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  1. ADB ने घटाया भारत की मुद्रास्फीति का पूर्वानुमान, FY20 में 4.10% रहने की जताई उम्मीद

ADB ने घटाया भारत की मुद्रास्फीति का पूर्वानुमान, FY20 में 4.10% रहने की जताई उम्मीद

ADB ने एशियाई विकास परिदृश्य 2019 (ADO) के साथ कहा कि भारत दक्षिण एशिया क्षेत्र की मुद्रास्फीति को कम करने का मुख्य कारक रहेगा.

July 21, 2019 4:41 PM
Strong rupee, lower GDP likely to tame inflation in India to 4.1 pc in FY20: ADBरुपये में मजबूती और GDP रहेंगे कारक

एशियाई विकास बैंक (ADB) ने रुपये में मजबूती और सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के पूर्वानुमान में कटौती के कारण चालू वित्त वर्ष में भारत की मुद्रास्फीति यानी महंगाई का पूर्वानुमान घटाकर 4.10 प्रतिशत कर दिया है. ADB ने एशियाई विकास परिदृश्य 2019 (ADO) के साथ कहा कि भारत दक्षिण एशिया क्षेत्र की मुद्रास्फीति को कम करने का मुख्य कारक रहेगा.

ADB ने दक्षिण एशिया के लिये मुद्रास्फीति का अनुमान 4.70 प्रतिशत से घटाकर 4.50 प्रतिशत कर दिया है. परिदृश्य में भारत की GDP वृद्धि दर का अनुमान 2019-20 के लिए 0.20 प्रतिशत घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया है.

2020-2021 के लिए 4.40%

ADB ने कहा, ‘‘खाद्य मुद्रास्फीति में अनुमान से कम तेजी, अक्टूबर 2018 के बाद रुपये की मजबूती और GDP वृद्धि दर के अनुमान में कमी के कारण भारत की मुद्रास्फीति का अनुमान 0.20 प्रतिशत घटाकर 2019-20 के लिए 4.10 प्रतिशत और 2020-2021 के लिए 4.40 प्रतिशत किया जाता है.’’

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विकासशील एशिया के लिए मुद्रास्फीति अनुमान बढ़ाया

ADO सप्लीमेंट के मुताबिक, विकासशील एशिया के लिए 2019 और 2020 दोनों के लिए मुद्रास्फीति पूर्वानुमान को मामूली रिवाइज कर 2.5 फीसदी से 2.6 फीसदी किया गया है. इसकी वजह तेल की उच्च कीमतें और कई घरेलू कारक हैं. ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है. इससे जुड़ी चिंताएं सप्लाई और डिमांड दोनों को प्रभावित कर रही हैं.

अप्रैल-सितंबर के लिए RBI बढ़ा चुका है खुदरा महंगाई अनुमान

RBI ने जून में हुई मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में सामान्य मानसून की उम्मीदों के बावजूद खुदरा महंगाई अनुमान को मामूली रूप से बढ़ाकर मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही के लिए 3-3.1 फीसदी कर दिया था. इसके पीछे खाद्य कीमतों, प्रमुख रूप से सब्जियों की कीमतों में इजाफे का हवाला दिया गया था. हालांकि वित्त वर्ष 2019-20 की दूसरी छमाही के लिए खुदरा महंगाई अनुमान को घटाकर 3.4-3.7 फीसदी कर दिया गया था. पहले यह 3.5-3.8 फीसदी था.

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