मुख्य समाचार:
  1. दुनिया के 15 सबसे गर्म स्थानों में 8 भारत से, उत्तरी हिस्से में प्रचंड गर्मी का कहर

दुनिया के 15 सबसे गर्म स्थानों में 8 भारत से, उत्तरी हिस्से में प्रचंड गर्मी का कहर

दुनिया भर के 15 सबसे गर्म स्थानों में 8 भारत से रहे.

June 4, 2019 3:33 PM
world hottest places, india world hottest places, inida, india weather, pakistan weather, heatwave in india, monsoon, pre monsoon, churu, rajsthan , madhya pradesh, skymate, स्काईमेट, गर्मी, भीषण गर्मी, दुनिया के 10 सबसे गर्म स्थान, प्रचंड गर्मी,इस बार प्री-मानसून बारिश का औसत 65 वर्षों में दूसरा सबसे कम रहा. (Image-Reuters)

उत्तर भारत में गर्मी अपना विकराल रूप दिखा रही है. रविवार को देश में गर्मी का प्रकोप कितना प्रचंड रहा, इसका अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि दुनिया भर के 15 सबसे गर्म स्थानों में 8 भारत से थे. शेष 7 गर्म स्थान पड़ोसी देश पाकिस्तान से थे. यह आंकड़ा मौसम पर नजर रखने वाली वेबसाइट ईआई डोराडो वेदर ने जारी किया है. मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक सोमवार को राजस्थान के एक शहर चुरू में 48.9 डिग्री सेल्सियस (120 फारेनहाइट) तापमान रिकॉर्ड किया है. एक गवर्नमेंट ऑफिसियल्स के मुताबिक राजस्थान के सीकर जिले में एक किसान की हीट स्ट्रोक से मौत हो चुकी है. सोमवार को पश्चिमी राजस्थान और मध्य प्रदेश में हीट वेव को लेकर चेतावनी जारी की जा चुकी है.

चुरू की सड़कों पर पानी का छिड़काव

चुरू ने गर्मी से राहत के लिए एक एडवायजरी जारी किया है और सरकारी अस्पतालों ने एक्स्ट्रा एयर कंडीशनर्स, कूलर्स और दवाइयों के साथ इमरजेंसी वार्ड की तैयारी भी कर ली है. यह जानकारी चुरू के एडीशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट ने दिया है. चुरू को थार रेगिस्तान का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है. चुरू की सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है ताप को नियंत्रित रखा जा सके.

गर्मी से बचने के लिए सरकार की गाइडलाइन

तेलंगाना में 17 लोगों की मौत

शुक्रवार को मीडिया में खबरें आई थी कि तेलंगाना में पिछले तीन हफ्तों में 17 लोगों की हीट वेव के कारण मौत हो चुकी है. हालांकि राज्य सरकार के अधिकारियों का कहना है कि अभी गर्मी से मरने वालों की संख्या पर प्रामाणिक तौर पर कुछ कहना मुश्किल है क्योंकि उनके मरने के कारण अभी तक स्पष्ट नहीं है.

प्री-मानसून बारिश 65 वर्षों में दूसरा सबसे कम

गर्मी से राहत मिलने में अभी दो दिन का समय है. मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिणी तट से मानसून 6 जून को टकराएगा. इस बार प्री-मानसून से बारिश बहुत कम हुई और पिछले 65 वर्षों में दूसरा सबसे कम रहा. प्री-मानसून अवधि 3 महीने की होती है और यह 31 मई को खत्म हो गई है. स्काईमेट के मुताबिक प्री-मानसून में इस बार बारिश का राष्ट्रीय औसत 99 मिमी रहा जबकि सामान्य तौर पर इसे 131.5 मिमी होना चाहिए.

Go to Top

FinancialExpress_1x1_Imp_Desktop