मुख्य समाचार:

SBI रिसर्च ने घटाया भारत की वृद्धि दर का अनुमान, FY20 में 5% रहने की जताई संभावना

एसबीआई (SBI) की एक रिसर्च रिपोर्ट में देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) ग्रोथ रेट अनुमान को वित्त वर्ष 2019-20 के लिए घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है.

November 12, 2019 8:40 PM

SBI की एक रिसर्च रिपोर्ट में देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) ग्रोथ रेट अनुमान को वित्त वर्ष 2019-20 के लिए घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है. इससे पहले आर्थिक वृद्धि दर 6.1 फीसदी रहने की संभावना जताई गई थी. भारतीय स्टेट बैंक के आर्थिक शोध विभाग की रिपोर्ट ‘इकोरैप’ के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर घटकर 4.2 प्रतिशत रहने की संभावना है. इसकी वजह वाहनों की बिक्री में कमी, हवाई यातायात में कमी, बुनियादी क्षेत्र की वृद्धि दर स्थिर रहने और निर्माण एवं इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में निवेश में कमी है.

रिपोर्ट में हालांकि कहा गया है कि अगले वित्त वर्ष 2020-21 में आर्थिक वृद्धि दर में तेजी आएगी और यह 6.2 फीसदी रह सकती है. इसमें कहा गया है कि आर्थिक वृद्धि को रफ्तार देने के लिए रिजर्व बैंक दिसंबर की मौद्रिक नीति समीक्षा में पॉलिसी रेट में बड़ी कटौती कर सकता है. पिछले महीने रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती की. यह लगातार पांचवां मौका है जब पॉलिसी रेट में कटौती की गई है. केंद्रीय बैंक ने 2019-20 के लिए आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को भी 6.9 फीसदी से घटाकर 6.1 फीसदी कर दिया.

वृद्धि दर के मामले में वैश्विक बाजारों में नरमी का रखें ध्यान

एसबीआई रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया है कि 2019-20 के लिए जीडीपी वृद्धि के अनुमान को 6.1 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है. देश की जीडीपी वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 5 फीसदी रही जो 6 साल का न्यूनतम स्तर है. अक्टूबर 2018 में 33 प्रमुख संकेतकों में वृद्धि की रफ्तार 85 प्रतिशत रही जो सितंबर 2019 में केवल 17 प्रतिशत रह गई. मार्च 2019 से गिरावट में तेजी आई है.

महाराष्ट्र में लगा राष्ट्रपति शासन, रामनाथ कोविंद ने कैबिनेट की सिफारिश को दी मंजूरी

इकोरैप में कहा गया है कि 2019-20 में वृद्धि दर को वैश्विक बाजारों में नरमी को ध्यान में रखकर देखा जाना चाहिए. कई देशों में जून 2018 से जून 2019 में वृद्धि दर में 0.22 फीसदी से 7.16 फीसदी तक की गिरावट आई है और भारत उससे अलग नहीं हो सकता. इसमें कहा गया है कि मूडीज के परिदृश्य को स्थिर से नकारात्मक किए जाने से कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा. इसकी वजह यह है कि रेटिंग बीती बातों पर आधारित होती है ओर इस बार बाजार ने भी इसको पूरी तरह से नकार दिया है.

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. राष्ट्रीय
  3. SBI रिसर्च ने घटाया भारत की वृद्धि दर का अनुमान, FY20 में 5% रहने की जताई संभावना

Go to Top