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RBI Monetary Policy: रेपो रेट 9 साल में सबसे कम, RTGS और NEFT चार्ज खत्म

RBI monetary policy June 2019: आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने गुरुवार को चालू वित्त वर्ष की दूसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति का एलान किया.

Updated: Jun 06, 2019 4:30 PM
RBI monetary policyMonetary Policy: आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति का एलान किया. (Reuters)

RBI Monetary Policy June 2019: रिजर्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती की है. गुरुवार को चालू वित्त वर्ष 2019-20 की दूसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति का एलान करते हुए ​RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने रेपो रेट 0.25 फीसदी घटाकर 5.75 फीसदी कर दिया. इसके साथ ही रिवर्स रेपो रेट घटकर 5.50 फीसदी हो गया. रिजर्व बैंक ने CRR 4 फीसदी और SLR 19 फीसदी पर बरकरार रखा है. RBI ने इस साल लगातार तीसरी बार ब्याज दरों में कटौती की है. खास बात यह है कि इस बार मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) के सभी 6 सदस्य ब्याज दरें घटाने के पक्ष थे. ​इस कटौती के बाद रेपो रेट नौ साल के सबसे निचले स्तर पर आ गई है. एमपीसी ने पॉलिसी का रुख ‘न्यूट्रल’ से बदलकर ‘अकोमेडेटिव’ कर दिया है.

रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में कटौती का फैसला महंगाई दर के तय लक्ष्य के मुताबिक रहने और ग्रोथ को सपोर्ट देने के लिए किया है. रिजर्व बैंक ने खुदरा महंगाई दर (CPI) का लक्ष्य 2 फीसदी की कमी या बढ़ोतरी की गुंजाइश के साथ 4 फीसदी रखा था. एमपीसी मीटिंग के मिनट्स 20 जून 2019 को जारी किए जाएंगे. एमपीसी की अगली मीटिंग 5 से 7 अगस्त 2019 को होगी. समाप्त वित्त वर्ष 2018-19 में आर्थिक वृद्धि दर पांच साल के निचले स्तर 6.8 फीसदी पर आ गई है.

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FY20 के लिए GDP अनुमान घटाया

रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए जीडीपी ग्रोथ रेट का अनुमान 7.2 फीसदी से घटाकर 7.0 फीसदी कर दिया है. वित्त वर्ष 2020 की पहली छमाही के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.4-6.7 फीसदी रहने का अनुमान है. वहीं, दूसरी छमाही के लिए यह अनुमान 7.2-7.5 फीसदी रहने का अनुमान ज​ताया है.

H1 के लिए CPI का लक्ष्य 3-3.1 फीसदी

रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही के लिए खुदरा महंगाई दर का लक्ष्य 3-3.1 फीसदी रखा है. वहीं, दूसरी छमाही के लिए महंगाई का अनुमान 3.4 से 3.7 फीसदी रहने का लक्ष्य रखा है. रिजर्व बैंक ने माना है कि हाल के दिनों में ग्रामीण खपत में कमी आई है.

RBI की नई ब्याज दरें:

रेपो रेट : 5.75%
रिवर्स रेपो रेट : 5.50%
CRR : 4%
SLR : 19%

RTGS और NEFT चार्ज खत्म

रिजर्व बैंक ने डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए RTGS और NEFT के जरिए फंड ट्रांसफर पर से चार्ज हटा दिया है. RBI ने बेंकों से भी कहा है कि वे इसका फायदा तुरंत अपने कस्टमर्स को दें. RBI ने रिव्यू मीटिंग के बाद कहा कि डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए RTGS और NEFT के जरिए ट्रांजैक्शन पर लगने वाला चार्ज खत्म किया गया है. रिजर्व बैंक ने कहा है कि बैंकों को RTGS और NEFT चार्ज कम करके अपने कस्टमर्स तक ये लाभ पहुंचाना चाहिए.

आर्थिक विकास दर को मिलेगा सपोर्ट: इंडिया रेटिंग्स

रिजर्व बैंक की ओर से चालू वित्त वर्ष की दूसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में दरों में कटौती से निकट भविष्य में मांग बढ़ने की ज्यादा उम्मीद नहीं लगती. इसकी वजह वित्तीय बाजार में दर कटौती की त्वरित प्रतिक्रिया का अभाव है. इंडिया रेटिंग ने एक रिपोर्ट में यह आशंका जताई है.

रेटिंग एजेंसी का कहना है आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष में अब तक पॉलिसी रेट में कटौती का फायदा ग्राहकों तक नहीं पहुंचाया है. बैंकों ने अपने कर्ज और डिपॉजिट रेट में इसके बाद कोई खास बदलाव नहीं किया. इसके उलट कई बैंकों ने अपनी जमा दरों को बढ़ाया है ताकि अधिक से अधिक जमा राशि जुटाई जा सके.

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