मुख्य समाचार:

अमेरिकी बैन पर भारत ने निकाला रास्ता, नहीं होगी पेट्रोल-डीजल की किल्लत

पेट्रोलियम मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है प्रतिबंध का कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि वैकल्पिक स्रोतों से आपूर्ति बनी रहेगी.

April 23, 2019 6:34 PM
us ban, us ban on iran, iran, iranion oil, oil, crude oil, india iran, indo iran, crude oil import, indian oil, petrolium ministry, dharmendra pradhan, अमेरिकी प्रतिबंध, ईरानी तेल, भारत ईरान संबंध, भारत अमेरिका संबंध, डॉनल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति, अमेरिकी प्रतिबंध, donald trumpईरान से कच्चे तेल का आयात भारत बंद करेगा. (Image- Reuters)

अमेरिकी प्रतिबंधों से मिली छूट खत्म होने के बाद भारत, ईरान से कच्च तेल का आयात बंद कर देगा. कच्चे तेल की आपूर्ति में होने वाली कमी की भरपाई के लिए सऊदी अरब जैसे देशों से वैकल्पिक स्रोतों का इस्तेमाल किया जाएगा. इससे पहले यह माना जा रहा था कि ईरान से तेल नहीं खरीद पाने की स्थिति में भारत में पेट्रोल-डीजल की किल्लत हो जाएगी लेकिन पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक ट्वीट में कहा, “भारतीय रिफाइनरियों को कच्चे तेल की पर्याप्त आपूर्ति के लिए एक मजबूत योजना तैयार की गई है अन्य प्रमुख तेल उत्पादक देशों से अतिरिक्त आपूर्ति की व्यवस्था होगी और भारतीय रिफाइनरियां पेट्रोल , डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की देशव्यापी मांग को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.” पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से भी ऐसा ही बयान आया है.

ईरान के कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा आयातक

चीन के बाद ईरान के कच्चे तेल का आयात करने वाला भारत दूसरा सबसे बड़ा खरीदार है. 2018-19 के दौरान भारत ने ईरान से करीब 2.4 करोड़ टन कच्चा तेल खरीदा है. ईरान से आयात बंद करने से आपूर्ति में होने वाली कमी की भरपाई सऊदी अरब , कुवैत , संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और मैक्सिको में मौजूद आपूर्ति के वैकल्पिक स्रोतों से की जाएगी.

छूट बढ़ाने के लिए दबाव बनाने की कोशिश

एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, “जब तक कि छूट फिर से शुरू नहीं होती है,मुझे नहीं लगता कि भारत ईरान से कच्चे तेल की खरीदारी करेगा. हम ईरान से कच्चे तेल का आयात बंद कर देंगे.” अधिकारी ने कहा कि इस महीने के आखिर में होने वाली बैठक में अमेरिकी सरकार से छूट की अवधि को 2 मई से आगे बढ़ाने के लिए भारत दबाव डाल सकता है. हालांकि, संभावनाओं के आधार पर खरीदी नहीं की जा सकती है. हम ईरान से तेल का आयात नहीं करेंगे.

यह भी पढ़े- अमेरिकी फैसले से भारत को मिलने वाली छूट बंद

इंडियन ऑयल के पास वैकल्पिक व्यवस्था

इंडियन ऑॅयल कॉर्पोरेशन के चेयरमैन संजीव सिंह ने कहा कि तेल रिफानरी कंपनियां कई स्त्रोतों से कच्चे तेल का आयात करती हैं और पिछले महीनों से वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों की तैयारी कर रही हैं. सिंह ने कहा,”हमारे पास कई आपूर्तिकर्ताओं से तय अनुबंध पर या उससे ऊपर भी आपूर्ति का विकल्प हैं, जिसे कच्चे तेल की कमी को पूरा करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. हम कच्चे तेल की आपूर्ति के लिए हाजिर बाजार में भी जा सकते हैं. जहां तक इंडियन ऑयल का संबंध है, आपूर्ति को लेकर दिक्कत नहीं होगी क्योंकि हमने वैकल्पिक स्त्रोत पहले ही तैयार कर रखे हैं.”

इंडियन आयल के पास वर्ष के दौरान मैक्सिको से 7 लाख टन तय खरीद के ऊपर 7 लाख टन अतिरिक्त कच्चा तेल लेने का विकल्प है. इसी तरह सऊदी अरब से 56 लाख टन के सावधि अनुबंध के ऊपर 20 लाख टन अतिरिक्त कच्चा तेल लेने का विकल्प है. इसी प्रकार , कुवैत से 15 लाख टन और संयुक्त अरब अमीरात से 10 लाख टन कच्चा तेल लेने का विकल्प है.

भारत समेत 8 देशों को मिली थी आंशिक छूट

ट्रंप सरकार ने सोमवार को भारत समेत अन्य देशों को ईरान से कच्चा तेल आयात करने को लेकर मिली छूट की अवधि आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया था. परमाणु मुद्दे पर ईरान के साथ 2015 में हुये समझौते से पिछले साल अमेरिका बाहर हो गया था और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने परमाणु समझौते से अमेरिका को अलग कर लिया था और ईरान के खिलाफ फिर से प्रतिबंध लगा दिये गये. हालांकि, अमेरिका ने चीन, भारत, जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान, तुर्की, इटली और यूनान को छह महीने प्रतिबंध से छूट दी थी. इसके साथ ही सभी देशों को ईरान से आयात किये जाने वाले कच्चे तेल में कटौती को भी कहा था. यह छूट नवंबर 2018 में शुरू हुई थी और दो मई को समाप्त हो रही है.

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. राष्ट्रीय
  3. अमेरिकी बैन पर भारत ने निकाला रास्ता, नहीं होगी पेट्रोल-डीजल की किल्लत

Go to Top