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  1. टाटा स्टारबक्स ने की 4.51 करोड़ रुपये की मुनाफाखोरी, GST रेट घटने का नहीं दिया फायदा

टाटा स्टारबक्स ने की 4.51 करोड़ रुपये की मुनाफाखोरी, GST रेट घटने का नहीं दिया फायदा

टाटा स्टारबक्स मुनाफाखोरी में दोषी

April 30, 2019 3:33 PM
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Tata Starbucks: टाटा स्टारबक्स को मुनाफाखोरी में दोषी पाया गया है. कंपनी ने टैक्स में कमी का लाभ कंज्यूमर्स उपभोक्ताओं को न देकर 4.51 करोड़ रुपये की मुनाफाखोरी की. जीएसटी की जांच इकाई ने पाया है कि माल एवं सेवा कर (GST) की दरों में कटौती के बाद भी कंपनी ने कॉफी के दाम नहीं घटाकर मुनाफाखोरी की है. सूत्रों ने बताया कि डीजीएपी ने अपनी जांच मार्च में पूरी की.

जांच में आया सामने

मुनाफाखोरी महानिदेशालय (डीजीएपी) की जांच में यह तथ्य सामने आया है कि टाटा और वैश्विक कॉफी श्रृंखला स्टारबक्स की समान हिस्सेदारी वाले संयुक्त उद्यम ने अपनी एक कॉफी के दाम तब बढ़ाए जबकि जीएसटी परिषद ने रेस्तरांओं पर जीएसटी की दर को 18 से घटाकर पांच फीसदी कर दिया था. यह दर 15 नवंबर, 2017 से लागू हुई थी. इससे इस उत्पाद का खुदरा बिक्री मूल्य जीएसटी दर में कटौती से पहले जितना ही रहा.

Tata Starbucks ने क्या कहा

इस बारे में टाटा स्टारबक्स के प्रवक्ता ने कहा कि एक जिम्मेदार संगठन के रूप में कंपनी अपना कारोबार पूरी नैतिकता के साथ करती है ओर सभी स्थानीय कानूनों और नियमनों का अनुपालन करती है. कंपनी अक्टूबर, 2012 में भारतीय बाजार में उतरी थी. फिलहाल वह मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, हैदराबाद, चेन्नई, बेंगलुरु, चंडीगढ़, पुणे और कोलकाता में 140 आउटलेट्स चलाती है. अब इस मामले की सुनवाई राष्ट्रीय मुनाफाखोरी प्राधिकरण (एनएए), जो मुनाफाखोरी की राशि पर अंतिम आदेश जारी करेगा.

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