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उत्तर प्रदेश में देसी-विदेशी से लेकर इम्पोटेर्ड शराब तक महंगी, पेट्रोल-डीजल के भी दाम बढ़े

लॉकडाउन में आमदनी बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने पेट्रोल-डीजल से लेकर हर तरह की शराब पर लैवी बढ़ा दी.

May 6, 2020 4:39 PM
UP govt increases liquor prices from country made to imported alcohol also hikes petrol-diesel prices by up to 2 rupees to generate revenue corona lockdownयूपी सरकार को अप्रैल में 12,141 करोड़ के अनुमानित राजस्व के मुकाबले 1178 करोड़ का संग्रह हुआ है.

Lockdown 3.0: लॉकडाउन के चलते राजस्व में भारी नुकसान झेल रही राज्य सरकारें अब आमदनी बढ़ाने की कोशिशों में जुटी हैं. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भी बुधवार को इस संबंध में कई अहम निर्णय किए. इसके तहत, प्रदेश में पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel) से लेकर देसी-विदेशी से लेकर इम्पोटेर्ड शराब पर शुल्क बढ़ा दिया गया. प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कैबिनेट की फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि अप्रैल के महीने में कर संग्रह का अनुमानित आंकड़ा 12,141 करोड़ रुपये था. लेकिन लॉकडाउन के चलते सिर्फ 1,178 करोड़ रुपये का कर संग्रह हुआ है. ऐसे में आमदनी बढ़ाने के लिए कुछ कदम उठाए गए हैं.

सुरेश खन्ना ने कहा कि पेट्रोल-डीजल अभी GST के दायरे में नहीं है. सरकार इस पर टैक्स बढ़ा सकती है. बाकी अन्य चीजें जीएसटी के दायरे में हैं. इसलिए सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर वैट बढ़ाने का फैसला किया है. प्रदेश सरकार ने डीजल पर एक 1 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल पर 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने का फैसला लिया गया है. नई दरें बुधवार रात 12 बजे से लागू हो जाएंगी.

UP में Petrol-Diesel का नया भाव

उत्तर प्रदेश में पेट्रोल पर वैट 16.74 रुपये था जो बढ़कर 18.74 रुपये प्रति लीटर हो गया. इसी तरह डीजल पर वैटर 8.41 रुपये से बढ़कर 9.41 रुपये हो गया. इस बढ़ोतरी के बाद उत्तर प्रदेश में पेट्रोल के दाम 73.91 रुपये प्रति लीटर हो गए. जो पहले 71.91 रुपये प्रति लीटर थे. इसी तरह, डीजल के दाम बढ़कर 63.86 रुपये प्रति लीटर हो गए जोकि 62.86 रुपये प्रति लीटर थे. ये मूल्यवृद्धि बुधवार आधी रात से लागू हो जाएंगे.

प्रदेश के वित्त मंत्री का कहना है कि डीजल की खपत किसानों, ट्रांसपोर्टेशन और इंडस्ट्री के लिए अधिक होता है. इसलिए इसमें हमने 1 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है. वर्तमान परिस्थितियों में अतिरिक्त संसाधन जुटाना जरूरी था. इसलिए यह निर्णय किया गया है.

वित्त मंत्री ने बताया कि प्रदेश में पेट्रोल की खपत 470 करोड़ लीटर है. जबकि डीजल की खपत 1120 करोड़ लीटर है. इस तरह, पेट्रो पदार्थों की कीमतें बढ़ने से सरकार को 2,070 करोड़ करोड़ रुपये का अतिरिक्त रेवेन्यू प्राप्त होगा.

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देसी-विदेशी-आयातित शराब भी हुई महंगी

उत्तर प्रदेश सरकार ने सूबे में बिकने वाली देसी और विदेशी शराब के जरिए भी आमदनी बढ़ाने का फैसला किया है. देसी शराब पर 5 रुपये की वृद्धि हुई है. जो पहले 65 रुपये में मिलती ​थी वो अब 70 रुपये में​ मिलेगी. जबकि 75 रुपये वाली 80 में मिलेगी. विदेशी शराब पर 180 ML तक 10 रुपये, 180 ML-500 ML तक 20 रुपये और 500 ML से ज्यादा पर 30 रुपये की वृद्धि की गई है. ये इकोनॉमी क्लास पर है.

प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि इसी तरह आयातित शराब में 100-180ML तक 100 रुपये, 180-500ML तक 200 रुपये और 500ML से अधिक पर 400 रुपये की वृद्धि की गई है. ये तुरंत प्रभाव से लागू किया जाएगा. सुरेश खन्ना ने बताया कि शराब की बिक्री बंद होने से अवैध शराब का धंध बढ़ रहा था. मई के पहले हफ्ते तक 80,020 लीटर अवैध शराब पकड़ी गई. इसके साथ 499 भट्ठियां पकड़ी गई.

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