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बैंकों के साथ टैक्सपेयर्स की जानकारी साझा कर सकेंगे आयकर अधिकारी, CBDT ने दी मंजूरी

इस फैसले से बैंकों को यह तय करने में आसानी हो जाएगी कि उन्हें किस ग्राहक का TDS काटना है और किसका नहीं. 

Updated: Sep 02, 2020 3:16 PM
The CBDT has said now the income tax authorities can share information with scheduled commercial banks, central board of direct taxesसरकार के इस कदम का मकसद कर चोरी पर लगाम लगाना और देश में टैक्स बेस बढ़ाना है. Image: Reuters

केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने आयकर अधिकारियों द्वारा करदाताओं की जानकारी को शिड्यूल्ड कमर्शियल बैंकों के साथ साझा करने को अनुमति दे दी है. इस फैसले से बैंकों को यह तय करने में आसानी हो जाएगी कि उन्हें किस ग्राहक का TDS (Tax deducted at source)  काटना है और किसका नहीं. सरकार के इस कदम का मकसद कर चोरी पर लगाम लगाना और देश में टैक्स बेस बढ़ाना है. बोर्ड ने 31 अगस्त को जारी नोटिफिकेशन में शिड्यूल्ड कमर्शियल बैंकों को करदाताओं की सूचना साझा करने के लिए आयकर कानून के सेक्शन 138 के तहत शामिल कर दिया है.

आयकर कानून का सेक्शन 138 आयकर अधिकारियों को टैक्सपेयर्स की जानकारी या विवरण को अन्य एजेंसियों के साथ साझा करने का अधिकार देता है. बोर्ड ने नोटिफिकेशन में कहा कि आयकर कानून 1961 के सेक्शन 138 के सब सेक्शन (1) के क्लॉज (a) के सब क्लॉज (ii) के अनुरूप, केन्द्र सरकार संबंधित क्लॉज के उद्देश्य के लिए शिड्यूल्ड कमर्शियल बैंकों को निर्दिष्ट करती है. ये बैंक वे हैं, जो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया एक्ट 1934 के सेकंड शिड्यूल में लिस्टेड हैं.

कई प्रशासनिक दिक्कतें होंगी दूर

Nangia Andersen LLP पार्टनर संदीप झुनझुनवाला का कहना है कि इन बैंकों को उन संगठनों की लिस्ट में शामिल किया गया है, जिनके साथ टैक्स अधिकारी करदाताओं से जुड़ी जानकारी साझा कर सकते हैं. इससे देश के बैंकिंग उद्योग के समक्ष अभी मौजूद कई तरह की प्रशासनिक दिक्कतों का समाधान हो जाएगा. आयकर अधिनियम की धारा 138 में इन बैंकों को शामिल किए जाने से शिड्यूल्ड कमर्शियल बैंकों को विभिन्न तरह के भुगतान पर अपने ग्राहकों के मामले में TDS कटौती के बारे में निर्णय करने में आसानी होगी.

उन्होंने कहा कि यह कदम विशेषकर सेक्शन Section 194N के तहत TDS जैसे मामलों में मदद करेगा, जिनमें विदड्रॉअल करने वाले ग्राहक से आयकर से जुड़ी कई तरह की सूचनाओं और घोषणाओं की जरूरत होती है. यह भी कहा कि कर विभाग द्वारा सूचनाओं की शेयरिंग बैंकों को ग्राहकों द्वारा जमा किए जाने वाले फॉर्म 15G और 15H को वैलिडेट करने में सक्षम बनाएगी, बैंक पुराने सालों के टैक्स रिटर्न के साथ डिटेल्स मैच कर सकेंगे.

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अन्य एजेंसियों के साथ भी सूचना का आदान-प्रदान

हाल ही में आयकर कानून के सेक्शन 138 को लेकर आयकर अथॉरिटीज और सेबी, केन्द्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड, MSME मंत्रालय, नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, इंटेलीजेंस ब्यूरो, केन्द्रीय जांच एजेंसी, केन्द्रीय सचिवालय, कृषि मंत्रालय आदि के बीच सूचना के आदान-प्रदान के लिए ऐसे ही नोटिफिकेशंस और एमओयू जारी हुए हैं.

Input: PTI

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