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  1. NBFC कंपनियों को नहीं मिलनी चाहिए विशेष कर्ज सुविधा: RBI

NBFC कंपनियों को नहीं मिलनी चाहिए विशेष कर्ज सुविधा: RBI

रिजर्व बैंक का मानना है कि नकदी का संकट प्रणालीगत नहीं है यानी यह समस्या पूरे NBFC क्षेत्र में नहीं है.

May 22, 2019 7:06 PM
RBI rules out for special credit service for NBFCImage: Reuters

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) गैर-वित्तीय बैंकिंग कंपनियों (NBFC) को विशेष कर्ज सुविधा देने के पक्ष में नहीं है. रिजर्व बैंक का मानना है कि नकदी का संकट प्रणालीगत नहीं है यानी यह समस्या पूरे NBFC क्षेत्र में नहीं है.

IL&FS और उसके समूह की कंपनियों के कर्ज अदायगी में चूक के बाद NBFC के सामने नकदी का संकट खड़ा हो गया. इसे देखते हुए नीति आयोग और उद्योग से जुड़ी कंपनियों ने NBFC को विशेष कर्ज सुविधा देने की वकालत की थी.

नकदी संकट के दबाव में DHFL और इंडियाबुल्स फाइनेंस समेत कई NBFC कंपनियों को वाणिज्यिक पत्र पर अपनी निर्भरता को कम करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. IL&FS का संकट खड़ा होने के बाद बैंक एनबीएफसी क्षेत्र को कर्ज देने से बच रहे हैं, जिसकी वजह से उनके सामने दिक्कत खड़ी हो गई हैं.

क्षेत्र विशेष में नहीं है नकदी संकट

सूत्रों के मुताबिक, रिजर्व बैंक का मानना है कि उसके मूल्यांकन के आधार पर विशेष सुविधा की जरूरत नहीं है. नकदी का संकट क्षेत्र विशेष में नहीं है, बल्कि यह सिर्फ कुछ बड़ी NBFC कंपनियों तक सीमित है.

क्या है वाणिज्यिक पत्र

अनुमानों के मुताबिक, करीब एक लाख करोड़ रुपये के वाणिज्यिक पत्र (सीपी) अगले तीन महीने में भुनाने के लिए आएंगे. बता दें कि सीपी ऋण साधन है, जो कि कंपनियों द्वारा पूंजी जुटाने के लिए जारी किया जाता है. इसकी अवधि एक साल तक होती है. NBFC नकदी संकट से जूझ रही है ऐसे में आशंका है कि कंपनियां वाणिज्यिक पत्र पर चूक करेंगी.

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