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Digital Health ID Card : अस्पतालों में हेल्थ आईडी कार्ड का क्या है काम, क्या हैं फायदे, कैसे करें अप्लाई, यहां मिलेगा हर सवाल का जवाब

इस डिजिटल हेल्थ कार्ड में आपकी बीमारी और इलाज से संबंधित सभी तरह की जानकारियां दर्ज होंगी. यानी इसके ज़रिए किसी भी मरीज के मेडिकल हिस्ट्री का पता लगाया जा सकेगा.

Updated: Oct 06, 2021 2:40 PM
How to apply for unique digital health idडिजिटल हेल्थ मिशन के तहत लोगों को एक यूनिक डिजिटल हेल्थ आईडी कार्ड दिया जाएगा. फोटो - नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन

Digital Health ID Card : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ दिनों पहले आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) की शुरुआत की. इस दौरान उन्होंने कहा कि ABDM में स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने की ताकत है. इस डिजिटल मिशन के तहत लोगों को एक यूनिक डिजिटल हेल्थ आईडी कार्ड दिया जाएगा जिसमें उनका स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड दर्ज होगा. इस डिजिटल हेल्थ कार्ड में आपकी बीमारी और इलाज से संबंधित सभी तरह की जानकारियां दर्ज होंगी. यानी इसके ज़रिए किसी भी मरीज के मेडिकल हिस्ट्री का पता लगाया जा सकेगा.

क्या है यूनिक हेल्थ आईडी और आप इसे कैसे प्राप्त कर सकते हैं?

अगर आप ABDM का हिस्सा बनना चाहता है, तो इसके लिए आपको अपनी एक हेल्थ आईडी कार्ड बनानी होगी. इस हेल्थ आईडी के तहत एक 14 अंकों की संख्या जनरेट होगी, जिसका इस्तेमाल आपके पहचान के तौर पर किया जाएगा. इस आईडी को मोटे तौर पर तीन उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जा सकेगा – आपके पहचान यानी यूनिक आईडेंटिफिकेशन के लिए, प्रमाणित करने के लिए (Authentication) और आपके हेल्थ रिकॉर्ड को आपकी सहमति होने पर कई सिस्टम्स और हितधारकों तक पहुंचाने के लिए.

अगर आप अपना हेल्थ आईडी कार्ड बनाना चाहते तो इसके लिए आपको पोर्टल पर खुद को रजिस्टर करना होगा. आप चाहें तो अपने मोबाइल पर ABDM हेल्थ रिकॉर्ड्स ऐप भी डाउनलोड कर सकते हैं. इस ऐप के ज़रिए भी आप खुद को हेल्थ आईडी कार्ड के लिए रजिस्टर कर सकते हैं. इसमें आपको अपनी बेसिक जानकारियां भरनी होगी और इसके साथ ही अपने मोबाइल नंबर या आधार नंबर को प्रमाणित करना होगा.

PHR एड्रेस क्या है?

PHR (पर्सनल हेल्थ रिकॉर्ड) एड्रेस एक स्व-घोषित यूजरनेम है. इसे हेल्थ इंफॉर्मेशन एक्सचेंज और कंसेंट मैनेजर (HIE-CM) में साइन इन करने की जरूरत होती है. डेटा शेयरिंग के लिए सभी हेल्थ आईडी को एक Consent मैनेजर से लिंक किया जाता है. वर्तमान में, सभी हेल्थ आईडी यूजर्स, हेल्थ आईडी साइन अप के दौरान अपना स्वयं का PHR एड्रेस जनरेट कर सकते हैं. आईडी बनाने के दौरान आपको कंसेंट मैनेजमेंट के लिए एक PHR एड्रेस सेट करना होगा, और फिर बाद में अपना स्वास्थ्य रिकॉर्ड साझा करना होगा.

हेल्थ आईडी बनाने के दौरान देनी होगी ये जानकारियां

फिलहाल मोबाइल नंबर या आधार कार्ड के ज़रिए हेल्थ आईडी कार्ड जनरेट किया जा सकता है. आधिकारिक वेबसाइट में कहा गया है कि जल्द ही हेल्थ आईडी कार्ड बनाने के लिए पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस का इस्तेमाल भी किया जा सकेगा. मोबाइल या आधार के ज़रिए हेल्थ आईडी बनाने के लिए आपको अपना नाम, जन्म का वर्ष, लिंग, पता और मोबाइल नंबर / आधार की जानकारी देनी होगी.

क्या आधार जरूरी है?

हेल्थ आईडी कार्ड बनाते समय आधार जरूरी नहीं है. अगर आपके पास आधार कार्ड नहीं है या इसमें आधार का उपयोग नहीं करना चाहते तो केवल मोबाइल नंबर का उपयोग करके भी हेल्थ आईडी कार्ड बनाया जा सकता है.

आधार कार्ड मोबाइल नंबर से लिंक नहीं होने पर क्या आधार कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं?

अगर लाभार्थी अपने आधार नंबर का उपयोग करने का विकल्प चुनता है, तो आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाएगा. हालांकि, अगर उसने इसे अपने मोबाइल से लिंक नहीं किया है, तो लाभार्थी को निकटतम फैसिलिटी पर जाना होगा और आधार संख्या का उपयोग करके बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण का विकल्प चुनना होगा.

क्या आपका पर्सनल हेल्थ रिकॉर्ड सुरक्षित हैं?

