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ग्राहकों को जल्द मिल सकती है बड़ी राहत, कंपोजिशन स्कीम का फायदा उठाने वाले कारोबारी नहीं वसूल सकेंगे टैक्स

सभी कारोबारियों को जल्द ही बिल पर अपने जीएसटी पंजीकरण की स्थिति छापने को अनिवार्य होगा. इससे ग्राहकों को पता चल जाएगा कि उन्हें विक्रेता को टैक्स चुकाना है या नहीं. इसके प्रति जागरुकता फैलाने के लिए सरकार इसका प्रचार भी करेगी.

Updated: Jan 13, 2019 6:31 PM
GST, Composition Scheme, Proposals form Government, GST Relaxation, Small Tradors, GST Levied, GST Exempted, कंपोजिशन स्कीमकारोबारियों को बिल पर यह छापना अनिवार्य होगा कि वे कंपोजिशन स्कीम का फायदा उठा रहे हैं या नहीं.

जल्द ही आम लोगों को सरकार नये साल में नया तोहफा देने जा रही है. केंद्र सरकार एक प्रस्ताव तैयार कर रही है, जिसके तहत वस्तु एवं सेवा कर (GST) की कंपोजिशन (एकमुश्त कर) योजना का फायदा उठाने वाले रजिस्टर्ड विक्रेता अपने ग्राहकों से टैक्स नहीं वसूल सकेंगे. केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अधीन काम करने वाला राजस्व विभाग इसके लिए ऐसी सभी इकाइयों को बिल पर अपना GST रजिस्ट्रेशन स्टेटस छापने को अनिवार्य करने जा रहा है. इससे ग्राहकों को पता चल जाएगा कि उन्हें विक्रेता को टैक्स चुकाना है या नहीं. राजस्व विभाग इस योजना का प्रचार भी करेगा ताकि विक्रेता ग्राहकों से बेवजह टैक्स न वसूल सकें.

अभी कई कारोबारी टैक्स वसूल कर सरकारी खजाने में नहीं जमा कराते

एक अधिकारी ने बताया कि अभी कंपोजिशन स्कीम में रजिस्टर्ड कई छोटे डीलर ग्राहकों से टैक्स तो वसूल लेते हैं लेकिन उसे सरकारी खजाने में जमा नहीं कराते. अधिकारी के अनुसार बाजार में अभी यह गड़बड़ी खूब चल रही है लेकिन इस उपाय को लागू किए जाने से इस पर रोक लगेगी. कंपोजिशन स्कीम के तहत छोटे व्यापारियों और मैन्युफैक्चरर्स को माल की बिक्री पर एक प्रतिशत की दर से GST जमा कराना होता है जबकि उत्पादों पर GST की सामान्य दरें 5, 12 या 18 प्रतिशत हैं लेकिन उन्हें ग्राहक से GST काटने का अधिकार नहीं है.

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छोटे कारोबारियों की सुविधा के लिए है कंपोजिशन स्कीम

केंद्र सरकार ने व्यापार और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की इकाइयों के लिए 1 फीसदी की दर वाली कंपोजिशन योजना लागू की है. यह सुविधा सालाना 1 करोड़ रुपये तक के कारोबार वाली इकाइयों पर लागू है. इस साल अप्रैल से यह सीमा 1.5 करोड़ रुपये हो जाएगी. यह योजना ऐसे छोटे कारोबारियों के लिए GST नियम आसान बनाने के लिए शुरू की गई है. GST परिषद की 10 जनवरी की बैठक में सालाना 50 लाख रुपये तक का कारोबार करने वाली सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों को भी कंपोजिशन योजना का विकल्प अपनाने की छूट देने का निर्णय किया गया है.

करीब 20 लाख कारोबारी ले रहे कंपोजिशन योजना का लाभ

GST के तहत कुल रजिस्टर्ड इकाइयों की संख्या 1.17 करोड़ हैं. इनमें से करीब 20 लाख ने कंपोजिशन योजना का विकल्प चुना है.

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