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UP की योगी सरकार 11 लाख प्रवासी कामगारों/मजदूरों को देगी जॉब, इंडस्ट्री के साथ हुआ करार

उत्तर प्रदेश सरकार ने स्किल मैपिंग से हर हाथ को काम और हर घर में रोजगार उपलब्ध कराने की कार्रवाई को आगे बढ़ाया है.

Published: May 29, 2020 3:24 PM
UP CM Yogi Adityanath announces jobs for 11 lakh migrant workers, state govt inks pact with industry bodiesयूपी की योगी सरकार ने हाल ही में भूमि अधिग्रहण के नियमों को आसान करने का फैसला लिया है.

UP CM Yogi Adityanath announces jobs for 11 lakh migrant workers: कोरोनावायरस महामारी (Coronavirus pandemic) के दौर में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य में 11 लाख प्रवासी मजदूरों को रोजागार देने का एलान किया है. इसके लिए प्रदेश सरकार ने इंडस्ट्री के साथ समझौते हुए है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार ने स्किल मैपिंग से हर हाथ को काम और हर घर में रोजगार उपलब्ध कराने की कार्रवाई को आगे बढ़ाया है. 11 लाख प्रवासी मजूदरों और श्रमिकों की लिस्ट फिक्किी और इंडिया इंडस्ट्रीज एसोसिएशन जैसे संगठनों से मिली है, जिन्होंने इतनी बड़ी वर्कफोर्स को रोजगार देने का भरोसा दिया है. श्रम शक्ति को सबसे बड़ी ताकत बताते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि इस प्रयास से श्रमिकों को वित्तीय स्थिरता और जीवन यापन दोबारा से सुलभ हो पाएगा.

मुख्यमंत्री योगी का कहना है कि स्किल मैपिंग से हुनरमंद कामगारों को उनके मुताबिक काम मिल सकेगा. करीब 18 लाख श्रमिकों की स्किल मैपिंग सरकार की तरफ से की जा चुकी है.

कामगारों से जुड़ी नीतियों में व्यापक सुधार

प्रत्येक हाथ को काम हर परिवार को रोजगार देने के मिशन के तहत योगी सरकार ने कामगारों से जुड़ी नीतियों और नियमों में व्यापक सुधार सुनिश्चित किया है. उन्होंने कहा कि सुधार जल्द लागू हो जाएंगे. शुक्रवार को मीटिंग में उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विकास के रास्ते पर है और प्रवासी मजदूरों को नया यूपी बनाने में एक व्यापक भूमिका है.

बता दें, राज्य की योगी सरकार ने इसके लिए भूमि अधिग्रहण के नियमों को आसान करने का फैसला लिया है. इससे कारोबार करने के लिए यानी उद्योग लगाने के लिए जमीन आसानी से मिल सकेगी. राजस्व संहिता में संशोधन सहित सरकार वह सभी तरीके अपनाना चाहती है, जिनसे उद्योगों को आसानी से जमीन उपलब्ध कराई जा सके. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्योगों के लिए लैंडबैंक जुटाने के भी निर्देश दिए हैं. इस बीच, यूपी सरकार ने बताया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से 3 लाख के कोलेटरल फ्री लोन स्कीम का लाभ प्रदेश में 57,000 एमएसएमई ने लिया है.

लगभग 30 प्रवासी लाख  श्रमिक वापस आए

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि  अब तक केंद्र सरकार के सहयोग से, उत्तर प्रदेश में लगभग 30 लाख कामगार/श्रमिक वापस आए हैं, जो कि 1,400 से अधिक श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से, अगल-बगल के राज्यों से बसों के माध्यम से व शेष स्वयं के साधनों से उत्तर प्रदेश पहुंचे हैं. स्वाभाविक रूप से महामारी के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से कामगारों/श्रमिकों ने बड़ी संख्या में पलायन किया. देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य होने के नाते उत्तर प्रदेश में लाखों की संख्या में कामगारों/श्रमिकों को वापस आना पड़ा. प्रदेश सरकार ने पहले से यह तय किया है कि हम प्रत्येक कामगार/श्रमिक की वापसी उत्तर प्रदेश में सकुशल करवाएंगे. प्रदेश सरकार, केंद्र सरकार के साथ मिलकर कामगार/श्रमिकों को निःशुल्क उत्तर प्रदेश में लाएगी.

लौटने वाले श्रमिकों को निशुल्क सुविधा

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब व्यापक पैमाने पर प्रवासी श्रमिकों ने उत्तर प्रदेश के लिए पलायन किया तो प्रदेश की सीमा, टोल प्लाजा व अन्य चौराहों पर भोजन, पेयजल की व्यवस्था की गई. इसकी कोई तय समयसीमा नहीं है. जो भी होगा हम उनकी सुरक्षित, निःशुल्क व सम्मानजनक वापसी करवाएंगे. प्रदेश में वापस आने वाले सभी श्रमिकों को पहले क्वारंटाइन केंद्र ले जाकर वहां उनकी थर्मल स्क्रीनिंग की जाती है. इसके बाद जो लोग स्वस्थ हैं, हम उन्हें राशन किट उपलब्ध करवाकर ‘होम क्वारंटाइन’ के लिए अपने साधनों से, उन्हें घरों तक पहुंचाते हैं. राशन किट में 15 दिन का खाद्यान्न दिया जाता है जिसमें दाल, नमक, आटा, मिर्च, मसाले तेल आदि उपलब्ध कराए जाते हैं.

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