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एक फैसले को रद्द कराने Google पहुंची दिल्ली हाई कोर्ट, कहा- नए आईटी कानून उस पर लागू नहीं

Google ने दिल्ली हाईकोर्ट की एकल पीठ के फैसले को रद्द करने के लिए कोर्ट के डिविजन बेंच के समक्ष याचिका दायर किया है.

Updated: Jun 03, 2021 8:38 AM
search engine Google challenges new IT rules says its not a social intermediary but an aggregatorदिल्ली हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के समक्ष अपनी याचिका में गूगल का कहना है कि कोर्ट की एकल पीठ ने उसके सर्च इंजन को गलत तरीके से सोशल इंटरमीडियरी कहा है जबकि वह एक एग्रीगेटर है.

दिग्गज सर्च इंजन कंपनी Google ने दिल्ली हाईकोर्ट की एकल पीठ के फैसले को रद्द करने के लिए बुधवार 2 जून को कोर्ट के डिविजन बेंच के समक्ष याचिका दायर किया है. गूगल ने हाई कोर्ट में कहा कि 20 अप्रैल को एकल पीठ द्वारा सुनाया गया फैसला रद्द किया जाना चाहिए क्योंकि वह एक सर्च इंजन है और इसलिए भारत के सूचना प्रौद्योगिकी नियम उस पर लागू नहीं होते हैं. दिल्ली हाई कोर्ट की एकल पीठ ने एक मामले की सुनवाई में 20 अप्रैल को गूगल से कुछ पोर्न वेबसाइट्स पर एक महिला की इंटरनेट पर मौजूद मार्फ्ड इमेज को आदेश की प्रति मिलने के 24 घंटे के भीतर ही हटाने का आदेश दिया था.
कोर्ट के आदेश के मुताबिक अगर गूगल दुनिया भर में सभी साईट्स से आपत्तिजनक सामग्री नहीं हटाता है तो उसे जो आईटी एक्ट के सेक्शन 79(1) के तहत इंटरमीडियरी के रूप में राहत मिली हुई है, वह खत्म हो जाएगी. इसके अलावा इसके अधिकारियों के खिलाफ आईटी एक्ट के सेक्शन 85 के तहत कार्रवाई की जाएगी.

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गूगल ने फैसले के अनुपालन में जताई असमर्थता

दिल्ली हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के समक्ष अपनी याचिका में गूगल का कहना है कि कोर्ट की एकल पीठ ने उसके सर्च इंजन को गलत तरीके से सोशल इंटरमीडियरी कहा है जबकि वह एक एग्रीगेटर है. इसके बाद गूगल ने याचिका में कहा कि वह भारत में आपत्तिजनक सामग्री को हटा सकता है लेकिन दुनिया भर में ऐसा करना संभव नहीं है. गूगल ने कोर्ट से कहा कि वह सिर्फ एक एग्रीगेगेटर है और आईटी रूल्स 2021 के मुताबिक सोशल मीडिया इंटरमीडियरीज ऐसे प्लेटफॉर्म्स हैं जिस पर ऑनलाइन इंटरैक्शन किया जा सकता है और इस पर कंटेंड क्रिएट किया जा सकता है व अपलोड किया जा सकता है.

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25 जुलाई तक डिवीजन बेंच ने कई पक्षों से मंगाई प्रतिक्रियाएं

डिवीजन बेंच ने 20 अप्रैल को सुनाए गए फैसले पर रोक तो नहीं लगाई है लेकिन केंद्र, दिल्ली सरकार, इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, फेसबुक, पोर्नोग्राफिक साइट और याचिकाकर्ता महिला को नोटिस भेजा है. डिवीजन बेंच ने 25 जुलाई तक गूगल की याचिका पर इन सबसे प्रतिक्रियाएं मांगी हैं. महिला ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर किया था कि फेसबुक और इंस्टाग्राम से उसकी तस्वीरें लेकर आपराधिक तत्वों ने उसे मार्फ्ड किया और उसे कुछ पोर्न साईट्स पर पोस्ट कर दिया.

(Article: Indu Bhan)

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