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  1. फिर मिलेगा सस्ते कर्ज का तोहफा! RBI ब्याज दरों में 0.35% कर सकता है कटौती

फिर मिलेगा सस्ते कर्ज का तोहफा! RBI ब्याज दरों में 0.35% कर सकता है कटौती

RBI ब्याज दरों में कर सकता है ज्यादा कटौती

June 6, 2019 9:29 AM
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) गुरूवार को पेश होने वाली मॉनेटरी पॉलिसी रिव्यू में नीतिगत दरों में 0.35 फीसदी की गैर परंपरागत स्तर की कटौती कर सकता है. अमूमन केंद्रीय बैंक 0.25 या 0.50 फीसदी की कटौती या बढ़ोत्तरी करते हैं. लेकिन इस बार इसमें कुछ नया हो सकता है. विदेशी ब्रोकरेज कंपनी बैंक आफ अमेरिका मेरिल लिंच (BofAML) की रिपोर्ट में ये बात कही गई है. रिजर्व बैंक आज मॉनेटरी पॉलिसी रिव्यू मीटिंग के बाद पॉलिसी का एलान करने जा रहा है.

मुद्रास्फीति संतोषजनक स्तर पर

रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा समय में मुद्रास्फीति संतोषजनक स्तर पर है, जिस वजह से केंद्रीय बैंक परंपरा से हटकर ब्याज दरों में कुछ अधिक कटौती कर सकता है. हालांकि ज्यादातर विशेषज्ञों की राय है कि रिजर्व बैंक 6 जून को ब्याज दरों में 0.25 फीसदी की कटौती करेगा.

ग्रोथ रेट की चिंता में केंद्रीय बैंक द्वारा दरों में कटौती की उम्मीद जताई जा रही है. बता दें कि मार्च तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की ग्रोथ रेट घटकर 5.8 फीसदी पर आ गई है जो 5 साल में सबसे कम है. मुद्रास्फीति हालांकि अप्रैल में बढ़कर 2.92 फीसदी हो गई है.

राजकोषीय और करंसी के मोर्चे पर जोखिम कम

बैंक आफ अमेरिका मेरिल लिंच के विशेषज्ञों का मानना है कि रिजर्व बैंक नीतिगत दरों में 0.35 फीसदी की कटौती करेगी, जबकि मई महीने की मुद्रास्फीति 3.3 फीसदी पर पहुंच जाएगी. हालांकि यह सरकार द्वारा रिजर्व बैंक के लिए तय 2 से 6 फीसदी के लक्ष्य के भीतर ही है. रिपोर्ट में कहा गया कि नरेंद्र मोदी के दोबारा प्रधानमंत्री बनने के बाद राजकोषीय और करंसी के मोर्चे पर जोखिम कम हुआ है. इससे उम्मीद है कि ब्याज दरों में 0.25 फीसदी से अधिक की कटौती होगी.

लगातार तीसरी बार!

भारतीय रिजर्व बैंक गुरूवार को मौद्रिक नीति की समीक्षा में नीतिगत दरों में अगर कटौती करता है तो यह लगातार तीसरा मौका होगा जब वह ब्याज दर घटाएगा. पिछली दो बैठकों में भी एमपीसी नीतिगत दरों में चौथाई-चौथाई फीसदी की कटौती कर चुकी है. विशेषज्ञों का कहना है कि 2018-19 की चौथी तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर 5 साल के निचले स्तर पर आ गई है, जिसके मद्देनजर रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में कटौती की गुंजाइश बढ़ी है.

ज्यादा कटौती की जरूरत: SBI रिसर्च

देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने अपनी हालिया शोध रिपोर्ट में कहा था कि रिजर्व बैंक को ब्याज दरों में अधिक बड़ी कटौती करनी होगी, 0.25 फीसदी से अधिक, जिससे अर्थव्यवस्था में सुस्ती को रोका जा सके.

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी के अनुसार अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन के लिए केंद्रीय बैंक को ब्याज दरों में कटौती को जारी रखना होगा. उपभोक्ता सामान खंड में उत्पादन और बिक्री में कमी को दूर करने की जरूरत है. यात्री कारों, दोपहिया और गैर टिकाऊ सामान क्षेत्र में बिक्री में वृद्धि की जरूरत है.

कटौती के लिए अनुकूल परिस्थितियां

कोटक महिंद्रा बैंक की अध्यक्ष (उपभोक्ता बैंकिंग) शान्ति एकाम्बरम के अनुसार रिजर्व बैंक के लिए ब्याज दरों में कटौती की दृष्टि से वृहद वातावरण अनुकूल है. उन्होंने कहा, ‘‘हम लिक्विडिटी बढ़ाने के उपाय और ब्याज दरों में कटौती दोनों की उम्मीद कर रहे हैं. ब्याज दरों में कटौती चौथाई से आधा फीसदी तक हो सकती है.

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