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COVID-19: RBI का बड़ा एलान; हाउसिंग फाइनेंस और NBFCs को राहत, रिवर्स रेपो रेट में 0.25% की कटौती

देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार एक और राहत पैकेज का एलान कर सकती है.

April 20, 2020 4:46 PM
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कोविड 19 महामारी से अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए आरबीआई गवर्नर ने आज कुछ बड़े एलान किए हैं. फाइनेंशियल सिस्टम को आसान बनाए रखने के लिए इसमें पर्याप्त नकदी बढ़ाए जाने के लिए नए कदम उठाएं गए हैं. आरबीआई ने रिवर्स रेपो रेट में 25 अंकों की कटौती हुई है, हालांकि रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ है. वहीं एनबीएफसी और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों को भी राहत दी गई है.

TLTRO-2.0:  आज 25 हजार करोड़ के लिए बोली

आरबीआई ने टारगेटेड लांग टर्म रेपो आपरेशन (TLTRO) 2.0 की शुरूआत 50 हजार करोड़ रुपये से की है. वहीं यह भी कहा गसा है कि जरूरत पड़ने पर इसे 50 हजार करोड़ से ज्यादा भी बढ़ाया जा सकता है. इसके तहत आज ही 25 हजार करोड़ के लिए बोली मंगाई जाएगी. माना जा रहा है कि इससे फाइनेंशियल कंडीशन आसान होगी और कॉरपोरेट बांड मार्केट में हलचल बढ़ेगी. बैंक TLTRO से मिले फंड का निवेश एनबीएफसी में कर सकेंगे. TLTRO से मिले फंड का 50 फीसदी निवेश मझोले एनबीएफसी में करना होगा.

रिवर्स रेपो रेट में कटौती

आरबीआई ने रिवर्स रेपो रेट में कटौती की है. बैंक ने रिवर्स रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती की है, जिसके बाद यह 4 फीसदी से घटकर 3.75 फीसदी रह गया. आरबीआई गवर्नर का कहना है कि बैंक ज्यादा लोन दे सकें, इसलिए रिवर्स रेपो रेट में कटौती की गई है. वहीं, उन्होंने कहा कि रेपो रेट एमपीपी का मामला है, इसलिए इसमें किसी तरह की कटौती नहीं की गई है. बता दें कि 27 मार्च को रेपो रेट में 75 अंकों की कटौती हुई थी.

बैंक अगली नोटिस तक नहीं देंगे डिविडेंड

आरबीआई गवर्नर ने एनपीए नियमों में बैंकों को 90 दिन की राहत दी है. मोरेटोरियम पीरियड में एनपीए को नहीं गिना जाएगा.  शिड्यूल कमर्शियल बैंक और दूसरे फाइनेंशियल संस्थानों को अतिरिक्त 20 फीसदी का प्रोविजन करना होगा. लोन अकाउंट के रिजॉल्यूशन की चुनौतियों को देखते हुए रिजॉल्यूशन की अवधि को बढ़ाकर 90 दिन कर दिया गया है. डिफॉल्ट करने वाले बड़े लोन अकाउंट के रिजॉल्यूशन के लिए 180 दिनों का समय दिया जाएगा. 7 जून के सर्कुलर के तहत अतिरिक्त 20 फीसदी प्रोविजनिंग से छूट दी जाएगी. इसके साथ ही बैंक फिस्कल ईयर 2020 से अगले नोटिस तक डिविडेंड नहीं देंगे.

लिक्विड कवरेज रेश्यो घटा

शिड्यूल कमर्शियल बैंकों के लिए लिक्विड कवरेज रेश्यो (LCR) 100 फीसदी से घटाकर 80 फीसदी कर दिया गया है. यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू होगा. अक्टूबर 2020 तक इसे बढ़ाकर 90 फीसदी किया जाएगा और अप्रैल 2021 तक इसे दोबारा 100 फीसदी कर दिया जाएगा.

नाबार्ड, सिडबी को कैश

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि इकोनॉमी में ग्रोथ के लिए नाबार्ड को 25 हजार करोड़ रुपये, सिडबी को 15 हजार करोड़ रुपये और हाउसिंग फाइनेंस बैंक को 10 हजार करोड़ रुपये दिए जाएंगे. इससे एनबीएफसी, एमएसएमई, रियल एस्टेट को नकदी की किल्लत दूर होगी.

बता दें कि इससे पहले 27 मार्च को आरबीआई ने ब्याज दरों में बड़ी कटौती की थी. रेपो रेट में 0.75 फीसदी की कटौती की गई और 5.15 फीसदी से घटाकर 4.40 फीसदी पर आ गया. वहीं सीआरआर में 100 अंकों की कटौती कर इसे 3 फीसदी कर दिया गया. माना जा रहा है कि इन उपायों से सिस्अम में 3.74 लाख करोड़ की लिक्विडिटी आएगी. रेपो रेट वह दर है जिस पर आरबीआई बैंकों को कर्ज देता है लिहाजा रेपो रेट कम होने से बैंकों की लोन की लागत कम होगी और इससे लोन लेने वालों की ईएमआई सस्ती होने की पूरी उम्मीद है.

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