सर्वाधिक पढ़ी गईं

भारत में आर्थिक रिकवरी पर S&P का भरोसा घटा, FY22 में GDP ग्रोथ 9.8% रहने का अनुमान, कोरोना की दूसरी लहर का असर

S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने वर्तमान वित्त वर्ष के लिए भारत के जीडीपी ग्रोथ के पूर्वानुमान को 11 फीसदी से घटाकर 9.8 फीसदी कर दिया है.

Updated: May 05, 2021 5:43 PM
S&P reduces india GDP projection for FY22 to 9.8 percent impact of coronavirus second wave reasonS&P ग्लोबल रेटिंग्स ने वर्तमान वित्त वर्ष के लिए भारत के जीडीपी पूर्वानुमान को घटाकर 9.8 फीसदी कर दिया है.

S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने बुधवार को वर्तमान वित्त वर्ष के लिए भारत में जीडीपी ग्रोथ के पूर्वानुमान को घटाकर 9.8 फीसदी कर दिया है. एजेंसी का मानना है कि कोविड की दूसरी लहर आर्थिक रिकवरी को पटरी से उतार सकती है. अमेरिकी रेटिंग एजेंसी ने मार्च में अनुमान लगाया था कि अप्रैल 2021 से मार्च 2022 के दौरान भारत की जीडीपी विकास दर 11 फीसदी रहेगी. एजेंसी ने तब भारत में आर्थिक गतिविधियों की तेजी से बहाली और सरकार की तरफ से मिल रहे वित्तीय प्रोत्साहन की वजह से आर्थिक रिकवरी की रफ्तार तेज़ रहने की उम्मीद जाहिर की थी .

भारत के लिए ‘BBB-‘ रेटिंग

S&P जिसकी भारत के लिए ‘BBB-‘ रेटिंग स्थिर आउटलुक के साथ है, ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के सुस्त होने की गंभीरता से उसकी सॉवरेन क्रेडिट प्रोफाइल पर झटके को पता चलेगा.

भारत सरकार की वित्तीय स्थिति पहले से मुश्किल में है. सामान्य सरकारी घाटा वित्त वर्ष 2021 में जीडीपी का करीब 14 फीसदी था, जिसमें नेट कर्ज जीडीपी के केवल 90 फीसदी से थोड़ा ज्यादा है. S&P ग्लोबल रेटिंग्स एशिया पैसेफिक चीफ इकॉनोमिस्ट Shaun Roache ने कहा कि मामलों में पीक का समय और उसके बाद गिरावट की दर से उनका विचार तय होगा.

Covid-19 India: न​हीं थम रहा कोरोना का कहर; 1 दिन में 3.82 लाख मामले और 3780 डेथ, एक्टिव केस 35 लाख के करीब

निजी खपत और निवेश पर असर

इसमें कहा गया है कि अनुमानों से आकलन है कि निजी खपत और निवेश को शुरुआती झटकों से बाकी अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पड़ेगा. उदाहरण के लिए, कम खपत का मतलब कम नौकरी, कम वेतन और खपत को दूसरा झटका है. आधिकारिक अनुमानों के मुताबिक, भारतीय अर्थव्यवस्था में 31 मार्च 2021 को खत्म हुए वित्त वर्ष 2020-21 में 8 फीसदी की गिरावट आई है.

S&P ने कहा कि उसका मध्यम परिदृश्य जीडीपी में करीब 1.2 फीसदी प्वॉइंट्स की गिरावट का संकेत देता है. इसका मतलब 31 मार्च 2022 को खत्म हो रहे वित्त वर्ष 2022 में 9.8 फीसदी की पूरे साल की ग्रोथ है. इसकी तुलना में मार्च 2021 में अवधि में 11 फीसदी का पूर्वानुमान रहा है. गंभीर परिदृश्य में, झटका 2.8 फीसदी अंकों का है, जिसमें 8.2 फीसदी की ग्रोथ है.

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. राष्ट्रीय
  3. भारत में आर्थिक रिकवरी पर S&P का भरोसा घटा, FY22 में GDP ग्रोथ 9.8% रहने का अनुमान, कोरोना की दूसरी लहर का असर

Go to Top