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दो माह बाद नवंबर में सर्विस सेक्टर में लौटी तेजी; नए ऑर्डर और भर्तियों से मिला सहारा

IHS इंडिया सर्विसेज बिजनेस एक्टिवटी सूचकांक नवंबर में सुधरकर 52.7 पर पहुंच गया.

Updated: Dec 04, 2019 1:57 PM

Services output expands for first time in 3 months: PMI

भारत के सेवा क्षेत्र (Service Sector) की गतिविधियों में दो महीने की गिरावट के बाद नवंबर में तेजी लौट आई. इसकी वजह नए बिजनेस ऑर्डर, तेज जॉब क्रिएशन और बिजनेस कॉन्फिडेंस में मजबूती आना रहा. IHS इंडिया सर्विसेज बिजनेस एक्टिवटी सूचकांक नवंबर में सुधरकर 52.7 पर पहुंच गया. अक्टूबर में यह 49.2 पर था.

सूचकांक के 50 से ऊपर रहने से यह पता चलता है कि गतिविधियों में विस्तार हुआ है, जबकि 50 से नीचे का सूचकांक गतिविधियों में संकुचन दर्शाता है. हालांकि यह अभी भी 54.2 के दीर्घकालिक औसत से नीचे बना हुआ है.

IHS मार्किट की प्रधान अर्थशास्त्री पॉलिआना डी लीमा ने कहा, ‘‘सेवा क्षेत्र ने सितंबर और अक्टूबर महीने में दर्ज की गई सुस्ती से उबरने का संकेत दिया है. हालांकि नवंबर के PMI से भी पता चलता है कि मांग को लेकर सतर्कता बनी हुई है और क्षेत्र की स्थिति अभी भी बहुत अच्छी नहीं है.’’

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नाजुक स्थिति के मिलते हैं संकेत

उन्होंने सतर्क करते हुए कहा कि भले ही सेवा क्षेत्र नवंबर में अच्छे से आगे बढ़ा है और दिसंबर में भी विस्तार के ही संकेत मिल रहे हैं, लेकिन इसके साथ ही सेवा क्षेत्र की नाजुक स्थिति के भी संकेत मिलते हैं. लीमा ने कहा, ‘‘बिक्री व गतिविधियों में विस्तार की दर ऐतिहासिक मानक की तुलना में कम है और कारोबार को लेकर भरोसा भी नरम बना हुआ है.’’

सर्वेक्षण के अनुसार, नवंबर में लागत में ठोस वृद्धि हुई है और मुद्रास्फीति 13 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है. हालांकि देश में सेवा के लिए वसूला जाने वाला औसत मूल्य मामूली बढ़ा है और इसकी वृद्धि की दर जुलाई के बाद से सबसे कम रही है.

 

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