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RBI Monetary Policy: FY22 की पहली मॉनेटरी पॉलिसी का होगा एलान, क्या घटेगी आपकी EMI?

RBI Monetary Policy: रिजर्व बैंक आफ इंडिया (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी का आज यानी 7 अप्रैल को एलान होना है.

Updated: Apr 07, 2021 8:30 AM
RBI Monetary Policy, RBI MPC,The MPC statement has adequately discussed the risks to inflation thereby marginally revising up the inflation readings to 5.1% in FY2022.

RBI Monetary Policy: रिजर्व बैंक आफ इंडिया (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी का आज यानी 7 अप्रैल को एलान होना है. मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) की बैठक 5 अप्रैल को शुरू हुई थी, जिसके बाद आज नीतिगत दरों का लेकर एलान किया जाएगा. यह वित्त वर्ष 2022 की पहली मॉनेटरी पॉलिसी है. माना जा रहा है कि आरबीआई रेपो रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं करेगा. कोरोना वायरस मामलों में बढ़ोतरी की वजह से पैदा हुई अनिश्चित्ता के बीच, आरबीआई द्वारा मौद्रिक नीति समीक्षा में यथास्थिति बनाए रखने की उम्मीद है.

पिछली बैठक में नहीं हुआ था बदलाव

इससे पहले तीन दिनों की मौद्रिक नीति समीक्षा (MPC) की बैठक आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में होगी. 5 फरवरी को आखिरी मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद, केंद्रीय बैंक ने मुद्रास्फीति की चिंताओं का जिक्र करते हुए, मुख्य ब्याज दर (रेपो) में कोई बदलाव नहीं किया था.

जानकारों के मुताबिक, आरबीआई द्वारा उदार मौद्रिक नीति रवैये को जारी रखने और मॉनेटरी कदम का एलान करने के लिए सही समय का इंतजार करने की उम्मीद है. यह ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए सबसे बेहतर संभावित आउटकम सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा, जिसमें मुद्रास्फीति को काबू में रखने के मुख्य उद्देश्य को छोड़ा नहीं जाएगा. अभी रेपो दर 4 फीसदी और रिवर्स रेपो रेट 3.35 फीसदी है.

ग्रोथ बढ़ाना पहली प्राथमिकता

कोरोना महामारी की दूसरी लहर आर्थिक वृद्धि के लिए चुनौतियां पेश कर रही है. वहीं, सरकारी उधारी और बढ़ता बॉन्‍ड यील्‍ड भी आरबीआई के लिए बड़ी चुनौती है. जानकारों का कहना है कि केंद्रीय बैंक के लिए आर्थिक ग्रोथ की रफ्तार बढ़ाना सर्वोच्‍च प्राथमिकता रहेगी. ऐसे में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद नहीं की जा सकती है.

महंगाई ने बढ़ाई चिंता

महंगाई ने जो रफ्तार पकड़ी है, उससे आरबीआई की चिंता बढ़ी है. फ्यूल इनफ्लेशन 5.36 फीसदी पर पहुंच गया है वहीं कोर महंगाई दर 5.36 फीसदी पर पहुंच चुकी है. ऐसे में आरबीआई ब्याज दरों में कटौती का जोखिम नहीं लेना चाहेगा. रिजर्व बैंक के लिए ग्रोथ बढ़ाना प्राथमिकता होगी. इसके बावजूद ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद नहीं है. अभी रेपो रेट चार और रिवर्स रेपो दर 3.35 फीसदी है. 27 मार्च 2021 से CRR तीन फीसदी से बढ़कर 3.5 फीसदी कर दी गई है. वहीं 22 मई 2021 से सीआरआर बढ़ कर चार फीसदी हो जाएगा.

दरों में बदलाव की उम्मीद नहीं

Dun और Bradstreet ने एक रिपोर्ट में कहा कि हाल ही में कोविड-19 केस में हुई बढ़ोतरी और कुछ राज्यों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों से औद्योगिक उत्पादन की रफ्तार में आगे अनिश्चित्ता और रूकावटें आएंगी. Dun & Bradstreet के चीफ इकोनॉमिस्ट अरुण सिंह के मुताबिक बढ़ते मुद्रास्फीति के दबावों के बावजूद, उन्हें आरबीआई के पॉलिसी रेपो रेट को आने वाली मॉनेटरी पॉलिसी रिव्यू में बदलाव करने की उम्मीद नहीं है, जिसकी वजह कोविड-19 केस में तेज बढ़ोतरी की वजह से सामने आई अनिश्चित्ता है.

दरों को होल्ड रखने का अनुमान

अगली एमपीसी को लेकर उम्मीदों के बारे में पूछे जाने पर, एनरॉक प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि उपभोक्ता मुद्रास्फीति के अस्थिर रहने और पॉलिसी रेपो रेट में फरवरी 2020 से 115 बेसिस प्वॉइंट्स यानी बड़े तौर पर घटने के बाद, आरबीआई दरों को होल्ड पर रख सकती है.

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