मुख्य समाचार:
  1. Ayodhya Case: सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता के लिए दिया 15 अगस्त तक और समय

Ayodhya Case: सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता के लिए दिया 15 अगस्त तक और समय

Ayodhya case: सुप्रीम कोर्ट ने पक्षों को 30 जून तक पैनल के समक्ष आपत्तियां दर्ज कराने की अनुमति दी है.

May 10, 2019 11:53 AM
SC extends time till Aug 15 for mediation process in Ayodhya caseAyodhya case: सुप्रीम कोर्ट ने पक्षों को 30 जून तक पैनल के समक्ष आपत्तियां दर्ज कराने की अनुमति दी है. (Reuters)

Ayodhya case: सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद मामले में अध्यक्षता के लिए समय सीमा बढ़ाकर 15 अगस्त कर दी है. सुप्रीम कोर्ट ने शीर्ष अदालत के पूर्व जज जस्टिस एफएमआई कलीफुल्ला की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय मध्यस्थता समिति को 15 अगस्त तक का समय दिया है.

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संवैधानिक बेंच ने कहा कि कोर्ट को जस्टिस कलीफुल्ला की तरफ से रिपोर्ट मिली थी, जिसमें उन्होंने मध्यस्थता प्रक्रिया पूरी करने के लिए 15 अगस्त तक का समय मांगा था. CJI रंजन गोगोई, जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि वह पैनल को और समय देने का फैसला करते हैं.

शीर्ष अदालत ने कहा कि मध्यस्थता प्रक्रिया के बीच कोई नहीं आएगा. न्यायालय ने पक्षों को 30 जून तक पैनल के समक्ष आपत्तियां दर्ज कराने की अनुमति दी है.

मध्यस्थता पैनल द्वारा ज्यादा समय मांगने का विरोध कर रहे पक्षों के तर्क को दरकिनार करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा, ‘अगर मध्यस्थता समिति को नतीजों को लेकर आशान्वित है और 15 अगस्त तक का समय मांगते हैं तो इसे स्वीकार करने में हर्ज क्या है? यह मामला सालों से पेंडिंग है. हमें इन्हें और समय क्यों नहीं देना चाहिए.’

8 मार्च को नियुक्त हुए मध्यस्थ

सुप्रीम कोर्ट ने बीते 8 मार्च के अयोध्या मामले के निपटारे के लिए तीन मध्यस्थ नियुक्त किए थे. इस मध्यस्थता समिति में सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस एफएम कलीफुल्ला के अलावा आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर और वरिष्ठ वकील श्रीराम पाचू शामिल हैं.

Go to Top

FinancialExpress_1x1_Imp_Desktop