सर्वाधिक पढ़ी गईं

महंगाई नहीं इकोनामिक ग्रोथ है सबसे बड़ी चिंता, RBI गवर्नर ने माना

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में इकोनॉमिक ग्रोथ रेट पांच फीसदी रही है. यह पिछले छह साल में सबसे कम रही है.

Updated: Oct 04, 2019 9:06 PM
shaktikanta das says not inflation but economic growth is important issue for indiaरिजर्व बैंक ने राजकोषीय घाटे को उसके तय दायरे में रखने की सरकार की प्रतिबद्धता को लेकर किसी तरह का संदेह नहीं जताया है.

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को यह स्वीकार किया कि रेपो रेट में लगातार पांचवीं बार कटौती इस कारण करनी पड़ी क्यों कि सुस्त पड़ती इकोनॉमिक ग्रोथ को लेकर दिख रही चिंता है और वृद्धि के इंजन को फिर से तेज वृद्धि की राह पर लेने के उपायों की जरूरत महसूस की जा रही है. रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को रेपो रेट को इस साल पांचवीं बार कम करते हुए 0.25 फीसदी घटाकर 5.15 फीसदी पर ला दिया. पिछले करीब एक दशक में यह रेपो की सबसे निचली रेट है. इससे पहले मार्च 2010 में यह पांच फीसदी रही थी. रिजर्व बैंक ने राजकोषीय घाटे को उसके तय दायरे में रखने की सरकार की प्रतिबद्धता को लेकर किसी तरह का संदेह नहीं जताया है. शक्तिकांत दास ने कहा ‘‘सरकार ने कहा है कि वह लक्ष्य हासिल करेगी इस पर हमें संदेह करने की कोई वजह नहीं दिखाई देती.’’

6 साल में सबसे कम इकोनॉमिक ग्रोथ

रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास ने इस बात को दोहराया कि सरकार की ओर से दिये गये राजकोषीय प्रोत्साहन, कंपनी कर की रेट में भारी कटौती अर्थव्यवस्था के लिए पूरी तरह से सकारात्मक कदम हैं. चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में इकोनॉमिक ग्रोथ रेट पांच फीसदी रही है. यह पिछले छह साल में सबसे कम रही है. इकोनॉमिक ग्रोथ रेट में आई इस गिरावट से सरकार से लेकर तमाम आर्थिक क्षेत्र में चिंता बढ़ गई. इसकी रफ्तार बढ़ाने के लिए वित्त मंत्रालय ने अगस्त के बाद से कई कदम उठाये हैं. वहीं रिजर्व बैंक ने अपने स्तर पर रेपो रेट में लगातार पांच बार कटौती की है. इसके साथ ही केन्द्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए इकोनॉमिक ग्रोथ के अनुमान को पहले के 6.9 फीसदी से घटाकर 6.1 फीसदी कर दिया.

RBI पॉलिसी में नरमी का कारण धीमी इकोनॉमिक ग्रोथ

हालांकि, महंगाई के मोर्चे पर ज्यादा बदलाव आने की उम्मीद नहीं है. दास ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मौद्रिक नीति समिति का मानना है कि अर्थव्यवस्था में लगातार बढ़ती सुस्ती को देखते हुए गतिविधियां बढ़ाने के लिए प्रयास और तेज किये जाने चाहिये.’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब तक इकोनॉमिक ग्रोथ की स्थिति ऐसी रहती है जैसी कि यह है और जब तक इकोनॉमिक ग्रोथ की गति नहीं बढ़ती है तब तक रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति के रुख को उदार बनाये रखेगा.’’रेपो रेट में कटौती का लाभ बैंक ग्राहकों तक पहुंचने के रास्ते में लघु बचत याजनाओं की ऊंची रेट के आड़े आने के सवाल पर दास ने कहा कि इन रेटों को लेकर रिजर्व बैंक सरकार से बातचीत कर रहा है. रिजर्व बैंक ने इकोनॉमिक ग्रोथ के समक्ष वैश्विक मोर्चे की चुनौतियों को बड़ा खतरा बताया है हालांकि, गवर्नर ने भारत- अमेरिका व्यापार मुद्दों का जल्द समाधान कर लिए जाने का विश्वास जताया.

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. राष्ट्रीय
  3. महंगाई नहीं इकोनामिक ग्रोथ है सबसे बड़ी चिंता, RBI गवर्नर ने माना

Go to Top