NHA का कहना है कि ABDM किसी भी लाभार्थी के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को स्टोर नहीं करता है. इस रिकॉर्ड को हेल्थकेयर इंफॉर्मेशन प्रोवाइडर्स के पास उनकी ” Retention Policies” के अनुसार स्टोर किया जाता है और लाभार्थी की सहमति के बाद ही एबीडीएम नेटवर्क पर एन्क्रिप्शन मैकेनिज्म के साथ साझा किया जाता है. केंद्र सरकार का कहना है कि किसी भी नागरिक का डेटा किसी भी अन्य फर्म के साथ शेयर नहीं किया जाएगा. इसके अलावा साइबर हमलों से बचाव के लिए अलग से टीम भी बनाई जाएगी, जो इस डेटा को सुरक्षित रखने का काम करेगा. आपके डेटा को केवल डॉक्टर को ही दिखाया जाएगा, और उसके लिए भी आपके द्वारा एक्सेस दिए जाने के बाद एक बार ही दिखाया जाएगा, दूसरी बार देखने के लिए आपको दोबारा एक्सेस देने की जरूरत होगी.

क्या हेल्थ आईडी कार्ड को डिलीट किया जा सकता है?

NHA के मुताबिक अगर आप चाहें तो अपना हेल्थ आईडी कार्ड डिलीट कर सकते हैं. इस मामले में आपके पास दो विकल्प हैं. अगर आप चाहें तो अपने हेल्थ आईडी कार्ड को स्थायी तौर पर डिलीट कर सकते हैं या इसे अस्थायी तौर पर भी निष्क्रिय किया जा सकता है. अगर आप स्थायी तौर पर डिलीट करने का विकल्प चुनते हैं तो आपकी सभी जानकारियां पूरी तरह से डिलीट हो जाएंगी. इसके बाद आप कार्ड में दर्ज किसी भी तरह की जानकारी को दोबारा एक्सेस नहीं कर पाएंगे. इसके अलावा, अगर आप इसे अस्थायी तौर पर निष्क्रिय करते हैं तो सिर्फ निष्क्रिय किए जाने की अवधि तक ही कार्ड में दर्ज जानकारियों को एक्सेस नहीं किया जा सकेगा.

क्या हैं इसके फायदे?

अगर आप किसी अस्पताल में भर्ती हैं तो इस दौरान किसी भी समय अपने डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड को एक्सेस कर सकते हैं. इसके अलावा, आप अपने पर्सनल हेल्थ रिकॉर्ड को अपनी हेल्थ आईडी के साथ लिंक कर सकते हैं. इससे आपकी स्वास्थ्य से संबंधित जानकारियां हेल्थ आईडी में हमेशा के लिए दर्ज हो जाएंगी. इस हेल्थ कार्ड के ज़रिए आप देश भर के सत्यापित डॉक्टरों की पहचान कर पाएंगे और उन तक पहुंच पाएंगे. अगर आप चाहें तो अपने बच्चे के लिए जन्म से ही डिजिटल हेल्थ आईडी कार्ड बना सकते हैं. आप अपने हेल्थ आईडी तक पहुंचने के लिए एक नॉमिनी भी जोड़ सकते हैं. नॉमिनी आपके पर्सनल हेल्थ रिकॉर्ड को देखने या मैनेज करने में आपकी मदद सकता है.

ऐसे कर सकते हैं अप्लाई

  • हेल्थ आईडी कार्ड बनाने के लिए सबसे पहले आपको नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन (NDHM) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा.
  • इस वेबसाइट पर आपको Create Your Health ID  का ऑप्शन दिखेगा. आपको इस ऑप्शन पर क्लिक करना है.
  • इस नए पेज पर आते ही आपके सामने दो विकल्प होंगे. अगर आप अपने आधार कार्ड का उपयोग करते हुए आईडी कार्ड बनाना चाहते हैं तो Generate via Aadhar पर क्लिक करें.
  • क्लिक करते ही आपसे आधार कार्ड का नंबर डालने के लिए कहा जाएगा. इसके साथ ही आपसे सहमति मांगी जाएगी. अगर आप सहमत हैं तो I agree पर क्लिक करके सबमिट करें.
  • सबमिट करने के बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर 6 अंकों का ओटीपी आएगा. आपको ओटीपी कोड डालकर वेरिफाई करना होगा.
  • इसके बाद आपसे आपके मोबाइल नंबर को भी वेरिफाई करने के लिए कहा जाएगा. यहां जिस मोबाइल नंबर पर आपको ओटीपी आया था उसे एंटर करना होगा.
  • इसके बाद आपके मोबाइल नंबर पर 6 अंकों का एक और ओटीपी आएगा. इस ओटीपी कोड को डालकर एक बार फिर वेरिफाई करें. आपके नंबर 14 अंकों की हेल्थ आईडी नंबर के साथ एक और मैसेज आएगा. आप मैसेज में दिए लिंक के ज़रिए लॉग-इन कर सकते हैं.
  • इसके बाद आपसे नाम, जन्म का वर्ष जैसी सामान्य जानकारियां मांगी जाएगी. सभी जानकारियां भरने के बाद सबमिट पर क्लिक कर दें. आपका हेल्थ आईडी कार्ड जनरेट हो जाएगा.

मोबाइल नंबर से भी किया जा सकता है अप्लाई.

  • इसके लिए पहले अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें और मोबाइल पर आए हुए ओटीपी को एंटर कर वेरीफाई करें.
  • आपको यहां अपनी एक फोटो, डेट ऑफ बर्थ, पता समेत कुछ और जानकारियां देनी होगी.
  • अब जो पेज खुलकर आपके सामने आएगा उसमें मांगी हुई जानकारियां भरनी होगी.
  • पूरी जानकारियां भरने के बाद आपका हेल्थ आईडी कार्ड जनरेट हो जाएगा.

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