे ठोस आधार यह है कि वरिष्ठ जिला जज इस नतीजे पर पहुंचने में गलत थे कि सरकार ने प्रथम दृष्टया मामला बनाया है.’’ माल्या के वकील क्लेयर मोंटगोमेरी ने जज आर्बुथनॉट के एक खास निष्कर्ष तक पहुंचने को जबर्दस्त चुनौती दी थी.

बैंकों का 9000 करोड़ रु है बकाया

माल्या भारतीय बैंकों के साथ 9,000 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग करने के आरोप में वांछित है. माल्या ने पहले कहा था,‘‘मैं अब भी चाहता हूं कि बैंक अपना पूरा पैसा ले लें, उनको जो करना है करें, मुझे शांति से रहने दें.’’

भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित

विजय माल्या को विशेष प्रिवेंशन मनी लॉन्ड्र एक्ट (PMLA) कोर्ट ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया गया है. माल्या पहले बिजनेसमैन हैं जिन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया है. इसके लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोर्ट में याचिका लगाई थी. इस पर 5 जनवरी को फैसला आया.

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