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RBI Policy: कैश की कमी नहीे होने देगा RBI, 12 फरवरी के सर्कुलर में कोई बदलाव नहीं : गवर्नर

RBI Policy: RBI ने कहा कि किसी सेक्टर में कैश की कमी नहीं होने देंगे.

February 7, 2019 3:04 PM
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RBI Policy: रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा है कि केंद्रीय बैंक यह सुनिश्चित करेगा कि अर्थव्यवस्था के किसी भी क्षेत्र के लिए लिक्विडिटी यानी नकदी की कमी नहीं हो. हम लगातार नकदी की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी क्षेत्र को नकदी की कमी न होने पाए. मौजूदा वित्त वर्ष में अब तक खुले बाजार में हस्तक्षेप के जरिए डाली गई नकदी 2.36 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई है.

बता दें कि रिजर्व बैंक ने प्रमुख नीतिगत ब्याज दर रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती कर 6.25 फीसदी कर दी. साथ ही मौद्रिक नीति के बारे में अपना दृष्टिकोण को भी ‘नपी-तुली कठोरता’ वाले से नरम कर ‘न्यूट्रल’ कर दिया है.

GST कलेक्शन में तेजी आने की उम्मीद

दास ने यह भी कहा कि आरबीआई को बजट में जताई गई संभावना के अनुरूप जीएसटी कलेक्शन में तेजी की उम्मीद है. इसमें 18 फीसदी की बढ़ोवृद्धि का अनुमान लगाया गया है. आचार्य ने कहा कि आरबीआई के फंसे कर्ज से संबंधित 12 फरवरी 2018 के परिपत्र में संशोधन का कोई प्रस्ताव नहीं है.

अंतरिम लाभांश का भुगतान वैधानिक

अंतरिम लाभांश भुगतान के बारे में दास ने कहा कि यह कानूनी प्रावधान है और निदेशक मंडल की 18 फरवरी को प्रस्तावित अगली बैठक में राशि तथा समय के बारे में निर्णय किया जाएगा. यह सरकार को तय करना है कि वह उसे कैसे खर्च करती है. सरकार को बढ़े हुए राजकोषीय घाटे के संशोधित लक्ष्य को हासिल करने के लिये अंतरिम लाभांश की काफी जरूरत है.

महंगाई के अनुमान को घटाया, मानसून होगा फैक्टर

रिजर्व बैंक ने खुदरा मुद्रास्फीति के अनुमान को भी कम किया है. मौजूदा वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही के लिये खुदरा मुद्रास्फीति अनुमान को कम कर 2.8 फीसदी किया गया है. दिसंबर, 2018 में यह 2.2 फीसदी रही थी. केंद्रीय बैंक ने अगले वित्त वर्ष की पहली छमाही के खुदरा मुद्रास्फीति अनुमान को भी कम कर 3.2-3.4 फीसदी कर दिया. इसके साथ ही वित्त वर्ष 2019-20 की तीसरी तिमाही के लिए मुद्रास्फीति अनुमान 3.9 फीसदी रखा रखा गया है.

इस बारे में दास ने कहा कि यह अनुमान मानसून के सामान्य रहने और क्रूड कही कीमतों को लेकर कोई निगेटिव सेंटीमेंट न आने की संभावना पर आधारित है. उन्होंने यह भी कहा कि मुद्रास्फीति का अनुमान कम करते समय बजट में किए गए विभिन्न प्रस्तावों और राजकोषीय घाटे के लक्ष्य से आगे निकलने की आशंका को भी ध्यान में रखा गया है. डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने कहा कि आरबीआई वास्तविक ब्याज दर लक्ष्य नहीं रखता.

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