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कोरोना ने बदल दिया काम करने का अंदाज, इस साल लीडरशिप में बढ़ सकती है महिलाओं की भूमिका

भविष्य में लीडरशिप की भूमिका में महिलाओं की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.

January 9, 2021 4:40 PM
study reveals Remote working work from home to boost hybrid workforce, gig economy in 2021वर्क फ्रॉम होम की सफलता से Gig Economy को बढ़ावा मिलेगा. (File Image- IE)

पिछले साल कोरोना महामारी के कारण अधिकतर समय दुनिया भर में लॉकडाउन लगा रहा. ऐसे में जहां तक संभव हो सका, लोगों ने वर्क फ्रॉम होम का कल्चर अपनाना शुरू किया. यह कल्चर इतना सफल रहा कि कुछ कंपनियों ने इसे कोरोना के बाद के लिए भी अपनाने का फैसला कर लिया. एक अध्ययन में खुलासा हुआ है कि वर्क फ्रॉम होम की सफलता से Gig Economy को बढ़ावा मिलेगा. जॉब साइट साइकी (Scikey) द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट 2021 टैलेंट टेक्नोलॉजी आउटलुक के मुताबिक इस साल 2021 में हाइब्रिड वर्कफोर्स देखने को मिलेगा. गिग इकोनॉमी के विस्तार से महिलाओं की लीडरशिप में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.

गिग इकोनॉमी एक फ्री मार्केट सिस्टम है जिसमें अस्थाई तौर पर कामगारों को रखा जाता है. इस प्रकार की व्यवस्था में ऑर्गेनाइजेशंस स्वतंत्र कामगारों को कुछ समय के लिए रखते हैं. यानी एक तरह से उन्हें अस्थाई तौर पर जॉब पोजिशंस दी जाती है. कोरोना महामारी के कारण एकाएक वर्क मॉडल में जो बदलाव आया है, उसने कंपनियों को स्किल गैप को पहचानने और उसे पूरा करने की तरफ सोचने को मजबूर किया है.

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इस साल बढ़ेगी गिग इकोनॉमी

पिछले साल 2020 में बहुत अनुभवी लोगों को भी रोजगार गंवाना पड़ा था और नए लोगों को रोजगार पर रखा जा रहा है. इससे जिग इकोनॉमी का विस्तार हुआ. गिग इकोनॉमी से डायवर्सिटी (विविधता) बढ़ेगी. इसके अलावा लागत कम करने के लिए कंपनियों पर दबाव भी बढ़ेगा. रिपोर्ट के मुताबिक 2021 में एक्सटर्नल हायरिंग अधिक नहीं होगी, इसके बावजूद गिग इकोनॉमी का विस्तार होगा.

महिलाओं की बढ़ेगी भूमिका

गिग इकोनॉमी के तहत लोगों को अपने मुताबिक कामकाजी घंटे चुनने की आजादी रहेगी. इससे अधिक से अधिक महिलाएं काम करने को लेकर तैयार होंगी. रिपोर्ट के मुताबिक भविष्य में नेतृत्वकारी की भूमिका में महिलाओं की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.

इस तरह मिलेगा रोजगार

यह स्टडी 100 प्लस सी-सुईट और सर्वे, सोशल मीडिया इनपुट्स इंटरव्यूज व पैनल डिस्कशन के जरिए चुने गए 100 से अधिक ऑर्गेनाइजेशंस के ह्यूमन कैपिटल लीडर्स से प्राप्त इनपुट्स के एनालिसिस के आधार पर किया गया है. सर्वे के मुताबिक 20 फीसदी लीडर्स ने कहा कि एक्सटर्नल वेंडर्स और एचआर कंसल्टेंट्स के जरिए रिक्रूटमेंट किया जाएगा. हालांकि शेष 80 फीसदी लोगों का कहना है कि वे पहले इंटर्नल हायरिंग को प्रमुखता देंगे. इस प्रकार 87 फीसदी लीडर्स का मानना है कि भविष्य में लर्निंग, कोर स्किल्स के डेवलपमेंट, बिहैवियरल व लीडरशिप जैसे गुणों की महत्ता बढ़ जाएगी.
67 फीसदी लीडर्स का मानना है कि हायरिंग और टैलेंट को अपनी कंपनी से जोड़े रखने में वर्कफोर्स में डायवर्सिटी होना बहुत जरूरी है. 87 फीसदी का मानना है कि काम पाने के लिए क्रिटिकल थिंकिंग अधिक जरूरी होगा, वहां 93 फीसदी का मानना है कि भविष्य में रोजगार के लिए कारोबारी चतुराई का गुण अनिवार्य रूप से होना चाहिए.

टैलेंट को रोके रखना बड़ी चुनौती

87 फीसदी लीडर्स का मानना है कि घर से काम करने के दौरान कर्मियों के प्रदर्शन का आकलन करना बहुत चुनौतीपूर्ण है और 73 फीसदी का मानना है कि कर्मियों को काम में लगाए रखना बड़ी चुनौती है. 87 फीसदी का मानना है कि स्किल अपग्रेडेशन होना चाहिए और अब अपनी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए एक नई दौड़ शुरू होगी. उनका मानना है कि जल्द काम करने और आसानी से माहौल में ढलने जैसे सॉफ्ट स्किल्स तय करेंगे कि रोजगार किसे मिलेगा. स्टडी में पाया गया कि वर्क फ्रॉम होम कल्चर से कंपनियों के लिए अपने बेहतर कर्मी को रोके रखना सबसे महत्वपूर्ण टास्क हो गया है.

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