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Small Savings Scheme: छोटी बचत में पश्चिम बंगाल नंबर वन, PPF और NSC जैसी योजनाओं में 15% निवेश अकेले बंगाल का

Small Savings Scheme: देश भर में स्मॉल सेविंग्स में सबसे अधिक हिस्सेदारी पश्चिम बंगाल की है और उसके बाद उत्तर प्रदेश का नंबर आता है.

Updated: Apr 02, 2021 10:32 PM
Small Savings Scheme West Bengal contributes highest to small savings schemes and then up Maharashtra Gujarat enters in listएनएससी और पीपीएफ जैसी स्माल सेविंग्स स्कीम्स अपने सुरक्षित रिटर्न और टैक्स बेनेफिट्स के चलते लोगों के बीच बहुत पसंद की जाती है.

Small Savings Scheme:  पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की गहमागहमी के दौरान राज्य के विकास को लेकर पक्ष-विपक्ष में जमकर वार-पलटवार होते रहे हैं. राज्य की सत्ता पर दस साल से काबिज ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस विकास के मामले में अच्छा प्रदर्शन करने का दावा करती है, तो विरोधी दल टीएमसी पर राज्य को पिछड़ा बनाए रखने का आरोप लगाते हैं. लेकिन कम से कम एक आर्थिक आंकड़ा तो ऐसा ज़रूर है, जिसमें पश्चिम बंगाल देश में सबसे आगे है. यह आंकड़ा है, छोटी बचत योजनाओं में निवेश का.

ताजा आंकड़ों के मुताबिक राष्ट्रीय बचत पत्र (NSC) और पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) जैसी लोकप्रिय स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स में पैसे जमा करने के मामले में पश्चिम बंगाल देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे आगे है. राज्य के लोगों ने इन छोटी बचत योजनाओं में करीब 90 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया है, जो देश भर के निवेश का 15 फीसदी है. देश भर में स्मॉल सेविंग्स में हिस्सेदारी के लिहाज से उत्तर प्रदेश का नंबर पश्चिम बंगाल के बाद दूसरे स्थान पर है. इस समय देश के पांच राज्यों/केंद्र शासित प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों में सबसे अधिक चर्चा पश्चिम बंगाल की ही हो रही है. इन चुनावों के दौरान ही कुछ दिन पहले ही केंद्र सरकार ने स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स पर ब्याज दरों में कटौती का एलान किया था, लेकिन अगले ही दिन सरकार ने इस फैसले को वापस ले लिया.

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पश्चिम बंगाल के बाद स्माल सेविंग्स में यूपी की हिस्सेदारी अधिक

देश भर में स्माल सेविंग्स में सबसे अधिक हिस्सेदारी पश्चिम बंगाल की है और उसके बाद इस क्रम में उत्तर प्रदेश का नंबर आता है. देश में सबसे अधिक जनसंख्या वाले राज्य उत्तर प्रदेश से इन छोटी बचत योजनाओं में 69,660.70 करोड़ रुपये जमा हैं जबकि पूरे देश की बात करें तो 2017-18 तक इसमें 5.96 लाख करोड़ रुपये निवेश हुए हैं. यह आंकड़ा वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले नेशनल सेविंग्स इंस्टीट्यूट द्वारा कलेक्टेड डेटा पर आधारित है. इसमें सिर्फ निवेश का आंकड़ा शामिल है, रिडेंप्शन का नहीं. उत्तर प्रदेश के बाद इस सूची में महाराष्ट्र और गुजरात का क्रम आता है.

हर तिमाही दर निर्धारित करती है सरकार

केंद्र सरकार नियमित तौर पर इन छोटी बचत योजनाओं की दरें तय करती हैं. इसी क्रम में पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के चुनाव के एक दिन पहले बुधवार को सरकार ने विभिन्न योजानाओं में 1.1 फीसदी तक की कटौती का एलान किया था लेकिन अगले ही दिन सरकार ने इसे वापस ले लिया और दरों को अपरिवर्तित रखा यानी कि जो दरें जनवरी-मार्च 2021 तिमाही में थीं, वे अप्रैल-जून 2021 में भी जारी रहेंगी. सरकार द्वारा दरों में कटौती का फैसला वापस लिए जाने को लेकर विपक्षी नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार विधानसभा चुनाव गुजरने के बाद इसे वापस लागू कर सकती है.

इन राज्यों का इतना है स्माल सेविंग्स स्कीम्स में संग्रह

असम- 9,446.37 करोड़ रुपये
केरल- 14,763.01 करोड़ रुपये
तमिलनाडु- 28,598.18 करोड़ रुपये
पुड्डुचेरी- 1,082.40 करोड़ रुपये
महाराष्ट्र- 63,025.59 करोड़ रुपये
गुजरात- 48,645.28 करोड़ रुपये

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