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एटीएम को दीवार और फर्श से लगाने का निर्देश, आरबीआई ने दिया सितंबर तक का समय

एटीएम की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए केंद्रीय बैंक आरबीआई ने नए निर्देश जारी किए हैं.

June 15, 2019 7:28 PM
ATM, ATM SECURITY, ATM CHARGES, ATM GROUTING, RBI ON ATMS, rbi, rbi atm, neft, rtgs,एटीएम के प्रयोग पर बैंकों द्वारा लिए जा रहे शुल्क का रिव्यू करने के लिए एक समिति भी गठित. (Representative Image)

एटीएम की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए केंद्रीय बैंक आरबीआई ने नए निर्देश जारी किए हैं. RBI ने सभी बैंकों से कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनके ऑटोमेटेड टेलर मशीन (एटीएम) दीवार या जमीन से लगे हुए हों. इसे सितंबर 2019 के अंत तक हर हाल में सभी बैंकों को पूरा करना है. हालांकि आरबीआई के मुताबिक इस नियम से अत्यधिक सुरक्षा वाले क्षेत्रों से छूट मिलेगी. अत्यधिक सुरक्षा वाले क्षेत्रों में एयरपोर्ट्स जैसे क्षेत्र आते हैं जहां सुरक्षा व्यवस्था बहुत तगड़ी होती है. इन जगहों पर केंद्र या राज्य के सुरक्षाकर्मी लगे होते हैं और जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे भी लगे होते हैं. केंद्रीय बैंक ने सुरक्षा के सभी पहलुओं की समीक्षा के लिए 2016 में कमेटी ऑन करेंसी मूवमेंट (सीसीएम) का गठन किया था. इस समिति की सिफारिशों के आधार पर ही आरबीआई ने ये निर्देश जारी किए हैं.

एटीएम की सुरक्षा के लिए RBI की पहल

इसके अलावा केंद्रीय बैंक ने सभी बैंकों को एटीएम के लिए एक व्यापक ई-सर्विलांस मैकेनिज्म बनाने के लिए कहा है ताकि एटीएम से समय से एलर्ट और क्विक रिस्पांस मिल सके. आरबीआई ने बैंकों से कहा है कि एटीएम में नगदी भरने के लिए डिजिटल वन टाइम कांबिनेशन (ओटीसी) लॉक का प्रयोग किया जाए. आरबीआई की इस पहल का मुख्य उद्देश्य एटीएम के परिचालन से जुड़े खतरे को कम करना और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है.

कुछ दिनों पहले NEFT और RTGS चार्जेज हटा दिया था राहत

कुछ दिनों पहले रिजर्व बैंक ने डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए RTGS और NEFT के जरिए फंड ट्रांसफर पर से चार्ज हटा दिया. RBI ने बेंकों से भी कहा कि वे इसका फायदा तुरंत अपने कस्टमर्स को दें. माना जा रहा है कि अब बैंक भी अपने ग्राहकों के लिए RTGS और NEFT के जरिए फंड ट्रांसफर पर चार्ज हटा या कम कर सकते हैं. इसके अलावा आरबीआई ने एटीएम के प्रयोग पर बैंकों द्वारा लिए जा रहे शुल्क का रिव्यू करने के लिए एक समिति का गठन भी किया है. समिति को अपनी पहली बैठक के दो महीने के भीतर रिपोर्ट सबमिट करनी है.

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