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RBI के ब्याज दर बढ़ाने से रियल्टी सेक्टर परेशान, कहा- महंगे लोन का घरों की बिक्री पर पड़ेगा बुरा असर

आरबीआई पॉलिसी के बाद रियल एस्टेट कंपनियों ने कहा कि रेपो रेट में की गई बढ़ोतरी से किफायती और मध्यम आयवर्ग फैमिली में घरों की खरीदारी पर असर पड़ सकता है.

रेपो रेट में की गई बढ़ोतरी से घर खरीदने वालों के जेब पर बोझ बढ़ गई है. (image: pixabay)

Real Estate Sector: रेपो रेट में की गई बढ़ोतरी से घर खरीदने वालों के जेब पर बोझ बढ़ गई है. ऐसे में रियल एस्टेट कंपनियों की मुश्किलें भी बढ़ने की आशंका है. शुक्रवार को आरबीआई पॉलिसी के बाद रियल एस्टेट कंपनियों ने कहा कि रेपो रेट में की गई 0.5 फीसदी की बढ़ोतरी से किफायती और मध्यम आयवर्ग फैमिली में घरों की खरीदारी पर कुछ समय के लिए असर पड़ सकता है. रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष की चौथी मौद्रिक नीति समीक्षा (MPC) में लगातार तीसरी बार नीतिगत दर बढ़ाई गई है. कुल मिलाकर वित्तीय वर्ष 2022-23 में अब तक रेपो रेट में 1.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जा चुकी है.

हाउसिंग लोन और महंगा होगा

रेपो दर में की गई बढ़ोतरी को लेकर रियल एस्टेट परामर्श कंपनी एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि नीतिगत दर में 0.50 फीसदी का इजाफा निश्चित तौर पर अधिक है. इससे हाउसिंग लोन और महंगा होगा. उन्होंने बताया कि इसी के साथ हाउसिंग लोन पर सबसे कम ब्याज दर का दौर भी खत्म हो गया है, जो कोविड-19 महामारी की शुरुआत के बाद आवासीय बिक्री में बढ़ोतरी के सबसे प्रमुख कारणों में से एक था.

बैंकों ने लोन की दरों में शुरू किया इजाफा

कोलियर्स इंडिया के सीईओ रमेश नायर ने कहा कि कई बैंकों ने पहले ही हाउसिंग लोन की दरों में बढ़ोतरी शुरू कर दी है और इस प्रवृत्ति के जारी रहने की उम्मीद है. उन्होंने बताया कि बैंको द्वारा किए गए हाउसिंग लोन की उच्च दरों से घर खरीदारों की भावनाओं पर असर पड़ा है. खासकर किफायती और मध्यम आय वर्ग फैमिली पर. हालांकि, उच्च और लग्जरी आय वर्ग फैमिली पर इसका खास प्रभाव नहीं पड़ेगा.

खरीदारों के सेंटीमेंट पर असर

नाइट फ्रैंक इंडिया के चयरमैन एवं प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा कि तीसरी बार दरों में बढ़ोतरी का मतलब सामर्थ्य में गिरावट होगी और यह घर खरीदारों के सेंटीमेंट को प्रभावित कर सकती है. जेएलएल इंडिया के मुख्य अर्थशास्त्री समंतक दास ने कहा कि आवास ऋण की दरों में 0.30 से 0.40 प्रतिशत की और बढ़ोतरी आवासीय क्षेत्र में बिक्री को सुस्त कर सकती है.

इंडिया सोथबीज इंटरनेशनल रियल्टी के सीईओ अमित गोयल के अनुसार हाउसिंग लोन की दरें अब लगभग 8 फीसदी सालाना होने की उम्मीद है, जो मध्य और किफायती आवास खंड की मांग पर अल्पकालिक अवधि के दौरान कुछ हद तक मनोवैज्ञानिक रूप से कमी ला सकती है, लेकिन इसके लंबे समय तक जारी नहीं की संभावना नहीं है.

क्रेडाई एनसीआर के अध्यक्ष मनोज गौड़ ने कहा कि आरबीआई द्वारा रेपो दर में 0.50 फीसदीत की बढ़ोतरी उम्मीद के अनुरूप है. इस बढ़ोतरी के साथ रेपो दर अपना चक्र पूरा करते हुए महामारी के पूर्व स्तर पर वापस आ गई है. उन्होंने कहा कि हमें नहीं लगता कि इसका उपभोक्ताओं की भावनाओं पर ज्यादा प्रभाव पड़ेगा क्योंकि वे वर्तमान में उत्साहित है.

स्थायी प्रभाव नहीं होगा

रहेजा डेवलपर्स के नयन रहेजा ने कहा कि यह बढ़ोतरी शुरुआत में संपत्ति क्षेत्र के बाजारों को प्रभावित कर सकती है, लेकिन इसका कोई स्थायी प्रभाव नहीं होगा. क्रेडाई पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष अमित मोदी ने कहा कि आरबीआई का रेपो दर में बढ़ोतरी का निर्णय निश्चित रूप से घर खरीदारों की क्षमता को प्रभावित करने वाला है. इसका असर विशेष रूप से मध्यम वर्ग के लोगों पर दिखाई देगा. उन्होंने बताया कि इस बढ़ोतरी के बाद, लाखों घर खरीदार संपत्ति बाजार से दूर हो सकते हैं. साथ ही अचल संपत्ति बाजार में परियोजनाओं की बिक्री की गति भी कम हो जाएगी.

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